नई दिल्ली: अगर आप ऐसा म्यूचुअल फंड तलाश रहे हैं जिसमें एक ही निवेश के जरिए शेयर बाजार, डेट और कीमती धातुओं में निवेश का फायदा मिल सके, तो आपके लिए एक नया विकल्प आया है। ICICI Prudential Mutual Fund ने अपना नया ICICI Prudential Multi-Asset Active Fund of Funds (FoF) लॉन्च किया है। यह एक ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड्स (FoF) स्कीम है, जो निवेशकों के पैसे को एक्टिव इक्विटी स्कीम, डेट स्कीम और गोल्ड एवं सिल्वर ETF में निवेश करेगी।
इस NFO (New Fund Offer) के जरिए निवेशकों को अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अवसर मिलेगा, जिससे पोर्टफोलियो में बेहतर विविधीकरण (Diversification) हासिल किया जा सके।
कब तक खुला रहेगा NFO?
ICICI Prudential Multi-Asset Active FoF का NFO निवेश के लिए खुल चुका है और इसमें निवेश की अंतिम तारीख 14 जुलाई है। इसके बाद स्कीम नियमित रूप से खरीद और रिडेम्प्शन के लिए उपलब्ध रहेगी।
फंड हाउस के अनुसार यह स्कीम बाजार के वैल्यूएशन, आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों, महंगाई और अन्य मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतकों के आधार पर अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अनुपात समय-समय पर बदलती रहेगी।
क्या है इस फंड की सबसे बड़ी खासियत?
इस स्कीम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि निवेशकों को अलग-अलग फंड खरीदने की जरूरत नहीं होगी। एक ही फंड के जरिए इक्विटी, डेट, गोल्ड और सिल्वर जैसे कई एसेट क्लास में निवेश का अवसर मिलेगा।
इससे निवेशकों को निम्नलिखित फायदे मिल सकते हैं।
- एक ही निवेश में मल्टी-एसेट एक्सपोजर
- बेहतर डायवर्सिफिकेशन
- बाजार की स्थिति के अनुसार सक्रिय एसेट एलोकेशन
- रिसर्च आधारित निवेश रणनीति
- लंबी अवधि में जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बनाने का प्रयास
एस. नरेन ने क्या कहा?
ICICI Prudential Asset Management Company के Executive Director और Chief Investment Officer (CIO) एस. नरेन के मुताबिक अलग-अलग एसेट क्लास अलग-अलग आर्थिक और बाजार चक्र में अलग प्रदर्शन करते हैं। इसलिए अनुशासित एसेट एलोकेशन लंबे समय के निवेश का अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि यह फंड एक्टिव इक्विटी, डेट और गोल्ड/सिल्वर ETF को एक ही पोर्टफोलियो में जोड़ता है। साथ ही कंपनी के वैल्यूएशन और मैक्रो-इकोनॉमिक मॉडल के आधार पर बाजार बदलने पर एसेट एलोकेशन में बदलाव भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य निवेशकों को विभिन्न एसेट क्लास में उपलब्ध अवसरों का लाभ दिलाना है।
कैसे तय होगा एसेट एलोकेशन?
फंड मैनेजमेंट टीम किसी एक एसेट क्लास के अगले विजेता का अनुमान लगाने की बजाय उसकी मौजूदा आकर्षकता (Relative Attractiveness) के आधार पर निवेश करेगी।
एलोकेशन तय करते समय इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- आर्थिक विकास (Economic Cycle)
- महंगाई (Inflation)
- ब्याज दरें (Interest Rates)
- बाजार का वैल्यूएशन
- वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां
- निवेशकों का बाजार के प्रति रुख
इस मॉडल का उद्देश्य समय-समय पर निवेश को उस एसेट क्लास की ओर बढ़ाना है, जहां बेहतर अवसर दिखाई दें।
निवेश का पैसा कहां-कहां लगाया जाएगा?
फंड के पोर्टफोलियो में निवेश का संभावित वितरण इस प्रकार रहेगा।
| एसेट क्लास | निवेश का दायरा |
|---|---|
| एक्टिव इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम | 30% से 80% |
| एक्टिव डेट ओरिएंटेड स्कीम | 10% से 60% |
| गोल्ड ETF और/या सिल्वर ETF | 10% से 30% |
यह सीमा बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदली जा सकती है।
डायवर्सिफिकेशन कैसे मिलेगा?
इस स्कीम का उद्देश्य तीन अलग-अलग निवेश लक्ष्यों को एक साथ पूरा करना है।
1. इक्विटी से लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण
इक्विटी पोर्टफोलियो का मकसद लंबे समय में बेहतर पूंजी वृद्धि (Capital Appreciation) हासिल करना होगा।
2. डेट से स्थिरता
डेट स्कीमों में निवेश पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने और अपेक्षाकृत नियमित रिटर्न देने की कोशिश करेगा।
3. गोल्ड और सिल्वर से सुरक्षा
सोना और चांदी में निवेश महंगाई के दौर में पोर्टफोलियो को संतुलित रखने और अतिरिक्त विविधीकरण प्रदान करने का काम करेगा।
न्यूनतम निवेश कितना?
इस NFO में निवेश की शुरुआत केवल 1,000 रुपये से की जा सकती है।
इसके बाद निवेश 1,000 रुपये के गुणकों में किया जा सकेगा।
निवेशकों के लिए दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे।
- डायरेक्ट प्लान
- रेगुलर प्लान
कौन संभालेंगे इस फंड को?
इस स्कीम का प्रबंधन अनुभवी फंड मैनेजरों की टीम करेगी।
इनमें शामिल हैं—
- धर्मेश कक्कड़
- मनीष बंथिया
- अखिल कक्कड़
- शर्मिला डी’सिल्वा
- गौरव चिकने
क्या है इसका बेंचमार्क?
इस स्कीम का बेंचमार्क निम्नलिखित इंडेक्स का मिश्रण होगा।
- 55% Nifty 200 TRI
- 35% Nifty Composite Debt Index
- 7% घरेलू सोने की कीमत
- 3% घरेलू चांदी की कीमत
यह मिश्रित बेंचमार्क फंड के मल्टी-एसेट निवेश दृष्टिकोण को दर्शाता है।
किन निवेशकों के लिए हो सकता है उपयुक्त?
यह स्कीम उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है जो—
- एक ही फंड में मल्टी-एसेट निवेश चाहते हैं।
- लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं।
- पोर्टफोलियो में बेहतर विविधीकरण चाहते हैं।
- बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान संतुलित रणनीति अपनाना चाहते हैं।
- अलग-अलग फंड चुनने की परेशानी से बचना चाहते हैं।
हालांकि, यह एक बाजार आधारित निवेश है, इसलिए इसमें जोखिम भी शामिल है।
निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान
मल्टी-एसेट फंड जोखिम को कम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं होते। इक्विटी, डेट और कमोडिटी सभी अपने-अपने बाजार कारकों से प्रभावित होते हैं।
इसलिए निवेश करने से पहले निम्न बातों पर ध्यान दें।
- अपने निवेश लक्ष्य तय करें।
- निवेश अवधि कम से कम 5 वर्ष या उससे अधिक रखें।
- जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें।
- स्कीम डॉक्यूमेंट अवश्य पढ़ें।
- जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले स्कीम से जुड़े सभी दस्तावेज ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


