नई दिल्ली: आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के बाद अब अंडों की कीमतों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली है। देश में अंडे का थोक भाव अब अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। नामक्कल नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) ने अंडे की कीमत बढ़ाकर ₹6.45 प्रति अंडा कर दी है, जो अब तक का नया रिकॉर्ड है।
₹6.45 प्रति अंडा पहुंचा भाव, टूटा पुराना रिकॉर्ड
रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार तक अंडे का थोक भाव ₹6.40 प्रति अंडा था। इसके बाद NECC के जोनल अध्यक्ष ने कीमत में 5 पैसे की बढ़ोतरी की घोषणा की, जिससे नया भाव ₹6.45 प्रति अंडा हो गया।
इससे पहले दिसंबर 2025 में अंडे का अधिकतम भाव ₹6.35 प्रति अंडा दर्ज किया गया था। यानी मौजूदा कीमत ने पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा बाजार में एक अंडे की कीमत कई शहरों में ₹10 या उससे अधिक तक पहुंच सकती है।
क्यों बढ़ रहे हैं अंडों के दाम?
अंडे की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा कारण देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी है। पोल्ट्री उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक तापमान की वजह से मुर्गियों की उत्पादकता प्रभावित हुई है, जिससे अंडों का उत्पादन लगभग 15 प्रतिशत तक घट गया है।
दूसरी ओर, प्रोटीन युक्त भोजन की बढ़ती मांग के कारण अंडों की खपत लगातार बढ़ रही है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर ने कीमतों को ऊपर धकेला है।
इसके अलावा डीजल की बढ़ती लागत और परिवहन खर्च में वृद्धि ने भी अंडों की कीमतों पर असर डाला है। पोल्ट्री उत्पादों को देशभर में पहुंचाने के लिए होने वाला अतिरिक्त खर्च आखिरकार उपभोक्ताओं पर ही पड़ रहा है।
मई से लगातार बढ़ रहे हैं भाव
1 मई 2026 को अंडे का भाव करीब ₹5.70 प्रति अंडा था। इसके बाद से कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
करीब डेढ़ महीने के भीतर अंडे की कीमत में 75 पैसे प्रति अंडा का इजाफा हो चुका है। बड़े स्तर पर खरीदारी करने वाले होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और खाद्य उद्योग पर भी इसका असर पड़ सकता है।
नामक्कल क्यों कहलाता है ‘एग सिटी’?
तमिलनाडु का नामक्कल शहर देश का सबसे बड़ा अंडा उत्पादन केंद्र माना जाता है। इसे अक्सर “एग सिटी ऑफ इंडिया” भी कहा जाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां लगभग 1100 से 1600 छोटे-बड़े पोल्ट्री फार्म संचालित हैं। प्रतिदिन 6 से 7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है। भारत से होने वाले अंडा निर्यात में भी नामक्कल की हिस्सेदारी सबसे अधिक मानी जाती है।
खाड़ी देशों सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यहां उत्पादित अंडों की बड़ी मांग है।
आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा दबाव
अंडा देश में सबसे सस्ता और लोकप्रिय प्रोटीन स्रोत माना जाता है। ऐसे में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर सीधे आम उपभोक्ताओं, छात्रों, खिलाड़ियों और फिटनेस प्रेमियों पर पड़ सकता है।
यदि गर्मी और उत्पादन संबंधी चुनौतियां बनी रहती हैं, तो आने वाले हफ्तों में कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल उपभोक्ताओं को अंडों के लिए पहले से अधिक कीमत चुकाने के लिए तैयार रहना होगा।


