Income Tax Return 2026: अगर आपके फॉर्म 16 में टैक्स देनदारी शून्य (Zero Tax Liability) दिखाई गई है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की जरूरत नहीं है। कई मामलों में टैक्स शून्य होने के बावजूद ITR भरना कानूनी रूप से जरूरी होता है। साथ ही, ITR फाइल करने के कई ऐसे फायदे हैं जो भविष्य में लोन, वीजा और टैक्स रिफंड जैसी जरूरतों में काम आते हैं।
Highlights
- फॉर्म 16 में Zero Tax दिखने पर भी ITR भरना पड़ सकता है।
- नई टैक्स व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक टैक्स राहत का लाभ।
- ITR नहीं भरने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
- लोन, वीजा और TDS रिफंड के लिए ITR बेहद जरूरी दस्तावेज।
ITR Filing 2026: क्या Zero Tax होने पर ITR भरना जरूरी है?

हर साल जून-जुलाई में नौकरीपेशा कर्मचारियों को उनकी कंपनी की ओर से Form 16 जारी किया जाता है। इस बार नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) अपनाने वाले कई कर्मचारियों के फॉर्म 16 में टैक्स देनदारी शून्य दिखाई दे रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Zero Tax होने पर ITR दाखिल करना जरूरी है?
इसका सीधा जवाब है—कई मामलों में हां।
आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, ITR भरने की जिम्मेदारी केवल इस बात से तय नहीं होती कि आपका टैक्स कितना बन रहा है, बल्कि आपकी कुल आय और आयकर कानून में तय अन्य शर्तों पर निर्भर करती है।
नई टैक्स व्यवस्था में कैसे हो जाता है Zero Tax?
नई टैक्स व्यवस्था के तहत Section 87A के माध्यम से पात्र करदाताओं को टैक्स में राहत मिलती है।
वर्तमान नियमों के अनुसार—
- पुरानी टैक्स व्यवस्था में 7 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स राहत मिल सकती है।
- नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स राहत उपलब्ध है।
- वेतनभोगी कर्मचारियों को 75,000 रुपये के Standard Deduction का लाभ मिलने के बाद प्रभावी सीमा लगभग 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
यही वजह है कि कई कर्मचारियों के Form 16 में टैक्स देनदारी शून्य दिखाई देती है।
कब Zero Tax होने पर भी ITR भरना अनिवार्य है?

यदि आपकी आय बेसिक छूट सीमा से अधिक है या आप आयकर विभाग द्वारा निर्धारित अन्य अनिवार्य शर्तों के दायरे में आते हैं, तो आपको ITR दाखिल करना होगा।
इन परिस्थितियों में ITR भरना जरूरी हो सकता है—
- आपकी कुल आय निर्धारित सीमा से अधिक हो।
- आपके पास विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता हो।
- विदेशी खाते में Signing Authority हो।
- बैंक खातों में बड़ी राशि जमा या निकासी हुई हो।
- बड़े वित्तीय लेनदेन किए गए हों।
- Annual Information Statement (AIS) में महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन दर्ज हों।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि Section 87A की छूट Capital Gains जैसी कुछ विशेष आय पर लागू नहीं होती।
किन अतिरिक्त आय पर अलग से टैक्स बन सकता है?
भले ही आपके Form 16 में टैक्स शून्य दिख रहा हो, लेकिन यदि आपके पास अन्य स्रोतों से आय है तो अतिरिक्त टैक्स देनदारी बन सकती है।
ऐसे स्रोतों में शामिल हैं—
- सेविंग बैंक अकाउंट का ब्याज
- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का ब्याज
- डिविडेंड इनकम
- मकान या दुकान का किराया
- शेयर, म्यूचुअल फंड या संपत्ति बेचने पर कैपिटल गेन
यदि इन आय को ITR में शामिल नहीं किया गया, तो बाद में टैक्स विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता है।
Zero Tax होने पर भी ITR भरने के बड़े फायदे
भले ही आपकी टैक्स देनदारी शून्य हो, फिर भी ITR दाखिल करना कई कारणों से लाभदायक माना जाता है।
1. लोन मिलने में आसानी
बैंक होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन मंजूर करते समय अक्सर पिछले कुछ वर्षों के ITR मांगते हैं।
2. वीजा आवेदन में मदद
कई देशों के वीजा आवेदन के दौरान ITR को आय के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है।
3. TDS रिफंड प्राप्त करना
यदि आपके वेतन या अन्य आय पर जरूरत से ज्यादा TDS कट गया है, तो उसका रिफंड केवल ITR दाखिल करने के बाद ही मिल सकता है।
4. आय का आधिकारिक रिकॉर्ड
ITR आपकी आय का आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो भविष्य में कई वित्तीय कार्यों में उपयोगी साबित होता है।
5. नोटिस का जोखिम कम
यदि AIS में कोई बड़ा लेनदेन दर्ज है और आपने ITR दाखिल कर दिया है, तो आयकर विभाग की ओर से पूछताछ या नोटिस आने की संभावना कम हो जाती है।
ITR भरने की अंतिम तारीख
वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए वेतनभोगी करदाताओं को 31 जुलाई 2026 तक अपना ITR दाखिल कर देना चाहिए।
यदि समय पर ITR दाखिल नहीं किया जाता, तो आयकर कानून के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है।
लेट ITR भरने पर कितना जुर्माना लगेगा?

यदि आप तय समय सीमा के बाद ITR दाखिल करते हैं तो—
- 5 लाख रुपये तक की कुल आय होने पर अधिकतम 1,000 रुपये का जुर्माना।
- 5 लाख रुपये से अधिक आय होने पर अधिकतम 5,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है।
इसके अलावा कुछ मामलों में ब्याज और अन्य दंडात्मक प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।
निष्कर्ष
फॉर्म 16 में Zero Tax Liability दिखने का अर्थ यह नहीं है कि आपकी ITR भरने की जिम्मेदारी खत्म हो गई है। यदि आपकी आय निर्धारित सीमा से अधिक है, अन्य आय के स्रोत हैं या आप आयकर विभाग की किसी अनिवार्य शर्त के दायरे में आते हैं, तो समय पर ITR दाखिल करना जरूरी है। इससे न केवल भविष्य में लोन, वीजा और टैक्स रिफंड जैसी सुविधाएं मिलती हैं, बल्कि अनावश्यक जुर्माने और आयकर विभाग की कार्रवाई से भी बचा जा सकता है।


