HCLTech Share Price: देश की दिग्गज आईटी कंपनी HCL Technologies ने जून तिमाही (Q1 FY27) में उम्मीद से बेहतर वित्तीय नतीजे पेश किए। कंपनी का मुनाफा और राजस्व दोनों ही बाजार के अनुमानों से बेहतर रहे, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। मंगलवार के कारोबार में HCLTech का शेयर करीब 5% तक टूट गया। इसकी सबसे बड़ी वजह रही कंपनी द्वारा पूरे वित्त वर्ष FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस में कोई बढ़ोतरी नहीं करना। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मौजूदा स्तर पर इस शेयर में निवेश करना चाहिए या अभी दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा?
Highlights
- HCLTech का शेयर एक दिन में करीब 5% गिरा
- जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़
- रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा
- FY27 का ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाने से बाजार निराश
- ICICI Securities ने ‘Reduce’ रेटिंग और ₹1,060 का टारगेट दिया
- Citi, Jefferies और JP Morgan भी सतर्क नजर आए
अच्छे नतीजों के बावजूद क्यों टूटा HCLTech का शेयर?
मंगलवार को HCL Technologies का शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 6.5% की तेजी दिखा चुका था।
बाजार की उम्मीद थी कि मजबूत तिमाही नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी पूरे साल के लिए अपने ग्रोथ आउटलुक को बेहतर करेगी। लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया, जिससे निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
जून तिमाही के नतीजे रहे उम्मीद से बेहतर
HCLTech ने अप्रैल-जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया।
- शुद्ध मुनाफा: ₹4,624 करोड़ (करीब 20% की सालाना बढ़ोतरी)
- कुल रेवेन्यू: ₹34,579 करोड़ (करीब 14% की वृद्धि)
- कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।
- बड़े डील्स और नए ऑर्डर्स (TCV) में भी अच्छी मजबूती देखने को मिली।
इन मजबूत आंकड़ों के बावजूद निवेशकों की नजर भविष्य की ग्रोथ पर थी।
गाइडेंस ने बिगाड़ा पूरा खेल
कंपनी ने FY27 के लिए अपना अनुमान नहीं बदला।
- कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ: 1% से 4%
- EBIT मार्जिन गाइडेंस: 17.5% से 18.5%
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कंपनी को आने वाले महीनों में बेहतर मांग की उम्मीद होती, तो वह अपने गाइडेंस में सुधार करती। गाइडेंस जस का तस रखने से संकेत मिला कि कंपनी अभी भी आईटी सेक्टर की मांग को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
ब्रोकरेज हाउस क्यों हुए सतर्क?
कई वैश्विक और घरेलू ब्रोकरेज फर्मों ने HCLTech को लेकर सतर्क रुख अपनाया है।
Centrum Broking का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ की रफ्तार सीमित रह सकती है।
Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी है।
J.P. Morgan ने ‘Underweight’ रेटिंग बरकरार रखी है।
Jefferies ने भी ‘Underperform’ की सलाह दी है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, वैश्विक कंपनियों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। विशेष रूप से टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आईटी सेवाओं की मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है।
ICICI Securities की क्या है राय?
ICICI Securities ने HCLTech पर अपनी ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है।
- टारगेट प्राइस: ₹1,060
- मौजूदा भाव: ₹1,164.60
- संभावित गिरावट: लगभग 9%
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के बड़े ऑर्डर मजबूत हैं, लेकिन उनका असर अभी तक वास्तविक रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग बढ़ रही है, लेकिन पारंपरिक आईटी सर्विसेज की सुस्त ग्रोथ अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
कंपनी ने दिया ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड
HCLTech ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है। इससे लंबी अवधि के निवेशकों को नियमित आय का लाभ मिलेगा। हालांकि, फिलहाल बाजार का फोकस डिविडेंड से ज्यादा भविष्य की ग्रोथ पर है।
टेक्निकल एनालिसिस: किन स्तरों पर रखें नजर?
चार्ट के अनुसार फिलहाल शेयर के लिए महत्वपूर्ण स्तर इस प्रकार हैं—
- सपोर्ट ज़ोन: ₹1,030–₹1,050
- रेजिस्टेंस ज़ोन: ₹1,220–₹1,250
यदि शेयर ₹1,220 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो आगे नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं ₹1,050 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर दबाव और बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
लंबी अवधि के नजरिए से HCLTech अब भी भारत की मजबूत आईटी कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास मजबूत क्लाइंट बेस, बेहतर ऑर्डर बुक, AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में अवसर मौजूद हैं। हालांकि, निकट अवधि में कमजोर गाइडेंस और वैश्विक आईटी खर्च में सुस्ती शेयर की चाल को प्रभावित कर सकती है।
जो निवेशक पहले से शेयर में निवेशित हैं, वे कंपनी के अगले कुछ तिमाहियों के प्रदर्शन और गाइडेंस पर नजर बनाए रखें। वहीं नई खरीदारी करने वाले निवेशक चरणबद्ध निवेश (SIP स्टाइल) या बेहतर वैल्यूएशन का इंतजार करने की रणनीति अपना सकते हैं।
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