नई दिल्ली: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) ने ब्याज दरों (Fed Interest Rate) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि फेड की अगली मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों पर फैसला केवल आर्थिक आंकड़ों और अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक से पहले किसी भी तरह का फॉरवर्ड गाइडेंस (Forward Guidance) नहीं दिया जाएगा।
उनके इस बयान के बाद वैश्विक कमोडिटी बाजार में तेज हलचल देखने को मिली। पहले गिरावट में कारोबार कर रहे सोने और चांदी की कीमतों में अचानक जोरदार रिकवरी आई और दोनों कीमती धातुओं में बड़ी तेजी दर्ज की गई।
‘बंद कमरे में होगी चर्चा, तभी होगा फैसला’
पुर्तगाल के सिंट्रा (Sintra) में आयोजित यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए केविन वॉर्श ने कहा कि फेड के अधिकारी बैठक के दौरान सभी आर्थिक संकेतकों का गहराई से विश्लेषण करेंगे और उसके बाद ही ब्याज दरों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा,
“जब हम बैठक के लिए कमरे का दरवाजा बंद करेंगे, तब अच्छी बहस होगी। उससे पहले मैं किसी भी तरह का फॉरवर्ड गाइडेंस नहीं दूंगा।”
उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि बैठक से पहले उनसे रेट कट का संकेत लेने की कोशिश सफल नहीं होगी।
महंगाई को 2% पर लाना ही रहेगा सबसे बड़ा लक्ष्य
महंगाई (Inflation) पर बोलते हुए वॉर्श ने कहा कि हाल के हफ्तों में महंगाई का जोखिम और लोगों की महंगाई संबंधी अपेक्षाएं दोनों कम हुई हैं। इसके बावजूद फेड अपने लक्ष्य से पीछे हटने वाला नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक का प्राथमिक उद्देश्य महंगाई को 2% के स्तर तक लाना है।
वॉर्श ने कहा कि यदि किसी को लगता है कि फेड 2% से अधिक महंगाई को स्वीकार कर लेगा, तो वह गलतफहमी में है। ब्याज दरों से जुड़े सभी फैसले केवल आर्थिक परिस्थितियों और आंकड़ों के आधार पर लिए जाएंगे।
फेड की समीक्षा के लिए बनेगी नई टास्क फोर्स
केविन वॉर्श ने बताया कि फेड अपनी नीतियों की व्यापक समीक्षा के लिए एक नई टास्क फोर्स का गठन कर रहा है। अगले सप्ताह इसमें शामिल विशेषज्ञों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस समिति में केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि अन्य देशों के अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि वैश्विक दृष्टिकोण के साथ नीति निर्माण को और बेहतर बनाया जा सके।
फेड रहेगा पूरी तरह स्वतंत्र
फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वॉर्श ने कहा कि केंद्रीय बैंक पहले भी स्वतंत्र था और आगे भी स्वतंत्र रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव प्रभाव नहीं डालता। फेड का पूरा ध्यान केवल आर्थिक स्थिरता, महंगाई नियंत्रण और रोजगार जैसे प्रमुख उद्देश्यों पर रहेगा।
बयान के बाद सोने में आई जोरदार तेजी
फेड चेयरमैन के बयान का सबसे बड़ा असर कमोडिटी बाजार में देखने को मिला।
कॉमेक्स (COMEX) पर दिनभर दबाव में कारोबार कर रहा सोना अचानक तेज उछला और करीब 66 डॉलर की छलांग लगाकर 4,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि जब फेड ब्याज दरों पर स्पष्ट संकेत नहीं देता और बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं।
MCX पर भी रिकॉर्ड तेजी
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने में शानदार तेजी दर्ज की गई।
अगस्त डिलीवरी वाला सोना लगभग 1.80% यानी 2,554 रुपये चढ़कर 1,45,085 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
ट्रेडिंग के दौरान:
- हाई: 1,45,498 रुपये प्रति 10 ग्राम
- लो: 1,40,552 रुपये प्रति 10 ग्राम
- पिछला बंद भाव: 1,42,531 रुपये प्रति 10 ग्राम
चांदी में भी 3,500 रुपये से ज्यादा की छलांग
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 1.5% से अधिक उछलकर 3,568 रुपये की तेजी के साथ 2,32,131 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।
ट्रेडिंग के दौरान:
- हाई: 2,32,910 रुपये प्रति किलोग्राम
- लो: 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम
- पिछला बंद भाव: 2,28,563 रुपये प्रति किलोग्राम
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
फेड की अगली बैठक अब पूरी तरह आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर मानी जा रही है। यदि महंगाई में और नरमी आती है तो बाजार ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बनाए रख सकता है। वहीं यदि महंगाई दोबारा बढ़ती है तो फेड सख्त रुख भी अपना सकता है।
ऐसे माहौल में सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को अमेरिकी महंगाई, रोजगार और फेड की अगली मौद्रिक नीति बैठक से जुड़े संकेतों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।


