अदाणी ग्रुप मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ के निवेश से दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करेगा। इस परियोजना से 5,000 रोजगार और भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।
Highlights
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में अदाणी ग्रुप करेगा ₹2,500 करोड़ का निवेश।
- दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम होगा तैयार।
- करीब 5,000 लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार।
- मीडियम और लॉन्ग-रेंज मिसाइल सिस्टम का होगा निर्माण।
- 50 से अधिक MSME कंपनियों को मिलेगा कारोबार का अवसर।
भारत के रक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को नई गति देते हुए अदाणी ग्रुप ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी अगले तीन वर्षों में इस परियोजना पर ₹2,500 करोड़ का निवेश करेगी। यह अत्याधुनिक रक्षा उत्पादन केंद्र भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (Defence Self-Reliance) को मजबूत करने के साथ-साथ हजारों रोजगार भी सृजित करेगा।
यह परियोजना केवल मिसाइल निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें कच्चे माल से लेकर पूरी तरह तैयार मिसाइल सिस्टम के उत्पादन तक की संपूर्ण वैल्यू चेन एक ही परिसर में विकसित की जाएगी।
एक ही परिसर में तैयार होंगे मिसाइल सिस्टम
अदाणी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर जीत अदाणी ने परियोजना की आधारशिला रखते हुए कहा कि यह भारत के निजी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी।
उन्होंने बताया कि शिवपुरी में बनने वाला यह इंटीग्रेटेड डिफेंस कॉम्प्लेक्स देश का पहला ऐसा निजी परिसर होगा जहां कच्चे माल, प्रोपेलेंट, विस्फोटक सामग्री और तैयार मिसाइल सिस्टम तक की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी होगी।
उनके अनुसार यह परियोजना भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई देगी और विदेशी आयात पर निर्भरता को काफी हद तक कम करेगी।
मीडियम से लॉन्ग-रेंज मिसाइलों का होगा निर्माण
शिवपुरी स्थित इस डिफेंस कॉम्प्लेक्स में कई आधुनिक हथियार प्रणालियों का निर्माण किया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- मीडियम रेंज मिसाइल सिस्टम
- लॉन्ग-रेंज मिसाइल सिस्टम
- कम्पोजिट प्रोपेलेंट उत्पादन
- TNT और एक्सप्लोसिव-ग्रेड मटेरियल निर्माण
- रक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक विशेष कंपोनेंट्स
इन सभी सुविधाओं के विकसित होने से भारत में रक्षा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बड़ी मजबूती मिलेगी।
5,000 लोगों को मिलेगा रोजगार
अदाणी ग्रुप के अनुसार इस परियोजना से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
इसके अलावा इस डिफेंस इकोसिस्टम से जुड़े सप्लाई नेटवर्क के माध्यम से 50 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को भी नए व्यापारिक अवसर मिलेंगे। इससे मध्य प्रदेश में रक्षा उद्योग से जुड़ा नया औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में बढ़ रहा अदाणी ग्रुप का निवेश
यह परियोजना मध्य प्रदेश में अदाणी ग्रुप द्वारा घोषित ₹1.10 लाख करोड़ के निवेश कार्यक्रम का हिस्सा है। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान समूह ने राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश का ऐलान किया था।
इन निवेशों में शामिल हैं—
- हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं
- सीमेंट उद्योग
- माइनिंग
- स्मार्ट मीटर निर्माण
- थर्मल पावर प्रोजेक्ट
- नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं
ग्रुप का अनुमान है कि इन सभी निवेशों से वर्ष 2030 तक लगभग 1.2 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कटनी, गुना और उज्जैन में भी जारी हैं बड़े प्रोजेक्ट
अदाणी ग्रुप पहले ही कटनी जिले के अमेथा और कैमोर प्लांट में ₹4,000 करोड़ से अधिक का निवेश कर चुका है।
इसके अलावा—
- गुना में ₹1,060 करोड़ की नई सीमेंट यूनिट स्थापित की जा रही है।
- उज्जैन में नया सीमेंट प्लांट प्रस्तावित है।
- धार, रतलाम, लाहोरी और उज्जैन में विंड एनर्जी परियोजनाओं पर काम जारी है।
- अदाणी पावर वर्तमान में मध्य प्रदेश को लगभग 1,200 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कर रही है, जबकि भविष्य में 5,600 मेगावाट क्षमता तक विस्तार की योजना है।
भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मिलेगा बड़ा सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती दे रही है। शिवपुरी में बनने वाला यह मिसाइल निर्माण केंद्र न केवल आधुनिक रक्षा तकनीक के विकास को गति देगा बल्कि भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
यदि यह परियोजना तय समयसीमा में पूरी होती है, तो भारत की घरेलू मिसाइल निर्माण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और रक्षा आयात पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिलेगी।


