भारत के एविएशन सेक्टर के लिए गर्व की बात है कि दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स की प्रतिष्ठित सूची में देश के दो एयरपोर्ट टर्मिनलों ने जगह बनाई है। प्रिक्स वर्साय (Prix Versailles) 2026 की सूची में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 और लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गुवाहाटी के टर्मिनल-2 को शामिल किया गया है। इन दोनों एयरपोर्ट्स का संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड करती है, जो गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले अदाणी ग्रुप का हिस्सा है।
भारत के दो एयरपोर्ट्स को मिली वैश्विक पहचान
हर साल जारी होने वाली Prix Versailles World’s Most Beautiful Airports सूची दुनिया भर के उन एयरपोर्ट्स को सम्मानित करती है, जिनकी वास्तुकला, डिजाइन, इंजीनियरिंग और स्थानीय संस्कृति को दर्शाने की क्षमता सबसे बेहतर होती है। इस बार भारत के दो आधुनिक एयरपोर्ट टर्मिनलों को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है।
गुवाहाटी एयरपोर्ट का टर्मिनल-2: बांस और ब्रह्मपुत्र से प्रेरित डिजाइन
गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नया टर्मिनल-2 पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इस टर्मिनल की प्रमुख विशेषताएं हैं:
- ‘बैम्बू ऑर्किड’ थीम पर आधारित डिजाइन
- बांस से प्रेरित इनडोर स्काई फॉरेस्ट
- ऊंची और खुली छतें
- ब्रह्मपुत्र नदी की झलक देने वाली वास्तुकला
इस परियोजना को अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने विकसित किया। निर्माण का कार्य शापूरजी पलोनजी इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन ने किया, जबकि इसकी डिजाइन मुंबई की प्रसिद्ध आर्किटेक्चरल फर्म NUDES ने तैयार की। इस डिजाइन के प्रमुख आर्किटेक्ट नुरू करीम हैं, जिनकी रचनात्मक सोच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1: कमल के फूल से प्रेरित अनूठी वास्तुकला
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 विश्व प्रसिद्ध ज़ाहा हदीद आर्किटेक्ट्स (Zaha Hadid Architects) द्वारा डिजाइन किया गया है।
इसकी खासियतें हैं:
- खिलते हुए कमल के फूल से प्रेरित डिजाइन
- तैरती हुई पंखुड़ियों जैसी घुमावदार छत
- अंदरूनी हिस्से में कमल आधारित पैटर्न
- आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला
इस एयरपोर्ट के निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग कार्य किए गए। परियोजना के लिए नदियों का मार्ग बदला गया, बिजली की हाई-टेंशन लाइनों को स्थानांतरित किया गया, पहाड़ियों का पुनर्गठन किया गया और समुद्री क्षेत्र का विकास किया गया।
इस मेगा प्रोजेक्ट का संचालन नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NMIAL) करती है, जो अदाणी ग्रुप और सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CIDCO) का संयुक्त उपक्रम है। निर्माण का जिम्मा लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने संभाला।
सिर्फ यात्रियों की सुविधा नहीं, संस्कृति का भी प्रदर्शन
Prix Versailles के निर्णायकों के अनुसार, आधुनिक एयरपोर्ट अब केवल यात्रियों की आवाजाही के केंद्र नहीं रह गए हैं। आज उनसे उम्मीद की जाती है कि वे जिस क्षेत्र में स्थित हैं, वहां की संस्कृति, प्रकृति और पहचान को भी अपनी वास्तुकला के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत करें। गुवाहाटी और नवी मुंबई के दोनों टर्मिनल इसी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स की सूची में एक साथ दो भारतीय एयरपोर्ट्स का शामिल होना देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और आधुनिक वास्तुकला की बढ़ती वैश्विक पहचान का संकेत है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स द्वारा संचालित इन दोनों परियोजनाओं ने यह साबित किया है कि भारत अब केवल बड़े एयरपोर्ट ही नहीं बना रहा, बल्कि विश्वस्तरीय डिजाइन और यात्री अनुभव भी प्रदान कर रहा है।


