Jio Platforms IPO: रिलायंस समूह की डिजिटल कंपनी Jio Platforms ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO से पहले बड़ा नेतृत्व परिवर्तन किया है। कंपनी ने किरण थॉमस की जगह पंकज पवार को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कंपनी शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है और IPO के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना है।
IPO से पहले नेतृत्व में बड़ा बदलाव
Jio Platforms द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास जमा किए गए ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार, किरण थॉमस ने 23 मार्च को CEO पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद 24 मार्च से पंकज पवार ने नए CEO के रूप में कार्यभार संभाल लिया।
यह बदलाव कंपनी की भविष्य की रणनीति और IPO की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कौन हैं नए CEO पंकज पवार?
53 वर्षीय पंकज मोहन पवार रिलायंस समूह के अनुभवी अधिकारियों में शामिल हैं। वह वर्तमान में Reliance Jio Infocomm Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं।
ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक—
- पंकज पवार वर्ष 2000 से रिलायंस समूह से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें दूरसंचार, डिजिटल सेवाओं और बड़े उपभोक्ता कारोबार को विकसित करने का लगभग तीन दशक का अनुभव है।
- उन्होंने जियो के विस्तार और डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
किरण थॉमस का क्या हुआ?
किरण थॉमस लंबे समय तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट रहे और जियो की डिजिटल सेवाओं की शुरुआत से ही कंपनी के प्रमुख चेहरों में शामिल थे। रिलायंस की वार्षिक आम बैठकों (AGM) और विभिन्न कारोबारी प्रस्तुतियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हालांकि, IPO के लिए दाखिल ड्राफ्ट दस्तावेजों में उन्हें कंपनी के प्रमुख प्रबंधन अधिकारियों (Key Managerial Personnel) की सूची में शामिल नहीं किया गया है। इस संबंध में मीडिया द्वारा कंपनी से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला।
मुकेश अंबानी और परिवार की बोर्ड में अहम भूमिका
IPO दस्तावेजों के अनुसार Jio Platforms के बोर्ड में रिलायंस परिवार की भूमिका भी स्पष्ट की गई है।
- मुकेश अंबानी – चेयरमैन एवं नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- आकाश अंबानी – मैनेजिंग डायरेक्टर
- ईशा अंबानी – नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- अनंत अंबानी – नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- मनोज हरजीवन दास मोदी – नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
इससे साफ है कि IPO के बाद भी कंपनी की रणनीतिक कमान अंबानी परिवार के हाथों में बनी रहेगी।
Jio Platforms IPO से कितना पैसा जुटाएगी?
Jio Platforms अपने प्रस्तावित IPO के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की तैयारी कर रही है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के मजबूत डिजिटल कारोबार, टेलीकॉम नेतृत्व, 5G नेटवर्क और AI आधारित सेवाओं पर फोकस के चलते इस IPO को निवेशकों से अच्छा प्रतिसाद मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
IPO से पहले किसी कंपनी के शीर्ष प्रबंधन में बदलाव को निवेशक गंभीरता से देखते हैं। पंकज पवार की नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि Jio Platforms अब अगले चरण की ग्रोथ, डिजिटल इनोवेशन और सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी के रूप में संचालन की तैयारी कर रही है।
कंपनी का मजबूत ग्राहक आधार, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और रिलायंस समूह का समर्थन इसे भारतीय पूंजी बाजार के सबसे चर्चित IPO में से एक बना सकता है।


