देश के प्रमुख निजी बैंकों के जून तिमाही (Q1 FY27) नतीजों से पहले ब्रोकरेज फर्म Nomura ने अपनी बैंकिंग सेक्टर रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में HDFC Bank, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank को अपनी टॉप बैंकिंग पिक्स बताया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि जून तिमाही में बैंकों की लोन ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी, हालांकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर हल्का दबाव देखने को मिल सकता है।
तीनों बड़े निजी बैंकों के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे 18 जुलाई को जारी होंगे। इस बीच 8 जुलाई को बैंकिंग शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
PPOP में 12% और PAT में 6% ग्रोथ का अनुमान
Nomura के अनुसार, जिन बैंकों को वह कवर करती है, उनका प्रोविजनिंग से पहले ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) सालाना आधार पर करीब 12% बढ़ सकता है। इसकी प्रमुख वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में लगभग 9% की वृद्धि और ऑपरेटिंग खर्चों पर नियंत्रण रहने की उम्मीद है।
हालांकि, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) की ग्रोथ करीब 6% रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि पहली तिमाही में आमतौर पर क्रेडिट कॉस्ट अधिक रहती है, जिससे मुनाफे की वृद्धि सीमित हो सकती है।
NIM पर दबाव, लेकिन लोन ग्रोथ बनी रहेगी मजबूत
रिपोर्ट के मुताबिक जून तिमाही में अधिकांश बैंकों की लोन ग्रोथ अच्छी रही है। हालांकि, ज्यादातर बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
Nomura के अनुसार Federal Bank इस मामले में अपवाद हो सकता है, जबकि Bank of Baroda और Axis Bank के NIM पर अपेक्षाकृत अधिक दबाव रहने की संभावना है।
सरकारी बॉन्ड यील्ड में नरमी से मिलेगा फायदा
ब्रोकरेज का मानना है कि सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी से बैंकों की ट्रेजरी इनकम बेहतर हो सकती है। पिछली तिमाही में ट्रेजरी आय पर दबाव था, लेकिन इस बार इसमें सुधार की संभावना है।
विशेष रूप से सरकारी बैंकों को बॉन्ड यील्ड में गिरावट का ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है।
एसेट क्वालिटी स्थिर रहने की उम्मीद
Nomura ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर की एसेट क्वालिटी फिलहाल स्थिर बनी रहने की संभावना है। इसकी वजह अनसेक्योर्ड रिटेल और माइक्रोफाइनेंस लोन पोर्टफोलियो में दबाव का धीरे-धीरे कम होना है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून सामान्य से कमजोर या असामान्य रहता है तो वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, MSME और कमर्शियल व्हीकल लोन पर असर पड़ सकता है।
18 जुलाई को आएंगे HDFC Bank, ICICI Bank और Kotak Bank के नतीजे
बाजार की नजर अब 18 जुलाई को आने वाले HDFC Bank, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank के पहली तिमाही के नतीजों पर है। निवेशकों को उम्मीद है कि मजबूत लोन ग्रोथ और स्थिर एसेट क्वालिटी के दम पर ये बैंक बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
हालांकि, 8 जुलाई के कारोबारी सत्र में बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
- HDFC Bank का शेयर करीब 0.28% गिरकर 1,827 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
- ICICI Bank का शेयर 1.07% की गिरावट के साथ 1,399 रुपये पर रहा।
- Kotak Mahindra Bank का शेयर लगभग 1.02% टूटकर 2,377.80 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इन प्रमुख बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के चलते Bank Nifty भी लगभग 0.70% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि जून तिमाही में बैंकिंग सेक्टर की तस्वीर कुल मिलाकर सकारात्मक रह सकती है। मजबूत लोन ग्रोथ, नियंत्रित खर्च और ट्रेजरी आय में सुधार से नतीजों को सहारा मिल सकता है। हालांकि, NIM पर दबाव और पहली तिमाही की अपेक्षाकृत ऊंची क्रेडिट कॉस्ट निवेशकों के लिए प्रमुख निगरानी वाले पहलू रहेंगे।


