Indian Railways New Rules: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और टिकटिंग सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए टिकट कैंसिलेशन, रिफंड, बोर्डिंग स्टेशन और काउंटर टिकट से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। ये बदलाव रेलवे के “52 हफ्तों में 52 सुधार” अभियान के तहत लागू किए गए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन सुधारों की जानकारी देते हुए कहा कि इनका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना और रेलवे की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक बनाना है।
सबसे बड़ा बदलाव टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में किया गया है। अब ट्रेन छूटने के समय के आधार पर रिफंड का नया स्लैब लागू होगा। इसके अलावा काउंटर टिकट देश के किसी भी रिजर्वेशन काउंटर से कैंसिल किए जा सकेंगे और बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है।
टिकट कैंसिलेशन पर नया रिफंड स्लैब
भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के नियमों को आसान और स्पष्ट बनाने के लिए नया रिफंड सिस्टम लागू किया है।
1. ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल
यदि कोई यात्री ट्रेन के प्रस्थान समय से 72 घंटे या उससे अधिक पहले टिकट रद्द करता है, तो केवल प्रति यात्री न्यूनतम फ्लैट कैंसिलेशन शुल्क काटा जाएगा। बाकी राशि रिफंड कर दी जाएगी।
2. 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिलेशन
अगर टिकट 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो कुल टिकट किराए का 25% कैंसिलेशन शुल्क काटा जाएगा और शेष राशि वापस मिलेगी।
3. 24 घंटे से 8 घंटे के बीच
यदि ट्रेन छूटने से 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द किया जाता है, तो यात्री को केवल 50% किराया ही रिफंड मिलेगा। यानी आधी राशि कैंसिलेशन चार्ज के रूप में कट जाएगी।
4. ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय
अगर ट्रेन के प्रस्थान में 8 घंटे से कम समय बचा है और टिकट कैंसिल किया जाता है, तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
देश के किसी भी रेलवे काउंटर से कैंसिल होगा टिकट
रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए नया नियम लागू किया है। अब काउंटर से खरीदे गए टिकट को देश के किसी भी रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर कैंसिल कराया जा सकेगा।
पहले यह सुविधा केवल उसी स्टेशन पर उपलब्ध थी जहां से टिकट बुक कराया गया था। नए नियम से दूसरे शहर में मौजूद यात्रियों को भी टिकट कैंसिल कराने में आसानी होगी।
अब 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
रेलवे ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है।
अब यात्री ट्रेन रवाना होने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।
पहले यह सुविधा केवल रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने से पहले तक ही उपलब्ध थी। नए नियम से अंतिम समय में यात्रा योजना बदलने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
रेलवे ठेकेदारों के लिए नियम हुए और सख्त
रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठेकेदारों की पात्रता से जुड़े नियम भी कड़े कर दिए हैं।
नए नियमों के अनुसार—
- EPC (Engineering, Procurement and Construction) परियोजनाओं में बोली लगाने वाली कंपनियों के पास कम से कम 20% समान कार्य पूरा करने का अनुभव होना जरूरी होगा।
- निविदा प्रक्रिया में बिड सिक्योरिटी परियोजना लागत का 2% निर्धारित की गई है।
- 10 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं में भाग लेने से पहले ठेकेदारों की वित्तीय और तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।
रेलवे का मानना है कि इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और समय पर पूरा होने की संभावना बढ़ेगी।
माल परिवहन में भी बड़ा सुधार
रेलवे ने माल ढुलाई को अधिक आधुनिक और किफायती बनाने के लिए भी कई नई पहल की हैं।
- ऑटोमोबाइल परिवहन के लिए सिंगल-स्टैक और डबल-स्टैक वैगन शुरू किए जाएंगे।
- नमक के परिवहन के लिए स्टेनलेस स्टील कंटेनर लाए जा रहे हैं।
- इन कंटेनरों में ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा होगी।
- नई प्रणाली से जंग, पानी के रिसाव और रखरखाव पर होने वाला नुकसान कम होगा तथा माल परिवहन अधिक सुरक्षित और तेज़ बनेगा।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
इन नए नियमों से यात्रियों को कई अहम लाभ मिलने की उम्मीद है।
- टिकट कैंसिलेशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
- देश के किसी भी रेलवे काउंटर से टिकट कैंसिल कराने की सुविधा मिलेगी।
- अंतिम समय तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
- रिफंड नियम पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट होंगे।
- रेलवे परियोजनाओं और माल परिवहन में दक्षता बढ़ेगी।
निष्कर्ष
भारतीय रेलवे के नए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियम यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। काउंटर टिकट को देश के किसी भी स्टेशन से कैंसिल करने की सुविधा, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ाना और रिफंड के लिए नया स्लैब लागू करना रेलवे की सेवाओं को अधिक यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं ठेकेदारों और माल परिवहन से जुड़े नए नियम रेलवे के बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने में मदद करेंगे।


