Pay-As-You-Save Scheme: अब बिना एडवांस पेमेंट के लग सकेगा रूफटॉप सोलर
देश में बढ़ती बिजली कीमतों और स्वच्छ ऊर्जा की मांग के बीच टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) ग्राहकों के लिए एक नई और बेहद आकर्षक ‘Pay-As-You-Save Scheme’ लॉन्च की है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए ग्राहकों को शुरुआत में एक भी रुपया निवेश नहीं करना होगा।
नई स्कीम के तहत सोलर प्लांट से हर महीने होने वाली बिजली बचत का उपयोग ही EMI या लीज रेंटल चुकाने में किया जाएगा। यानी व्यवसायों को अपनी जेब से अतिरिक्त बोझ उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे पहले दिन से ही ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।
‘Pay-As-You-Save’ मॉडल कैसे करता है काम?
इस स्कीम को खासतौर पर उन व्यवसायों के लिए तैयार किया गया है जो बिजली का बड़ा बिल चुकाते हैं लेकिन एकमुश्त निवेश करने में सक्षम नहीं हैं।
इस मॉडल में प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होगी—
- शुरुआत में ग्राहक को कोई डाउन पेमेंट नहीं करना होगा।
- TPREL रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करेगा।
- सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली के कारण बिजली बिल में बचत होगी।
- इसी अनुमानित बचत के आधार पर हर महीने EMI या लीज भुगतान किया जाएगा।
- EMI पूरी होने के बाद ग्राहक को कम लागत वाली बिजली का पूरा लाभ मिलेगा।
यह मॉडल व्यवसायों के कैश फ्लो को प्रभावित किए बिना ऊर्जा लागत कम करने का अवसर देता है।
अगले तीन साल में पंजाब में 200 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य
कंपनी ने घोषणा की है कि इस पहल के तहत अगले तीन वर्षों में पंजाब में 200 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पंजाब देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल है, जहां टेक्सटाइल, साइकिल निर्माण, इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटो कंपोनेंट्स, फाउंड्री, फूड प्रोसेसिंग और कृषि उपकरण उद्योग बड़ी संख्या में संचालित होते हैं। ऐसे उद्योगों में बिजली खर्च उत्पादन लागत का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसलिए यह योजना इन उद्योगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
‘Sustainable Edge’ पहल के तहत शुरू हुई नई सुविधा
TPREL ने इस स्कीम को अपनी ‘Sustainable Edge’ पहल के तहत लॉन्च किया है।
कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य व्यवसायों के लिए स्वच्छ ऊर्जा को अधिक सुलभ बनाना है ताकि वे बिना वित्तीय दबाव के सोलर एनर्जी अपना सकें।
इस स्कीम की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भुगतान को सोलर सिस्टम से होने वाले अनुमानित ऊर्जा उत्पादन और बचत से जोड़ा गया है। इससे व्यवसायों की मासिक नकदी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
SunSmart Flexi EMI प्रोग्राम में मिलेंगे कई फायदे
TPREL ने इस स्कीम के साथ अपना SunSmart Flexi EMI Program भी पेश किया है।
इस प्रोग्राम के अंतर्गत ग्राहकों को कई विशेष सुविधाएं मिलेंगी।
प्रमुख लाभ
- बिना किसी गारंटी (Collateral-Free) फाइनेंसिंग
- प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें
- लचीला EMI भुगतान विकल्प
- पूरी तरह डिजिटल अप्रूवल प्रक्रिया
- तेज लोन प्रोसेसिंग
- आसान दस्तावेजीकरण
इन सुविधाओं का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए सोलर अपनाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
MSME सेक्टर को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
देश के लाखों MSME उद्यम लगातार बढ़ती बिजली लागत से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह स्कीम उनके लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन राज्यों में कमर्शियल बिजली दरें अपेक्षाकृत अधिक हैं, वहां यह मॉडल बेहद सफल हो सकता है क्योंकि बिजली बिल में होने वाली बचत सीधे वित्तीय लाभ में बदल जाएगी।
इसके अलावा कंपनियां अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के साथ ESG (Environmental, Social & Governance) लक्ष्यों को भी बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगी।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी लॉन्च
रूफटॉप सोलर स्कीम के साथ-साथ टाटा पावर रिन्यूएबल्स ने ‘Tata Power Battery Storage’ ब्रांड के तहत अपना नया Battery Energy Storage System (BESS) पोर्टफोलियो भी पेश किया है।
इस पोर्टफोलियो में—
- 5 kWh से शुरू होने वाले घरेलू स्टोरेज सिस्टम
- 50 MWh तक के बड़े कमर्शियल और इंडस्ट्रियल स्टोरेज समाधान
शामिल किए गए हैं। इससे सोलर से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर बाद में उपयोग किया जा सकेगा, जिससे ऊर्जा दक्षता और बढ़ेगी।
कंपनी ने क्या कहा?
टाटा पावर के सीईओ एवं एमडी प्रवीर सिन्हा ने कहा कि कंपनी की Pay-As-You-Save Scheme पंजाब के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को बिना शुरुआती निवेश के रिन्यूएबल एनर्जी अपनाने का अवसर देती है।
उन्होंने कहा कि इस मॉडल के जरिए ग्राहक अनुमानित बिजली बचत का लाभ उठाते हुए अपनी ऊर्जा लागत कम कर सकते हैं और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।
पंजाब में पहले से मजबूत मौजूदगी
TPREL ने बताया कि कंपनी पंजाब में पहले ही 5,661 से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन कर चुकी है। अब नई स्कीम के जरिए कंपनी राज्य में अपनी पहुंच और तेज़ी से बढ़ाने की योजना बना रही है।
क्या पूरे देश में लागू हो सकती है यह स्कीम?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में इसे अन्य राज्यों में भी बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है।
विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक राज्यों में इसकी काफी संभावनाएं हैं। बढ़ती बिजली लागत और नेट-जीरो लक्ष्यों के बीच इस तरह की फाइनेंसिंग योजनाएं उद्योगों के लिए ऊर्जा परिवर्तन को तेज कर सकती हैं।
निष्कर्ष
Pay-As-You-Save Scheme उन व्यवसायों के लिए एक व्यावहारिक और किफायती समाधान है जो बिना भारी शुरुआती निवेश के सोलर ऊर्जा अपनाना चाहते हैं। बिजली बिल में होने वाली बचत से EMI चुकाने का मॉडल न केवल उद्योगों की लागत कम करेगा, बल्कि भारत में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की गति भी तेज करेगा। यदि यह योजना अपेक्षित सफलता हासिल करती है, तो आने वाले वर्षों में देशभर के लाखों MSME और औद्योगिक प्रतिष्ठान इसका लाभ उठा सकते हैं।


