Stock Market Crash Today: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स 561.46 अंक टूटकर 77,054.94 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50, 158.95 अंक फिसलकर 24,052.05 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में ₹2.19 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई।
अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

वैश्विक बाजारों में दबाव का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव रहा। इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचकर 85 डॉलर के करीब पहुंच गई। कच्चे तेल की महंगाई से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका के कारण एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का माहौल बना, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी दिनभर दबाव में रहे
सप्ताहिक एक्सपायरी के दिन बाजार की शुरुआत कमजोर रही और पूरे कारोबारी सत्र में दबाव बना रहा।
बंद होने पर प्रमुख इंडेक्स
- BSE Sensex: 77,054.94 (-561.46 अंक, -0.72%)
- NSE Nifty 50: 24,052.05 (-158.95 अंक, -0.66%)
इंट्राडे लो
- सेंसेक्स: 77,001.48
- निफ्टी: 24,023.70
लगातार तीन कारोबारी सत्रों तक मजबूती दिखाने के बाद बाजार ने आज लाल निशान में कारोबार समाप्त किया।
₹2.19 लाख करोड़ घट गई निवेशकों की संपत्ति
बाजार में आई गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा।
- 13 जुलाई 2026: BSE सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़
- 15 जुलाई 2026: घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़
यानी सिर्फ एक दिन में निवेशकों की संपत्ति ₹2,19,285.18 करोड़ कम हो गई।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा?

आज बाजार में सबसे अधिक कमजोरी सरकारी बैंक, रियल एस्टेट, ऑटो और आईटी शेयरों में देखने को मिली।
गिरावट वाले सेक्टर
- निफ्टी रियल्टी: लगभग 2% की गिरावट
- निफ्टी PSU बैंक: करीब 1.5% कमजोर
- निफ्टी ऑटो: लगभग 1.5% फिसला
- निफ्टी आईटी: 1% से अधिक टूटा
मजबूती वाले सेक्टर
- निफ्टी फार्मा: 1% से अधिक की तेजी
- निफ्टी मेटल: 0.5% से अधिक मजबूत
हालांकि फार्मा और मेटल शेयरों की खरीदारी भी बाजार की गिरावट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली
केवल लार्जकैप ही नहीं बल्कि व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा।
- निफ्टी मिडकैप 100: करीब 0.5% की गिरावट
- निफ्टी स्मॉलकैप 100: 1% से अधिक टूटा
इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में भी मुनाफावसूली की।
सेंसेक्स के सिर्फ 6 शेयर हरे निशान में बंद
30 शेयरों वाले सेंसेक्स में केवल 6 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 24 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयर
- भारती एयरटेल
- टीसीएस
- सन फार्मा
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
- एचसीएल टेक
- इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो)
- बजाज फिनसर्व
BSE पर बाजार की चौड़ाई भी रही कमजोर
आज BSE पर कुल 4,433 शेयरों में कारोबार हुआ।
- बढ़ने वाले शेयर: 1,501
- गिरने वाले शेयर: 2,737
- बिना बदलाव: 195
इसके अलावा,
- 134 शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचे।
- 64 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।
- 8 शेयर अपर सर्किट में रहे।
- 9 शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे।
आगे बाजार की नजर किन बातों पर रहेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर इन प्रमुख कारकों पर रहेगी—
- अमेरिका-ईरान तनाव में आगे की स्थिति
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- विदेशी निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री
- कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजे
- वैश्विक बाजारों का रुख
यदि भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो बाजार में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में खरीद या बिक्री की सलाह नहीं देता।


