भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने बिना टिकट यात्रा, महिला कोच में पुरुषों के सफर और स्टेशन या ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने जैसे मामलों में जुर्माने की राशि बढ़ा दी है। नए नियम 20 जून 2026 से लागू हो चुके हैं। रेलवे का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों में अनुशासन बढ़ाना और खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
Highlights
- बिना टिकट यात्रा पर अब न्यूनतम ₹500 का जुर्माना।
- महिला कोच में सफर करने वाले पुरुषों पर ₹2,500 तक का जुर्माना।
- बिना अनुमति ट्रेन या स्टेशन पर सामान बेचने पर ₹2,000 का जुर्माना।
- नए नियम 20 जून 2026 से पूरे देश में लागू।
महिला कोच में सफर करने पर अब सख्त कार्रवाई
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 162 के तहत महिला यात्रियों के लिए आरक्षित डिब्बों में पुरुष यात्रियों का प्रवेश पहले से ही प्रतिबंधित था। लेकिन अब इस नियम को और सख्ती से लागू किया जा रहा है।
जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद महिला कोच में यात्रा करते पाए जाने वाले पुरुष यात्रियों पर अधिकतम ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में कानून के तहत कारावास का भी प्रावधान मौजूद है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि महिला कोच केवल महिला यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आरक्षित हैं। इसलिए पुरुष यात्रियों को सामान्य डिब्बों या अन्य उपलब्ध कोचों में ही यात्रा करनी चाहिए।
बिना टिकट यात्रा अब पड़ेगी महंगी
रेलवे ने बिना वैध टिकट या पास के यात्रा करने वालों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ा दी है। पहले जहां न्यूनतम जुर्माना ₹250 था, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है।
रेलवे का मानना है कि इससे बिना टिकट यात्रा करने की घटनाओं में कमी आएगी और राजस्व नुकसान भी घटेगा। टिकट जांच अभियान भी पहले की तुलना में अधिक सख्ती से चलाए जाएंगे।
बिना अनुमति सामान बेचने वालों पर भी कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति रेलवे स्टेशन या ट्रेन के अंदर बिना अधिकृत अनुमति के सामान बेचता हुआ पाया जाता है, तो अब उस पर ₹2,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
रेलवे का कहना है कि अनधिकृत विक्रेताओं की वजह से यात्रियों को असुविधा होती है और कई बार सुरक्षा संबंधी जोखिम भी पैदा होते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में भी अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आरपीएफ चलाएगी विशेष अभियान
महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पहले से ही नियमित विशेष अभियान चलाता रहा है। अब नए नियम लागू होने के बाद इन अभियानों को और तेज किया जाएगा।
आरपीएफ अधिकारी समय-समय पर महिला कोचों की जांच करेंगे और नियम तोड़ने वाले यात्रियों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई करेंगे।
रेलवे ने क्यों बढ़ाए जुर्माने?
रेल मंत्रालय के अनुसार इन संशोधित नियमों का उद्देश्य—
- महिला यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करना।
- बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना।
- रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखना।
- अनधिकृत गतिविधियों को कम करना।
- यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव देना।
रेल मंत्रालय ने 19 जून 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना में स्पष्ट किया कि जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम से जुड़े संशोधित प्रावधान 20 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप ट्रेन से यात्रा करने जा रहे हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें—
- हमेशा वैध टिकट या आरक्षित टिकट के साथ यात्रा करें।
- पुरुष यात्री महिला आरक्षित कोच में प्रवेश न करें।
- ट्रेन या स्टेशन पर बिना अनुमति किसी प्रकार का सामान न बेचें।
- रेलवे और आरपीएफ के निर्देशों का पालन करें।
- नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
निष्कर्ष
भारतीय रेलवे के नए नियम यात्रियों में अनुशासन बढ़ाने और विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। बिना टिकट यात्रा, महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश और बिना अनुमति सामान बेचने जैसी गतिविधियों पर अब पहले से कहीं अधिक सख्ती बरती जाएगी। इसलिए यात्रा के दौरान रेलवे के नियमों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है।


