नई दिल्ली: ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर समाधान उपलब्ध कराने वाली केपीआईटी टेक्नोलॉजीज (KPIT Technologies) के शेयरों में बुधवार को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। कंपनी द्वारा अप्रैल-जून तिमाही के लिए कमजोर प्रदर्शन और आगे भी कारोबार में नरमी बने रहने के संकेत देने के बाद निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली की। इसके साथ ही वैश्विक ब्रोकरेज जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) ने भी कंपनी की रेटिंग ‘Neutral’ से घटाकर ‘Underweight’ कर दी, जिससे शेयर पर दबाव और बढ़ गया।
बीएसई पर 671.55 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले शेयर 604.40 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान करीब 15.24% टूटकर 569.20 रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावटों में से एक रही।
Highlights
- केपीआईटी टेक का शेयर एक दिन में 15% से ज्यादा टूटा।
- कंपनी ने सितंबर तिमाही तक कारोबार कमजोर रहने की चेतावनी दी।
- जेपी मॉर्गन ने रेटिंग घटाकर ‘Underweight’ की।
- टार्गेट प्राइस 700 रुपये से घटाकर 550 रुपये किया।
- BMW और Volkswagen की खर्च कटौती से कंपनी के बिजनेस पर असर।
निवेशकों की दौलत को बड़ा झटका
बुधवार की गिरावट के बाद केपीआईटी टेक का शेयर हालिया समय के सबसे कमजोर स्तरों पर पहुंच गया। पिछले कुछ समय से कंपनी के शेयर लगातार दबाव में हैं।
हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो—
- 1 दिन में लगभग 15% से अधिक गिरावट
- 5 कारोबारी दिनों में करीब 23% की कमजोरी
- 1 महीने में लगभग 27.6% की गिरावट
- पिछले 1 साल में करीब 54% का नुकसान
इतनी तेज गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार फिलहाल कंपनी के निकट भविष्य को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहा है।
कंपनी ने दिया कमजोर आउटलुक
केपीआईटी टेक्नोलॉजीज ने अपने बिजनेस अपडेट में कहा कि FY27 की दूसरी तिमाही (Q2) में उसका रेवेन्यू पहली तिमाही के आसपास ही रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में भी कंपनी को तेज ग्रोथ की उम्मीद नहीं है।
आमतौर पर निवेशक आईटी कंपनियों से हर तिमाही बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखते हैं। ऐसे में कंपनी का यह संकेत बाजार की उम्मीदों से कमजोर माना गया।
जेपी मॉर्गन ने क्यों घटाई रेटिंग?
कमजोर आउटलुक के बाद जेपी मॉर्गन ने अपने अनुमान भी संशोधित किए।
ब्रोकरेज ने—
- रेटिंग Neutral से Underweight कर दी।
- टार्गेट प्राइस 700 रुपये से घटाकर 550 रुपये कर दिया।
- आने वाले वर्षों के रेवेन्यू और मुनाफे के अनुमान भी कम किए।
ब्रोकरेज का मानना है कि निकट अवधि में कंपनी के बिजनेस पर दबाव बना रह सकता है।
BMW और Volkswagen से मिला बड़ा झटका
जेपी मॉर्गन के अनुसार, यूरोप की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों द्वारा खर्च कम किए जाने का असर केपीआईटी पर साफ दिखाई दे रहा है।
विशेष रूप से—
- BMW
- Volkswagen
जैसी कंपनियों ने टेक्नोलॉजी खर्च में कटौती की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले BMW का कंपनी के कुल रेवेन्यू में लगभग 12% योगदान है। ऐसे में यदि यह ग्राहक अपने प्रोजेक्ट्स धीमे करता है तो उसका सीधा असर कंपनी की आमदनी पर पड़ता है।
रेवेन्यू में गिरावट की आशंका
जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि कंपनी के डॉलर रेवेन्यू में—
- सालाना आधार (YoY) पर लगभग 1% की गिरावट
- तिमाही आधार (QoQ) पर करीब 4% की गिरावट
देखने को मिल सकती है।
ब्रोकरेज के अनुसार यूरोप के ऑटो सेक्टर में निवेश कम होने की वजह से नए प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हुई है।
मार्जिन पर भी बढ़ सकता है दबाव
केवल रेवेन्यू ही नहीं, बल्कि कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी दबाव आने की संभावना जताई गई है।
जेपी मॉर्गन का कहना है कि—
- EBITDA मार्जिन कमजोर रह सकता है।
- नेट प्रॉफिट मार्जिन में भी गिरावट आ सकती है।
- कम समय में लागत घटाना आसान नहीं होगा।
यानी यदि आमदनी घटती है और खर्च उसी स्तर पर बने रहते हैं तो मुनाफे पर असर पड़ना तय है।
FY27 भी चुनौतीपूर्ण रह सकता है
ब्रोकरेज का मानना है कि FY27 की पहली छमाही कंपनी के लिए कमजोर रह सकती है।
अनुमान के मुताबिक—
- तिमाही आधार पर ग्रोथ केवल चौथी तिमाही में लौट सकती है।
- FY27 लगातार दूसरा ऐसा वित्त वर्ष हो सकता है जिसमें कंपनी का ऑर्गेनिक रेवेन्यू घटे।
यही कारण है कि निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
अनुमानों में भी बड़ी कटौती
जेपी मॉर्गन ने अपने मॉडल में कई बदलाव किए हैं।
ब्रोकरेज ने—
- FY27-FY29 के रेवेन्यू अनुमान 5-8% तक घटाए।
- EBITDA मार्जिन अनुमान 20 से 270 बेसिस पॉइंट कम किए।
- EPS (प्रति शेयर आय) अनुमान 9-22% तक घटा दिए।
ये बदलाव बताते हैं कि बाजार फिलहाल कंपनी के मध्यम अवधि के प्रदर्शन को लेकर काफी सतर्क है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी कंपनी के लिए कमजोर आउटलुक और ब्रोकरेज द्वारा रेटिंग डाउनग्रेड दोनों एक साथ आना निवेशकों की धारणा पर बड़ा असर डालता है। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों को केवल एक तिमाही के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी के ऑर्डर बुक, नए ग्राहकों, ऑटो सेक्टर की रिकवरी और भविष्य की रणनीति पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। NewsJagran किसी भी शेयर में खरीद या बिक्री की सिफारिश नहीं करता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


