HUDCO Odisha MoU: नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) ने ओडिशा सरकार के साथ ₹1 लाख करोड़ के मेगा समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत कंपनी अगले पांच वर्षों में राज्य की शहरी आधारभूत संरचना (Urban Infrastructure) और हाउसिंग परियोजनाओं के लिए टर्म लोन उपलब्ध कराएगी। इस बड़ी घोषणा के बाद सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर HUDCO के शेयर पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
BSE को दी गई जानकारी के मुताबिक, HUDCO अगले 5 वर्षों में ₹1 लाख करोड़ तक की वित्तीय सहायता देगा। इस समझौते का उद्देश्य ओडिशा में बड़े पैमाने पर शहरी विकास परियोजनाओं को गति देना और राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना है।
ओडिशा सरकार के साथ क्या है पूरा समझौता?

11 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर में हुए इस समझौते के तहत Urban Challenge Fund (UCF), Bhubaneswar-Cuttack-Puri-Paradip Economic Region (BCPPER) और मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना (MSVY) के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस फंड का इस्तेमाल सड़क निर्माण, आवास, शहरी सुविधाओं के विकास और आवश्यकता पड़ने पर भूमि अधिग्रहण जैसे कार्यों में किया जाएगा।
सिर्फ फंडिंग नहीं, तकनीकी सहायता भी देगा HUDCO
HUDCO अपने UiWIN Initiative के तहत केवल लोन उपलब्ध नहीं कराएगा, बल्कि परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए तकनीकी सहयोग भी देगा।
इसके तहत कंपनी निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराएगी:
- डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में सहायता
- प्री-फिजिबिलिटी स्टडी (Pre-feasibility Study)
- प्रोजेक्ट स्ट्रक्चरिंग
- एसेट रजिस्टर तैयार करना
- फाइनेंशियल मॉडलिंग
- वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के लिए सहयोग
करार की प्रमुख शर्तें
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| कुल लोन राशि | ₹1,00,000 करोड़ |
| अवधि | 5 वर्ष |
| मोरेटोरियम | फ्लेक्सिबल |
| पुनर्भुगतान अवधि | 25 वर्ष तक |
लोन की अदायगी कैसे होगी?
MoU के अनुसार, प्रत्येक परियोजना के लिए Escrow Account बनाया जाएगा। परियोजनाओं से होने वाली आय इसी खाते में जमा होगी और उसी राशि से HUDCO को लोन की किस्तों का भुगतान किया जाएगा।
यदि किसी परियोजना से पर्याप्त आय नहीं होती है, तो ओडिशा सरकार अपने अन्य राजस्व स्रोतों या बजटीय सहायता के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करेगी। इससे समय पर भुगतान और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
तीन साल तक प्रभावी रहेगा MoU
HUDCO और ओडिशा सरकार के बीच हुआ यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा। हालांकि इसकी हर वर्ष समीक्षा की जाएगी ताकि परियोजनाओं की प्रगति और राज्य की जरूरतों के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जा सकें।
इसके अलावा, प्रत्येक परियोजना के लिए अलग-अलग प्रोजेक्ट एग्रीमेंट किए जाएंगे, जिनमें वित्तीय शर्तें और अन्य प्रावधान अलग से तय होंगे।
इससे पहले बिहार सरकार के साथ भी हुआ था बड़ा करार
HUDCO ने 3 जुलाई 2026 को बिहार सरकार के साथ भी ₹1 लाख करोड़ का MoU किया था। उस समझौते के तहत भी अगले पांच वर्षों में राज्य की शहरी विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह डील?
₹1 लाख करोड़ का यह समझौता HUDCO के लिए दीर्घकालिक कारोबार का बड़ा अवसर माना जा रहा है। यदि परियोजनाएं तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो कंपनी की:
- लोन बुक में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
- ब्याज आय बढ़ने की संभावना है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कारोबार को मजबूती मिल सकती है।
- सरकारी परियोजनाओं के प्रमुख वित्तपोषक के रूप में HUDCO की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
इसी वजह से सोमवार को बाजार खुलने पर HUDCO के शेयर में हलचल देखने को मिल सकती है।
HUDCO शेयर का प्रदर्शन
10 जुलाई को HUDCO का शेयर 1.05% की बढ़त के साथ ₹207.05 पर बंद हुआ।
कंपनी का:
- 52 सप्ताह का उच्च स्तर: ₹246.90
- 52 सप्ताह का निचला स्तर: ₹158.95
- मार्केट कैप: ₹41,449.34 करोड़
अलग-अलग अवधि में रिटर्न
| अवधि | बदलाव |
|---|---|
| 1 सप्ताह | -3.92% |
| 2 सप्ताह | -0.58% |
| 1 महीना | +1.02% |
| 3 महीने | +12.53% |
| 6 महीने | -3.70% |
| 2026 में अब तक | -9.03% |
| 1 वर्ष | -10.48% |
| 2 वर्ष | -37.28% |
| 3 वर्ष | +250.34% |
| 5 वर्ष | +298.94% |
(नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)


