आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में इस समय टैलेंट की जबरदस्त मांग है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां बेहतरीन इंजीनियरों और रिसर्चर्स को अपने साथ जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के पैकेज ऑफर कर रही हैं। लेकिन इसी बीच IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र और AI रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल ने ऐसा फैसला लिया, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है।
X (पहले ट्विटर) पर वायरल हुई एक पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने Meta Superintelligence Labs की ओर से मिले करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) के सालाना नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया। बताया गया कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह अपना AI स्टार्टअप बनाने पर फोकस करना चाहते थे। हालांकि, बाद में खुद ऋषभ अग्रवाल ने इस वायरल दावे पर प्रतिक्रिया देकर पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया।
X पर वायरल हुई पोस्ट से शुरू हुई चर्चा
Meta's offer was an order of magnitude higher than $1 million 🥲 https://t.co/kVaUunhMKI
— Rishabh Agarwal (@agarwl_) July 8, 2026 पूरा मामला तब सामने आया जब X पर एक यूजर ने ऋषभ अग्रवाल की उपलब्धियों को लेकर एक पोस्ट शेयर की। पोस्ट में दावा किया गया कि उन्होंने JEE में AIR 33 हासिल की थी और इसके बाद IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।
पोस्ट के मुताबिक, ऋषभ ने अपने करियर के दौरान Google Brain, DeepMind, Waymo और Meta Superintelligence Labs जैसी दुनिया की अग्रणी AI कंपनियों में काम किया। इसी पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि Meta ने उन्हें करीब 10 लाख डॉलर का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय अपना स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया।
यही दावा कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
AI इंडस्ट्री में बना चुके हैं खास पहचान
वायरल पोस्ट के अनुसार, ऋषभ अग्रवाल AI रिसर्च की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं। फिलहाल वह Periodic Labs नाम के AI स्टार्टअप के सह-संस्थापक (Co-founder) हैं।
बताया गया कि यह स्टार्टअप अगली पीढ़ी के AI Scientist विकसित करने पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ऐसा AI तैयार करना है जो वास्तविक वैज्ञानिक प्रयोगों के आधार पर नई दवाओं, नई सामग्री (Materials Science) और भौतिक विज्ञान से जुड़ी नई खोजों के लिए परिकल्पनाएं और रिसर्च आइडिया तैयार कर सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्टार्टअप को NVIDIA और Jeff Bezos का भी समर्थन प्राप्त है।
Meta का ऑफर छोड़कर चुना स्टार्टअप का रास्ता
वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि Meta में लगभग पांच महीने काम करने के बाद ऋषभ अग्रवाल को करीब 9.5 करोड़ रुपये सालाना का ऑफर मिला था। लेकिन उन्होंने इतनी बड़ी नौकरी स्वीकार करने के बजाय Periodic Labs से जुड़कर अपना उद्यम शुरू करने का फैसला किया।
उनके इस निर्णय की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई। कई लोगों ने इसे जोखिम लेने और अपने विजन पर भरोसा रखने का उदाहरण बताया।
खुद ऋषभ अग्रवाल ने वायरल दावे पर दी सफाई
जब यह पोस्ट तेजी से वायरल होने लगी, तब खुद ऋषभ अग्रवाल ने X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोगों का समर्थन और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक महत्वपूर्ण तथ्य भी स्पष्ट किया।
ऋषभ ने कहा कि वायरल पोस्ट में जिस 10 लाख डॉलर के ऑफर का जिक्र किया गया है, वास्तविक ऑफर उससे काफी बड़ा था। हालांकि उन्होंने ऑफर की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की।
इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर बताई गई रकम वास्तविक ऑफर से कम थी, लेकिन उन्होंने फिर भी अपने स्टार्टअप और लंबे विजन को प्राथमिकता दी।
AI टैलेंट की बढ़ती दौड़
AI सेक्टर में इस समय बड़ी टेक कंपनियों के बीच बेहतरीन इंजीनियरों और रिसर्चर्स को अपने साथ जोड़ने की होड़ मची हुई है। Meta, Google, OpenAI, Anthropic और अन्य कंपनियां AI विशेषज्ञों को आकर्षक पैकेज ऑफर कर रही हैं।
ऐसे माहौल में ऋषभ अग्रवाल का फैसला यह दिखाता है कि कुछ पेशेवरों के लिए करोड़ों रुपये की सैलरी से ज्यादा महत्वपूर्ण अपना विजन, रिसर्च और उद्यमिता का सपना होता है।


