IRFC Share Price: सरकारी नवरत्न कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) के शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है। पिछले 14 कारोबारी सत्रों में 12 दिन शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ है। हालांकि बुधवार को शेयर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के पास पहुंचकर संभल गया, जिससे निवेशकों की नजर अब इसके अगले मूवमेंट पर टिकी हुई है।
ऑफर फॉर सेल के बाद बढ़ा दबाव
IRFC के शेयरों पर दबाव की सबसे बड़ी वजह सरकार का ऑफर फॉर सेल (OFS) माना जा रहा है। सरकार ने ₹91 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर करीब 26.1 करोड़ शेयर बाजार में उतारे थे। इतनी बड़ी संख्या में शेयरों की सप्लाई आने से बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
24 जून को OFS खुलने के दिन शेयर 6% से अधिक टूटकर बंद हुआ था। अगले दिन खुदरा निवेशकों के लिए इश्यू खुलने पर शेयर इंट्रा-डे में ₹91.01 तक फिसल गया था। ब्रोकरेज फर्म इंडमनी के अनुसार, इतनी बड़ी सप्लाई को बाजार द्वारा पूरी तरह समाहित होने में समय लगता है, इसलिए फिलहाल शेयर पर दबाव बना हुआ है।
आज के कारोबार में कैसी रही चाल?
बुधवार को बीएसई पर IRFC का शेयर 0.94% की गिरावट के साथ ₹89.10 पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान यह ₹88.54 तक फिसला, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी आने से रिकवर होकर ₹89.22 तक पहुंच गया।
हालांकि शेयर लगातार पांचवें कारोबारी दिन कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया, लेकिन अहम सपोर्ट के पास खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक थाम लिया।
जानिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
आईसीआईसीआई डायरेक्ट के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, IRFC के लिए पहले ₹89.5 और ₹89.1 के सपोर्ट लेवल टूट चुके हैं। अब ₹88.5 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर भी टूटता है तो शेयर में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
वहीं ऊपर की ओर रिकवरी होने पर ₹90.5 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद ₹91.0 और ₹91.4 के स्तर पर मजबूत बाधा देखने को मिल सकती है।
दो साल में दिया था शानदार रिटर्न
IRFC का आईपीओ जनवरी 2021 में ₹26 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर आया था। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद जून 2022 में यह ₹19.30 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था।
इसके बाद शेयर ने जबरदस्त तेजी दिखाई और जुलाई 2024 में ₹229.05 का ऑल टाइम हाई बनाया। यानी रिकॉर्ड लो से निवेशकों को 12 गुना से अधिक का रिटर्न मिला। हालांकि अब यह अपने रिकॉर्ड हाई से आधे से भी काफी अधिक नीचे कारोबार कर रहा है।
पिछले एक साल का प्रदर्शन
बीते एक साल में भी IRFC के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 8 जुलाई 2025 को यह ₹139.35 के एक साल के उच्च स्तर पर था, जबकि 30 मार्च 2026 को गिरकर ₹87.05 के एक साल के निचले स्तर तक पहुंच गया। यानी लगभग आठ महीनों में इसमें 37% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
तकनीकी रूप से फिलहाल ₹88.5 का स्तर IRFC के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यदि शेयर इस स्तर के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है तो इसमें सीमित रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं इस सपोर्ट के नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को अगले कुछ कारोबारी सत्रों में इस स्तर पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


