Premier Energies Investment: भारत में सोलर मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार मिलने जा रही है। प्रीमियर एनर्जीज़ ने अगले तीन वर्षों में इनगॉट और वेफर निर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹6,000 करोड़ निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में 10 GW इनगॉट और 10 GW वेफर क्षमता वाली अत्याधुनिक फैक्ट्री स्थापित करने पर खर्च किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारत में पूरी तरह इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है।
₹6,000 करोड़ से बनेगी 10 GW इनगॉट और 10 GW वेफर फैक्ट्री
नई दिल्ली। भारत की प्रमुख सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी प्रीमियर एनर्जीज़ (Premier Energies) ने देश के सोलर सेक्टर में बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में करीब ₹6,000 करोड़ खर्च कर इनगॉट और वेफर निर्माण क्षमता विकसित करेगी।
यह प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में स्थापित होगा, जहां कंपनी 10 GW इनगॉट और 10 GW वेफर उत्पादन क्षमता वाली नई फैक्ट्री लगाएगी। यह निवेश कंपनी के ₹12,500 करोड़ के व्यापक विस्तार (Capex) कार्यक्रम का हिस्सा है।
आंध्र प्रदेश सरकार से मिली मंजूरी
कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) विनय रस्तोगी ने बताया कि इस परियोजना को आंध्र प्रदेश सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। सरकार ने तिरुपति से लगभग 45 मिनट की दूरी पर स्थित नायडुपेटा में करीब 200 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है।
रस्तोगी के मुताबिक, कंपनी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में है और अगले तीन वर्षों में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सिर्फ फैक्ट्री नहीं, पूरा सोलर इकोसिस्टम तैयार करेगी कंपनी
प्रीमियर एनर्जीज़ केवल इनगॉट और वेफर तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने कुल ₹12,500 करोड़ के निवेश कार्यक्रम के तहत कई नए क्षेत्रों में भी विस्तार करेगी।
इस विस्तार योजना में शामिल हैं:
- सोलर सेल क्षमता बढ़ाकर 10.6 GW करना
- सोलर मॉड्यूल क्षमता बढ़ाकर 11.1 GW करना
- इनवर्टर निर्माण में प्रवेश
- बैटरी मैन्युफैक्चरिंग
- ट्रांसफॉर्मर निर्माण
- सोलर वैल्यू चेन को पूरी तरह एकीकृत करना
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की आयात पर निर्भरता घटेगी और घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी।
फिलहाल कहां है कंपनी का उत्पादन?
अप्रैल 1995 में स्थापित Premier Energies Limited देश की प्रमुख इंटीग्रेटेड सोलर कंपनियों में शामिल है।
कंपनी वर्तमान में तेलंगाना के हैदराबाद स्थित अपने प्लांट से हर साल:
- 3.6 GW सोलर सेल
- 11.1 GW सोलर मॉड्यूल
का उत्पादन करती है।
इसके अलावा कंपनी सोलर सेल, मोनोफेशियल एवं बाइफेशियल मॉड्यूल, EPC सेवाएं और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (O&M) सॉल्यूशंस भी उपलब्ध कराती है।
भारत के सोलर सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा
भारत सरकार वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में बड़ा विस्तार करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। ऐसे में इनगॉट और वेफर जैसी शुरुआती निर्माण क्षमता का देश में विकसित होना रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब तक भारत इनगॉट और वेफर के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहा है। प्रीमियर एनर्जीज़ का यह निवेश घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने, रोजगार सृजन और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्रीमियर एनर्जीज़ शेयर प्राइस
शेयर बाजार में प्रीमियर एनर्जीज़ का शेयर करीब ₹1,047 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹47,520 करोड़ है। पिछले 6 महीनों में शेयर में करीब 33% की तेजी देखने को मिली है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लंबे समय के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव भी रहा है, इसलिए निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और बाजार जोखिमों का मूल्यांकन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई शेयर बाजार संबंधी जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


