IT Stocks Fall: भारतीय आईटी सेक्टर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक आर्थिक सुस्ती का असर लगातार दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ महीनों में देश की दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे हैं कि शीर्ष 10 आईटी कंपनियों के मार्केट कैप में आई कुल गिरावट रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा मार्केट कैप से भी अधिक हो चुकी है।
Highlights
- टॉप 10 आईटी कंपनियों का मार्केट कैप करीब ₹19.28 लाख करोड़ घटा।
- अकेले TCS की मार्केट वैल्यू में ₹9.12 लाख करोड़ की गिरावट।
- Infosys, Wipro और LTIMindtree के शेयर 50% तक टूटे।
- AI और अमेरिकी बाजार की कमजोरी से बढ़ा दबाव।
AI और वैश्विक सुस्ती ने बढ़ाई आईटी सेक्टर की मुश्किलें
नई दिल्ली: भारतीय आईटी उद्योग लंबे समय तक शेयर बाजार का सबसे भरोसेमंद सेक्टर माना जाता रहा, लेकिन अब यही सेक्टर निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल, अमेरिका में कमजोर आईटी खर्च और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने भारतीय आईटी कंपनियों की ग्रोथ पर बड़ा असर डाला है।
देश की चार बड़ी आईटी कंपनियां TCS, Infosys, Wipro और LTIMindtree अपने-अपने ऑल टाइम हाई से 50% या उससे अधिक नीचे कारोबार कर रही हैं। इन कंपनियों सहित देश की शीर्ष 10 आईटी कंपनियों के मार्केट कैप में कुल मिलाकर लगभग ₹19.28 लाख करोड़ की गिरावट आ चुकी है।
दिलचस्प बात यह है कि यह गिरावट रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा करीब ₹17.71 लाख करोड़ के मार्केट कैप से भी ज्यादा है।
TCS को सबसे बड़ा झटका
देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी TCS को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है।
- ऑल टाइम हाई: ₹4,592.25 (30 अगस्त 2024)
- मौजूदा भाव: करीब ₹2,033
- गिरावट: लगभग 56%
इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप ₹16.47 लाख करोड़ से घटकर ₹7.35 लाख करोड़ रह गया। यानी निवेशकों की करीब ₹9.12 लाख करोड़ की संपत्ति कम हो गई।
Infosys की मार्केट वैल्यू भी लगभग आधी
भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys भी भारी दबाव में है।
- ऑल टाइम हाई: ₹2,006.45 (13 दिसंबर 2024)
- मौजूदा भाव: करीब ₹1,006
- गिरावट: लगभग 50%
कंपनी का मार्केट कैप ₹8.30 लाख करोड़ से घटकर ₹4.08 लाख करोड़ रह गया, यानी करीब आधी वैल्यू खत्म हो गई।
Wipro और LTIMindtree में भी 50% से ज्यादा गिरावट
Wipro
- ऑल टाइम हाई: ₹369.93
- मौजूदा भाव: ₹170.35
- गिरावट: करीब 54%
LTIMindtree
- ऑल टाइम हाई: ₹7,588.80
- मौजूदा भाव: ₹3,543
- गिरावट: 53% से अधिक
इन दोनों कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
अन्य आईटी कंपनियों का हाल
बाकी प्रमुख आईटी कंपनियां भी दबाव से अछूती नहीं रहीं।
| कंपनी | पीक से गिरावट |
|---|---|
| HCL Tech | 47% |
| Persistent Systems | 36% |
| Mphasis | 41% |
| Tech Mahindra | 24% |
हालांकि टेक महिंद्रा में गिरावट अन्य कंपनियों की तुलना में कम रही है, लेकिन सेक्टर की कमजोर धारणा का असर इस पर भी साफ दिखाई देता है।
आखिर क्यों टूट रहे हैं आईटी शेयर?
विश्लेषकों के अनुसार इसके पीछे दो बड़े कारण हैं।
1. अमेरिकी बाजार में कमजोरी
भारतीय आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा उत्तरी अमेरिका से आता है। वहां कॉर्पोरेट कंपनियां लागत कम करने और टेक्नोलॉजी खर्च पर नियंत्रण रखने की रणनीति अपना रही हैं। इससे नए प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हुई है और आईटी कंपनियों की ऑर्डर बुक प्रभावित हुई है।
2. GenAI से बदल रहा बिजनेस मॉडल
Generative AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल को चुनौती दी है। पहले जिन कामों के लिए बड़ी टीमों की जरूरत होती थी, अब उनमें AI आधारित ऑटोमेशन तेजी से जगह बना रहा है। इससे भविष्य की ग्रोथ, मार्जिन और कर्मचारियों की जरूरत को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ी हैं।
क्या आगे सुधर सकता है आईटी सेक्टर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका में ब्याज दरों में नरमी आती है, कॉर्पोरेट आईटी खर्च बढ़ता है और कंपनियां AI को अपने बिजनेस मॉडल में सफलतापूर्वक शामिल कर पाती हैं, तो सेक्टर में रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल निवेशकों की नजर आगामी तिमाही नतीजों, नए डील विन्स और कंपनियों के मैनेजमेंट आउटलुक पर रहेगी।
निष्कर्ष
भारतीय आईटी सेक्टर फिलहाल अपने सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। AI के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक आर्थिक दबाव ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। शीर्ष आईटी कंपनियों की मार्केट वैल्यू में ₹19 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में कंपनियों को नए बिजनेस मॉडल, AI आधारित सेवाओं और बेहतर ग्रोथ रणनीति पर तेजी से काम करना होगा। फिलहाल सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।


