Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में 14 जुलाई को लगातार दूसरे दिन दबाव देखने को मिला। कमजोर वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार का लॉन्ग टर्म ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है, लेकिन निकट अवधि में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। अब बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के बयान, पहली तिमाही (Q1) के कॉर्पोरेट नतीजों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव पर निर्भर करेगी।
गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख इंडेक्स
सोमवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक (0.72%) टूटकर 77,054.94 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 158.95 अंक (0.66%) फिसलकर 24,052.05 के स्तर पर आ गया और 24,100 के अहम स्तर के नीचे बंद हुआ।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। पूरे सत्र में लगभग 1,422 शेयरों में बढ़त, 2,632 शेयरों में गिरावट, जबकि 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इन शेयरों पर रहा सबसे ज्यादा दबाव
निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे:
- HCL Technologies
- श्रीराम फाइनेंस
- HDFC Life
- टाटा मोटर्स
- इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo)
वहीं दूसरी ओर निवेशकों ने कुछ डिफेंसिव शेयरों में खरीदारी की। सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे:
- भारती एयरटेल
- अपोलो हॉस्पिटल्स
- सन फार्मा
- TCS
- डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज
किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी?
पूरे बाजार में बिकवाली का दबाव लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में दिखाई दिया।
सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर:
- निफ्टी रियल्टी: -2%
- निफ्टी PSU बैंक: -1.8%
- निफ्टी ऑटो: -1.6%
- निफ्टी बैंक: -1.1%
- निफ्टी IT: -1%
इसके अलावा प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस, FMCG, मीडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए।
हालांकि, निफ्टी फार्मा ने लगभग 1% की बढ़त दर्ज कर बाजार को कुछ राहत दी। वहीं मेटल इंडेक्स भी हल्की मजबूती के साथ बंद हुआ।
छोटे और मझोले शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग 1% टूट गया।
बाजार पर क्यों बढ़ा दबाव?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
उनके मुताबिक तेल महंगा होने से भारत जैसे आयात-निर्भर देश की कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिससे आने वाली तिमाहियों में कॉर्पोरेट मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है।
इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कमजोर रुपया आयातित महंगाई बढ़ा सकता है, जिससे कई उद्योगों की लागत प्रभावित हो सकती है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार की धारणा को कमजोर कर रही है।
इक्विरस वेल्थ के एमडी एवं बिजनेस हेड अंकुर पुंज के अनुसार, ग्लोबल संकेतों की कमजोरी, महंगे कच्चे तेल और रुपये में गिरावट के चलते बैंकिंग, आईटी, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और केवल चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करना पसंद कर रहे हैं।
अब सबकी नजर अमेरिकी फेड पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन के बयान बेहद अहम रहेंगे।
यदि ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलते हैं तो वैश्विक बाजारों में दबाव और बढ़ सकता है। दूसरी ओर, यदि नरम रुख देखने को मिलता है तो भारतीय बाजार को राहत मिल सकती है।
इसके साथ ही Q1 अर्निंग्स सीजन भी बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब तक आए कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
15 जुलाई के लिए निफ्टी पर क्या है टेक्निकल संकेत?
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार, निफ्टी गैप-डाउन खुलने के बावजूद पूरे दिन एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा।
उन्होंने बताया कि:
- निफ्टी अभी भी 50 EMA के ऊपर बना हुआ है।
- इंडेक्स ने पिछले कारोबारी सत्र के निचले स्तर के पास मजबूत सपोर्ट लिया।
- जब तक निफ्टी 23,950 के ऊपर बना रहता है, तब तक शॉर्ट टर्म ट्रेंड सकारात्मक माना जा सकता है।
प्रमुख स्तर
सपोर्ट: 23,950
रेजिस्टेंस: 24,250–24,300
यदि निफ्टी 23,950 के नीचे फिसलता है तो बाजार में कंसोलिडेशन या अतिरिक्त कमजोरी देखने को मिल सकती है।
बैंक निफ्टी पर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा के अनुसार, बैंक निफ्टी ने दैनिक चार्ट पर बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है, जो ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का संकेत देता है।
इसके अलावा:
- इंडेक्स 200-Day Moving Average के आसपास बंद हुआ।
- RSI पर Lower Top बनने से मोमेंटम कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
बैंक निफ्टी के अहम स्तर
- सपोर्ट: 56,800–56,900
- रेजिस्टेंस: 58,200
विशेषज्ञों की राय है कि जब तक बैंक निफ्टी में स्पष्ट ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं मिलता, तब तक नई ट्रेडिंग पोजीशन लेने में सावधानी बरतनी चाहिए।
किन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर?
15 जुलाई के कारोबार में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे:
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन का बयान
- अमेरिका-ईरान और पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- विदेशी निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री
- Q1FY27 कॉर्पोरेट नतीजे
- रुपये की चाल और डॉलर इंडेक्स
निष्कर्ष
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक अनिश्चितताओं का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे बाजार को सहारा दे सकते हैं, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अमेरिकी फेड के संकेतों के चलते निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


