Nifty Trade Setup: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन अभी भी बाजार पूरी तरह से तेजी के ट्रेंड में नहीं लौटा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक Nifty 50 मजबूती के साथ 24,400 के स्तर को पार नहीं करता, तब तक बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है।
निफ्टी के लिए फिलहाल 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है, जबकि इसके नीचे जाने पर 23,800 का स्तर अगला बड़ा सपोर्ट होगा। अगर निफ्टी इन स्तरों को भी तोड़ता है तो बाजार दोबारा कंसोलिडेशन फेज में प्रवेश कर सकता है।
वहीं, ऊपर की तरफ 24,600 और 24,800 के स्तर अगले महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बने हुए हैं। इन स्तरों के ऊपर टिकाऊ तेजी आने पर ही बाजार में मजबूत अपट्रेंड की पुष्टि मानी जाएगी।
शेयर बाजार का मौजूदा ट्रेंड क्या बता रहा है?
पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार के सेंटीमेंट में सुधार देखने को मिला है। 10 जुलाई को निफ्टी में करीब 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी। हालांकि, यह रिकवरी अभी भी बुधवार की तेज गिरावट के दायरे में ही रही।
निफ्टी 50 इंडेक्स:
- अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर लौट आया है।
- 100-दिन के EMA के ऊपर कारोबार कर रहा है।
- मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार देखने को मिला है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर निफ्टी 24,400 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है तो खरीदारी का रुझान और मजबूत हो सकता है।
Nifty के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट
- 24,144
- 24,118
- 24,077
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस
- 24,226
- 24,252
- 24,293
ट्रेडर्स इन स्तरों पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि इनके आसपास बाजार में तेजी या कमजोरी के संकेत मिल सकते हैं।
Nifty Technical Analysis: चार्ट पर तेजी के संकेत
गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने एक बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। इस कैंडल में ऊपर की तरफ छोटी शैडो देखने को मिली, जो बाजार में खरीदारी की मौजूदगी को दर्शाती है।
तकनीकी संकेतों के अनुसार:
- निफ्टी 10, 20 और 100-दिन के EMA के ऊपर पहुंच गया है।
- 50-दिन के EMA के ऊपर भी इंडेक्स बना हुआ है।
- गिरती हुई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन को ब्रेक किया गया है।
- जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊपरी स्तर तक आई तेजी के 23.6% फिबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर इंडेक्स पहुंच गया है।
Momentum Indicators
RSI (Relative Strength Index):
RSI बढ़कर 55.80 पर पहुंच गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है।
MACD:
MACD अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
ये संकेत बताते हैं कि बुधवार की तेज गिरावट के बाद निफ्टी के शॉर्ट टर्म मोमेंटम में सुधार हुआ है।
Bank Nifty Trade Setup: जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस
बैंक निफ्टी में भी पिछले दो सत्रों में मजबूती देखने को मिली है। इंडेक्स ने गैप-अप ओपनिंग के बाद लगातार दूसरे दिन लंबी बुलिश कैंडल बनाई।
यह संकेत देता है कि बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का दबाव बना हुआ है।
Bank Nifty Support Levels
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,700
- 57,541
- 57,283
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट:
- 56,305
- 56,441
Bank Nifty Resistance Levels
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 58,216
- 58,375
- 58,633
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 59,195
- 61,717
Bank Nifty Technical Analysis
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपरी शैडो वाली मजबूत बुलिश कैंडल बनाई है। इंडेक्स:
- शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया है।
- मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है।
- शॉर्ट और मीडियम टर्म एवरेज ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।
इंडिकेटर्स का संकेत
RSI:
बैंक निफ्टी का RSI बढ़कर 58.38 हो गया है। हालांकि यह अभी अपनी रेफरेंस लाइन के नीचे है।
MACD:
MACD अभी सिग्नल लाइन से नीचे है, लेकिन रेड हिस्टोग्राम बार छोटे हो रहे हैं, जो कमजोर होते मंदी के मोमेंटम का संकेत है।
FII और DII फंड फ्लो
विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियां बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रही हैं।
FII निवेश
10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने:
- ₹2,603 करोड़ की खरीदारी की।
बिकवाली के एक दिन बाद FIIs नेट खरीदार बने।
DII निवेश
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सत्र में खरीदारी जारी रखी।
- DIIs ने ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।
संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सपोर्ट दे रही है।
India VIX में गिरावट, बाजार को राहत
बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX पिछले सत्रों में नरम हुआ है।
बुधवार को तेज उछाल के बाद:
- India VIX में 8.31% की गिरावट आई।
- यह 12.25 के स्तर पर बंद हुआ।
वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, जो बुल्स के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
अगर India VIX आगे गिरकर 10-11 के जोन में पहुंचता है तो बाजार में तेजी को और समर्थन मिल सकता है।
Nifty Put-Call Ratio (PCR) में तेजी
बाजार के सेंटीमेंट को समझने वाले Nifty Put-Call Ratio में भी सुधार देखने को मिला है।
10 जुलाई को PCR:
- पिछले सत्र के 0.94 से बढ़कर 1.25 हो गया।
आमतौर पर:
- PCR का 1 से ऊपर जाना तेजी की भावना को दर्शाता है।
- 0.7 से नीचे गिरना कमजोरी का संकेत माना जाता है।
मौजूदा PCR आंकड़ा बताता है कि बाजार में बुलिश सेंटीमेंट मजबूत हुआ है।
F&O Ban में शामिल स्टॉक्स
F&O सेगमेंट में उन शेयरों को प्रतिबंधित किया जाता है जिनमें मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) 95% से अधिक हो जाती है।
नए शामिल स्टॉक:
- कोई नहीं
पहले से प्रतिबंधित स्टॉक:
- केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
प्रतिबंध से बाहर हुए स्टॉक:
- कोई नहीं
आज के ट्रेडर्स के लिए रणनीति
बाजार में फिलहाल तेजी और कमजोरी के बीच संतुलन बना हुआ है। ट्रेडर्स को निफ्टी के महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखनी चाहिए।
24,400 के ऊपर मजबूती बाजार में नई तेजी का संकेत दे सकती है।
वहीं, 24,000 और 23,800 के स्तर टूटने पर दबाव बढ़ सकता है।
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस के आधार पर पोजीशन लेना बेहतर रणनीति हो सकती है।
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