आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम (Totapuri Mango) की कीमतों में आई तेज गिरावट ने हजारों किसानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए बड़े पैमाने पर उगाए जाने वाले इस आम के दाम लगातार नीचे आने से किसानों की आय पर गंभीर असर पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है।
कृषि मंत्रालय का कहना है कि यह समिति तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन की समीक्षा करेगी और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ इस सेक्टर को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए सुझाव देगी।
किसानों की शिकायत के बाद हरकत में आई सरकार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हालिया आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान किसानों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में तोतापुरी आम के दाम में भारी गिरावट आई है। यह आम मुख्य रूप से जूस, पल्प और अन्य प्रोसेस्ड फूड उत्पादों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
कीमतों में लगातार गिरावट के कारण किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों की समस्याएं सामने आने के बाद कृषि मंत्रालय ने तुरंत विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला लिया।
समिति करेगी पूरी वैल्यू चेन की समीक्षा
नई समिति केवल कीमतों की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तोतापुरी आम की पूरी सप्लाई चेन का अध्ययन करेगी। इसके तहत निम्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी—
- खेती और उत्पादन की स्थिति
- प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की क्षमता
- घरेलू बाजार की मांग
- निर्यात (Export) की संभावनाएं
- मार्केटिंग सिस्टम
- किसानों की आय और लागत
- डिमांड और सप्लाई का संतुलन
इसके अलावा समिति यह भी पता लगाएगी कि आखिर कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट किन कारणों से आई और भविष्य में ऐसी स्थिति से कैसे बचा जा सकता है।
कौन करेगा समिति की अगुवाई?
आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH), लखनऊ द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन करेंगे।
समिति में कई प्रमुख कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं, जिनमें—
- डॉ. एम. शंकरन (ICAR-IIHR, बेंगलुरु)
- डॉ. एच. एस. सिंह (ICAR-CISH)
- डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी (डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी)
- आंध्र प्रदेश के हॉर्टिकल्चर विभाग के प्रतिनिधि
भी शामिल रहेंगे।
10 दिनों के भीतर होगा जमीनी दौरा
कृषि मंत्री ने समिति को निर्देश दिया है कि वह 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करे।
दौरे के दौरान समिति—
- किसानों से बातचीत करेगी,
- प्रोसेसिंग कंपनियों से चर्चा करेगी,
- निर्यातकों (Exporters) से राय लेगी,
- राज्य के हॉर्टिकल्चर अधिकारियों से जानकारी जुटाएगी,
- किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के साथ बैठक करेगी।
इससे वास्तविक स्थिति का आकलन कर समाधान तैयार किया जाएगा।
विस्तृत रिपोर्ट में होंगे बड़े सुझाव
फील्ड सर्वे और विभिन्न पक्षों से बातचीत के बाद समिति कृषि मंत्रालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव शामिल होंगे, जैसे—
- कीमतों को स्थिर रखने के उपाय
- वैल्यू एडिशन बढ़ाने की रणनीति
- प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार
- निर्यात बढ़ाने के उपाय
- किसानों, प्रोसेसर और एक्सपोर्टर्स के बीच बेहतर समन्वय
- सरकारी सहायता और निवेश बढ़ाने की संभावनाएं
इन सिफारिशों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार आगे की कार्ययोजना तैयार करेगी।
किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय और आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद किसानों को राहत देने और इस सेक्टर में वैल्यू एडिशन, निवेश तथा निर्यात बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रोसेसिंग और निर्यात को मजबूत किया जाए तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए, तो भविष्य में कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है।


