भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खबर सामने आई है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने थल सेना, नौसेना और वायु सेना की आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹52,000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने रक्षा क्षेत्र की तीन प्रमुख कंपनियों—भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अस्त्र माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स (Astra Microwave Products) पर खरीदारी की सलाह दोहराई है।
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले महीनों में बड़े सरकारी ऑर्डर मिलने की संभावना के चलते इन कंपनियों के कारोबार और शेयर प्रदर्शन दोनों को मजबूती मिल सकती है।
₹52,000 करोड़ की रक्षा खरीद से क्या होगा फायदा?
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों का उद्देश्य भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता को मजबूत करना है। इसमें ड्रोन और टैंक से जुड़े खतरों से निपटने, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली को बेहतर बनाने और ऊंचाई वाले इलाकों में निगरानी एवं खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में स्वीकृत रक्षा परियोजनाओं को मिलाकर घरेलू रक्षा कंपनियों के लिए बड़ा अवसर तैयार हो रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले 6 से 12 महीनों में ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो (SDR) से जुड़े ₹1.3 लाख करोड़ से अधिक के ऑर्डर पर निर्णय लिया जा सकता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत ऑर्डर बुक और बढ़ते रक्षा निर्यात के कारण भारतीय कंपनियां इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने की स्थिति में हैं।
Bharat Electronics (BEL) बनी ब्रोकरेज की टॉप पिक
मोतीलाल ओसवाल ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को डिफेंस सेक्टर में अपनी टॉप पिक बताया है।
मुख्य बातें:
- रेटिंग: Buy
- टारगेट प्राइस: ₹510
- दो साल की अनुमानित फारवर्ड कमाई के आधार पर 45 गुना वैल्यूएशन।
ब्रोकरेज के मुताबिक BEL को अगले कुछ सप्ताह में QRSAM (Quick Reaction Surface-to-Air Missile) परियोजना से करीब ₹30,000 करोड़ के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा लगभग ₹90,000 करोड़ की P-75I पनडुब्बी परियोजना का कॉन्ट्रैक्ट भी सितंबर तक अंतिम रूप ले सकता है। कंपनी का अनुमान है कि इस परियोजना की कुल लागत का लगभग 30% हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम पर खर्च होगा, जिसमें BEL की हिस्सेदारी 50% से 60% तक हो सकती है।
Hindustan Aeronautics (HAL) पर भी बुलिश नजरिया
ब्रोकरेज फर्म ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर भी खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है।
मुख्य बातें:
- रेटिंग: Buy
- टारगेट प्राइस: ₹5,500
- दो साल की अनुमानित फारवर्ड अर्निंग्स के 30 गुना वैल्यूएशन पर आकलन।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में मंजूर किए गए रक्षा प्रस्तावों से Naval Shipborne Unmanned Aerial Systems (NSUAS) परियोजना के जरिए HAL को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
Astra Microwave Products को भी मिल सकता है बड़ा फायदा
मोतीलाल ओसवाल ने अस्त्र माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स पर भी सकारात्मक रुख बनाए रखा है।
मुख्य बातें:
- रेटिंग: Buy
- टारगेट प्राइस: ₹1,715
- दो साल की अनुमानित फारवर्ड कमाई के 42 गुना वैल्यूएशन पर आकलन।
ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी को ‘आकाश तरंग’ एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और QRSAM परियोजना के तहत TR मॉड्यूल तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सब-सिस्टम की सप्लाई से लाभ मिल सकता है।
डिफेंस सेक्टर पर क्यों है ब्रोकरेज का भरोसा?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति, रक्षा क्षेत्र में बढ़ते पूंजीगत खर्च और घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने की रणनीति भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए दीर्घकालिक अवसर तैयार कर रही है। यदि आने वाले महीनों में प्रस्तावित रक्षा खरीद को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो BEL, HAL और Astra Microwave Products जैसी कंपनियों की ऑर्डर बुक में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी रक्षा परियोजना के ऑर्डर मिलने और उसके निष्पादन में समय लग सकता है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का भी मूल्यांकन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए निवेश संबंधी विचार संबंधित ब्रोकरेज फर्म के हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


