Highlights
- लीबिया में पेट्रोल की कीमत सिर्फ ₹2.17 प्रति लीटर के करीब।
- भारी सरकारी सब्सिडी और घरेलू तेल उत्पादन से कीमतें बेहद कम।
- भारत में 82-85% कच्चा तेल आयात होने से पेट्रोल-डीजल महंगा।
नई दिल्ली। दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव, टैक्स, सरकारी नीतियां और स्थानीय सब्सिडी हर देश में ईंधन की कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि कहीं पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिकता है तो कहीं इसकी कीमत एक बिस्किट के छोटे पैकेट से भी कम है।
अगर आपसे पूछा जाए कि दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल किस देश में मिलता है, तो शायद आपका जवाब सऊदी अरब, ईरान या वेनेजुएला हो। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया का सबसे सस्ता पेट्रोल इन देशों में नहीं बल्कि लीबिया में मिलता है।
₹5 में मिल जाएंगे करीब 2 लीटर पेट्रोल
ताजा अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों के अनुसार, लीबिया में एक लीटर पेट्रोल की कीमत लगभग 0.023 अमेरिकी डॉलर है। भारतीय मुद्रा में यह करीब ₹2.17 प्रति लीटर बैठती है।
इस हिसाब से यदि आपके पास ₹5 हैं तो आप लगभग 2.3 लीटर पेट्रोल खरीद सकते हैं। यानी भारत में मिलने वाले एक छोटे बिस्किट पैकेट की कीमत में लीबिया में दो लीटर से अधिक पेट्रोल मिल जाता है।
सबसे ज्यादा तेल भंडार वाले देशों में भी नहीं मिलता सबसे सस्ता पेट्रोल
दुनिया में सबसे अधिक कच्चे तेल का भंडार वेनेजुएला के पास है, जहां लगभग 303 अरब बैरल तेल का रिजर्व है। इसके बाद सऊदी अरब (267 अरब बैरल) और ईरान (208 अरब बैरल) का स्थान आता है।
दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों देशों में भी पेट्रोल की कीमत लीबिया जितनी कम नहीं है। लीबिया के पास करीब 48.4 अरब बैरल तेल भंडार है और वह रिजर्व के मामले में दुनिया में लगभग 10वें स्थान पर है, फिर भी पेट्रोल सबसे सस्ता यहीं मिलता है।
लीबिया में पेट्रोल इतना सस्ता क्यों है?
लीबिया में बेहद कम कीमत के पीछे कई वजहें हैं।
सबसे बड़ी वजह सरकारी सब्सिडी है। लीबिया सरकार वर्षों से अपने नागरिकों को ईंधन पर भारी सब्सिडी देती आ रही है, जिससे पेट्रोल की खुदरा कीमत बेहद कम बनी रहती है।
इसके अलावा देश में कच्चे तेल का उत्पादन घरेलू स्तर पर होता है, जिससे आयात लागत नहीं लगती। स्थानीय रिफाइनिंग, कम परिवहन खर्च, अपेक्षाकृत कम टैक्स और सरकार की मूल्य नियंत्रण नीति भी पेट्रोल को सस्ता बनाए रखने में मदद करती है।
कम आबादी और तेल आधारित अर्थव्यवस्था भी सरकार को ईंधन पर सब्सिडी जारी रखने की क्षमता देती है।
भारत में क्यों महंगा है पेट्रोल?
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल उपभोक्ताओं में शामिल है, लेकिन अपनी जरूरत का लगभग 82% से 85% कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपये की विनिमय दर, फ्रेट कॉस्ट और केंद्र एवं राज्यों के टैक्स सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
इसी वजह से भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल की कीमत करीब ₹102 से ₹113 प्रति लीटर के बीच है, जबकि डीजल लगभग ₹95 से ₹100 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है।
हर देश में अलग क्यों होती हैं पेट्रोल की कीमतें?
दुनिया में पेट्रोल की कीमत केवल कच्चे तेल के भंडार पर निर्भर नहीं करती। इसके पीछे कई आर्थिक और नीतिगत कारण होते हैं।
- सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी
- ईंधन पर लगने वाले टैक्स
- कच्चे तेल का आयात या घरेलू उत्पादन
- रिफाइनिंग और परिवहन लागत
- स्थानीय मुद्रा की स्थिति
- ऊर्जा संबंधी सरकारी नीतियां
इन्हीं कारणों से तेल उत्पादक देश होने के बावजूद कुछ देशों में पेट्रोल महंगा होता है, जबकि कुछ देशों में सरकार नागरिकों को राहत देने के लिए इसकी कीमत बेहद कम रखती है।
निष्कर्ष
लीबिया दुनिया का वह देश है जहां फिलहाल पेट्रोल की कीमत सबसे कम है। इसकी सबसे बड़ी वजह सरकारी सब्सिडी, घरेलू तेल उत्पादन और मूल्य नियंत्रण नीति है। दूसरी ओर भारत जैसे देशों को अपनी अधिकांश तेल जरूरतें आयात से पूरी करनी पड़ती हैं, जिसके कारण यहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें वैश्विक बाजार और टैक्स व्यवस्था से प्रभावित होती हैं। इसलिए दोनों देशों की कीमतों में इतना बड़ा अंतर देखने को मिलता है।


