देश के IPO बाजार में इस साल का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू आने जा रहा है। भारत की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) SBI Funds Management का बहुप्रतीक्षित IPO अगले सप्ताह निवेशकों के लिए खुल जाएगा। करीब 11,693 करोड़ रुपये के इस ऑफर के जरिए कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
अगर आप इस IPO में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो प्राइस बैंड, लॉट साइज, GMP, रिजर्वेशन और कंपनी की वित्तीय स्थिति समेत हर जरूरी जानकारी यहां पढ़ें।
कब खुलेगा SBI Funds Management IPO?
SBI Funds Management का IPO 14 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 16 जुलाई तक निवेशक इसमें बोली लगा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग 13 जुलाई को होगी।
IPO की अहम तारीखें
| इवेंट | तारीख |
|---|---|
| एंकर निवेशकों की बिडिंग | 13 जुलाई |
| IPO ओपन | 14 जुलाई |
| IPO क्लोज | 16 जुलाई |
| अलॉटमेंट फाइनल | 17 जुलाई |
| रिफंड/फंड अनब्लॉक | 20 जुलाई |
| डीमैट में शेयर क्रेडिट | 20 जुलाई |
| संभावित लिस्टिंग | 21 जुलाई |
प्राइस बैंड और लॉट साइज
- फेस वैल्यू: ₹1 प्रति शेयर
- प्राइस बैंड: ₹545-₹574 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 26 शेयर
ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को एक लॉट खरीदने के लिए कम से कम ₹14,924 का निवेश करना होगा।
GMP क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट में SBI Funds Management IPO को लेकर अच्छी मांग देखने को मिल रही है। मौजूदा GMP के अनुसार शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब ₹644 पर हो सकती है, जो ऊपरी प्राइस बैंड ₹574 से लगभग 13% प्रीमियम दर्शाता है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) केवल बाजार की धारणा का संकेत होता है। यह लिस्टिंग या भविष्य के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं देता।
IPO का साइज कितना है?
यह IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) है। यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी और IPO से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी।
- कुल बिक्री के लिए शेयर: 12.83 करोड़ से अधिक
- कंपनी की इक्विटी का हिस्सा: 6.3%
इसमें:
- Amundi India Holding करीब 7.53 करोड़ शेयर बेचेगी।
- शेष हिस्सेदारी अन्य प्रमोटर शेयरधारकों की ओर से बेची जाएगी।
कंपनी कितनी मजबूत है?
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार SBI Funds Management भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है।
मुख्य आंकड़े:
- मार्केट शेयर (31 मार्च 2026): 15.3%
- म्यूचुअल फंड QAAUM: ₹12.51 लाख करोड़ (लगभग ₹12,509.98 बिलियन)
- कुल QAAUM (PMS, AIF और Advisory सहित): ₹29.46 लाख करोड़
- 2024-2026 के दौरान QAAUM CAGR: 16.97%
कंपनी की एक बड़ी खासियत इसका बेहद कम ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेशियो (OER) है। FY26 में इसका OER केवल 0.08% रहा, जबकि देश की अन्य बड़ी AMC कंपनियों में यह 0.10% से 0.25% के बीच है।
IPO में किसके लिए कितना रिजर्वेशन?
इश्यू का आवंटन इस प्रकार रखा गया है:
- 35% – रिटेल निवेशक
- 5% – छोटे HNI
- 10% – बड़े HNI
- 50% – योग्य संस्थागत निवेशक (QIB)
इसके अलावा:
- SBI के मौजूदा शेयरधारकों के लिए लगभग 1.3 करोड़ शेयर (करीब ₹750 करोड़ मूल्य) आरक्षित हैं।
- कर्मचारियों के लिए लगभग ₹170 करोड़ मूल्य के शेयर आरक्षित किए गए हैं।
- कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹54 की छूट मिलेगी।
- SBI शेयरधारक आरक्षण श्रेणी में किसी प्रकार की मूल्य छूट नहीं दी जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है अहम बात?
SBI Funds Management देश की सबसे बड़ी AMC होने के साथ मजबूत बाजार हिस्सेदारी, लगातार बढ़ते एसेट बेस और कम ऑपरेटिंग लागत जैसी खूबियों के साथ बाजार में उतर रही है। हालांकि यह IPO पूरी तरह OFS है, इसलिए इससे कंपनी के पास नई पूंजी नहीं आएगी। निवेशकों को आवेदन करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और अपने जोखिम प्रोफाइल का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।


