नई दिल्ली: तमिलनाडु में औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला एक बड़ा निवेश प्रस्ताव सामने आया है। दक्षिण कोरिया की दिग्गज शिपबिल्डिंग कंपनी एचडी हुंडई (HD Hyundai) राज्य में करीब 4 अरब डॉलर (लगभग ₹38,000 करोड़) का मेगा शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना से करीब 15,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
थूथुकुडी बनेगा नया शिपबिल्डिंग हब
तमिलनाडु सरकार ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के दक्षिणी जिले थूथुकुडी (Tuticorin) में स्थापित की जाएगी। हाल ही में एचडी कोरिया शिपबिल्डिंग एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग (HD KSOE) के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कंपनी को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
पहले ही हो चुका है MoU
दक्षिण कोरियाई कंपनी और तमिलनाडु सरकार के बीच इस ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग परियोजना को लेकर पहले ही समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। परियोजना का उद्देश्य तमिलनाडु के समुद्री व्यापार और भारी उद्योग क्षेत्र को मजबूत बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश थूथुकुडी को आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख जहाज निर्माण केंद्रों में बदल सकता है। इससे बंदरगाह आधारित उद्योगों और सप्लाई चेन को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
प्रोजेक्ट के लिए बनाई गई विशेष इकाई
इस मेगा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सिपकॉट (SIPCOT) और वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी ने मिलकर नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क तमिलनाडु लिमिटेड (NSHIPTN) नाम की विशेष इकाई का गठन किया है।
इसके अलावा परियोजना को जहाजरानी महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) से पहली इन-प्रिंसिपल मंजूरी भी प्राप्त हो चुकी है, जिससे इसके जल्द शुरू होने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।
15 हजार नौकरियां मिलने की उम्मीद
राज्य सरकार के अनुसार, इस परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान लगभग 15,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इनमें इंजीनियरिंग, तकनीकी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सेवाओं से जुड़े पद शामिल होंगे।
यह निवेश खासतौर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
कर्ज के बोझ को कम करने में मिल सकती है मदद
तमिलनाडु सरकार पर इस समय भारी कर्ज का दबाव है। राज्य के 2026-27 अंतरिम बजट के अनुसार, तमिलनाडु का कुल बकाया ऋण 10.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
ऐसे में ₹38,000 करोड़ का यह निवेश न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि कर संग्रह और आर्थिक गतिविधियों के जरिए राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि करेगा। इससे लंबे समय में वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
चुनावी वादों को पूरा करने में मददगार
थलपति विजय ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। ऐसे में यह परियोजना उनकी सरकार के रोजगार सृजन एजेंडे को मजबूत करने वाली साबित हो सकती है।
हाल के महीनों में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भी तमिलनाडु में निवेश की रुचि दिखाई है। इससे संकेत मिलते हैं कि राज्य तेजी से देश के प्रमुख विनिर्माण और औद्योगिक केंद्रों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
निष्कर्ष
एचडी हुंडई का ₹38,000 करोड़ का शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट तमिलनाडु के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे हजारों नौकरियां पैदा होंगी, औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और थूथुकुडी वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण शिपबिल्डिंग हब के रूप में उभर सकता है। थलपति विजय सरकार के लिए यह निवेश आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।


