एआई इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा अब अदालत तक पहुंच गई है। iPhone बनाने वाली Apple ने ChatGPT की पैरेंट कंपनी OpenAI और अपने दो पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ अमेरिकी अदालत में मुकदमा दायर किया है। Apple का आरोप है कि OpenAI ने उसके पूर्व कर्मचारियों के जरिए कंपनी के ट्रेड सीक्रेट्स और गोपनीय तकनीकी जानकारियों तक पहुंच बनाने की कोशिश की, ताकि वह अपने एआई हार्डवेयर बिजनेस को तेजी से आगे बढ़ा सके।
हालांकि OpenAI ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी का फोकस नई तकनीक विकसित करने पर है और उसे किसी अन्य कंपनी के ट्रेड सीक्रेट्स में कोई रुचि नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
Apple का दावा है कि उसके 400 से अधिक पूर्व कर्मचारी अब OpenAI में काम कर रहे हैं। कंपनी का आरोप है कि इनमें से कुछ लोगों का इस्तेमाल Apple की गोपनीय तकनीकी जानकारी हासिल करने और उसका फायदा उठाने की सुनियोजित रणनीति के तहत किया गया।
Apple के अनुसार, पूर्व कर्मचारियों के पास कंपनी की संवेदनशील जानकारी होना सामान्य बात है, लेकिन OpenAI उन जानकारियों का इस्तेमाल अपने एआई हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स के लिए नहीं कर सकता।
किन पूर्व कर्मचारियों पर लगे हैं आरोप?
Apple ने मुकदमे में अपने दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए हैं।
1. चांग लियू (Chang Liu)
Apple के पूर्व सीनियर सिस्टम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर Chang Liu पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी छोड़ने के बाद भी Apple का लैपटॉप वापस नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने कथित तौर पर एक ऑथेंटिकेशन बग का फायदा उठाकर Apple के इंटरनल नेटवर्क में प्रवेश किया और हार्डवेयर से जुड़ी कई गोपनीय फाइलें डाउनलोड कीं।
2. टैंग यू टैन (Tang Yew Tan)
पूर्व वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट डिजाइन) Tang Yew Tan, जिन्होंने करीब 24 वर्षों तक Apple में काम किया, पर आरोप है कि कंपनी छोड़ने से पहले उन्होंने सप्लायर नेटवर्क, इंडस्ट्री रिपोर्ट और अन्य गोपनीय दस्तावेज अपने निजी ईमेल पर भेजे।
Apple का यह भी दावा है कि टैंग ने कुछ उम्मीदवारों से OpenAI के इंटरव्यू के दौरान Apple के हार्डवेयर पार्ट्स लाने के लिए कहा था, ताकि उन्हें कथित “Show and Tell” सेशन में दिखाया जा सके। मुकदमे में एक उम्मीदवार का बयान भी शामिल है, जिसमें उसने कहा कि उसे यह भी नहीं पता था कि ऐसी चीजें ऑफिस से बाहर ले जाना नियमों के खिलाफ हो सकता है।
OpenAI पर क्या आरोप हैं?
Apple का कहना है कि OpenAI ने पूर्व कर्मचारियों, सप्लायर नेटवर्क और अन्य माध्यमों का उपयोग करके कंपनी की गोपनीय तकनीकी जानकारी हासिल करने की कोशिश की, जिससे वह भविष्य के एआई डिवाइस और कंज्यूमर हार्डवेयर बाजार में तेजी से आगे बढ़ सके।
मुकदमे में OpenAI Foundation, OpenAI Group PBC और io Products को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
io Products क्यों है चर्चा में?
io Products की स्थापना Apple के पूर्व चीफ डिजाइनर जॉनी आइव (Jony Ive) ने की थी। OpenAI ने हाल ही में इस कंपनी का लगभग 6.5 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया है, ताकि वह केवल एआई सॉफ्टवेयर ही नहीं बल्कि एआई आधारित हार्डवेयर डिवाइसेज के क्षेत्र में भी मजबूत मौजूदगी बना सके।
हालांकि Apple ने इस मुकदमे में जॉनी आइव को व्यक्तिगत रूप से आरोपी नहीं बनाया है।
Apple और OpenAI की साझेदारी पर पड़ सकता है असर
दिलचस्प बात यह है कि दोनों कंपनियां पहले से साझेदार भी हैं। वर्ष 2024 में Apple ने Apple Intelligence लॉन्च किया था, जिसमें Siri और अन्य ऐप्स के साथ ChatGPT को भी इंटीग्रेट किया गया।
लेकिन एआई तकनीक की दौड़ तेज होने के साथ अब दोनों कंपनियां भविष्य के स्मार्ट डिवाइसेज, एआई हार्डवेयर और टैलेंट हायरिंग में प्रतिद्वंद्वी बनती जा रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह कानूनी विवाद लंबा चलता है, तो OpenAI की हार्डवेयर योजनाओं में देरी हो सकती है और Apple तथा OpenAI के बीच मौजूदा साझेदारी पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल OpenAI का जवाब
OpenAI ने Apple के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी किसी भी प्रतिस्पर्धी के ट्रेड सीक्रेट्स का इस्तेमाल नहीं करती और उसका पूरा ध्यान नई एआई तकनीकों और उत्पादों के विकास पर केंद्रित है। अब इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई पर पूरी टेक इंडस्ट्री की नजर बनी हुई है।


