नई दिल्ली। देश में स्वच्छ ईंधन और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इसी अभियान के तहत E20 पेट्रोल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर एक नया दावा वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि यह ईंधन चींटियों को आकर्षित करता है और वाहनों के फ्यूल फिलर कैप के आसपास चींटियां जमा होने लगती हैं।
अब इस वायरल दावे पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह गलत और वैज्ञानिक आधार से रहित बताया है।
क्या है पूरा मामला?
BPCL has examined the claims circulating on social media regarding ants congregating around vehicle fuel filler caps and their alleged association with E20 petrol.
Fuel-grade ethanol used for petrol blending is produced through fermentation and distillation processes that… pic.twitter.com/1qED7xBBhe
— Bharat Petroleum (@BPCLimited) June 17, 2026 सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से शेयर किया गया, जिसमें एक कार के फ्यूल फिलर कैप के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां दिखाई दे रही थीं। वीडियो में E20 का स्टिकर भी नजर आ रहा था। इसके बाद कई लोगों ने यह निष्कर्ष निकाल लिया कि E20 पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल चींटियों को आकर्षित करता है।
बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाण के यह दावा तेजी से वायरल हो गया और कई वाहन मालिकों के बीच चिंता का विषय बन गया।
BPCL ने क्या कहा?
BPCL ने इस वायरल दावे की जांच के बाद स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल और चींटियों के जमावड़े के बीच कोई वैज्ञानिक संबंध नहीं है।
कंपनी के अनुसार पेट्रोल में मिलाया जाने वाला फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल विशेष औद्योगिक प्रक्रिया के तहत तैयार किया जाता है। इसके निर्माण में किण्वन (Fermentation) और आसवन (Distillation) जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, जिनके दौरान एथेनॉल में मौजूद सभी प्रकार की शर्करा (Sugar) पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
यानी जिस चीनी या मिठास की वजह से चींटियां आकर्षित हो सकती हैं, वह एथेनॉल में मौजूद ही नहीं रहती।
कीट-पतंगों को दूर रखने वाले तत्व भी मिलाए जाते हैं
BPCL ने बताया कि फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल में डिनैचुरेंट्स (Denaturants) मिलाए जाते हैं। ये ऐसे रसायन होते हैं जो ईंधन को पीने योग्य बनने से रोकते हैं और कई मामलों में कीट-पतंगों को दूर रखने में भी मदद करते हैं।
इसलिए यह दावा कि E20 पेट्रोल चींटियों को आकर्षित करता है, वैज्ञानिक तथ्यों से मेल नहीं खाता।
पेट्रोल की गंध रहती है प्रमुख
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल में भले ही 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला हो, लेकिन उसकी प्रमुख गंध पेट्रोल के हाइड्रोकार्बन तत्वों की ही रहती है।
एथेनॉल की हल्की गंध पेट्रोल की तेज गंध के सामने प्रभावी नहीं होती। ऐसे में किसी भी कीट या चींटी के लिए E20 पेट्रोल कोई विशेष आकर्षण पैदा नहीं करता।
कम वाष्प बनने का भी दावा
BPCL के मुताबिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम वाष्प (Vapours) पैदा करता है। इससे वातावरण में ऐसे तत्वों की मात्रा और कम हो जाती है जो किसी कीट को आकर्षित कर सकें।
कंपनी ने साफ शब्दों में कहा है कि E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच संबंध का दावा पूरी तरह निराधार है और इसके समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।
आखिर क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है। एथेनॉल एक जैव ईंधन (Biofuel) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है।
भारत सरकार का लक्ष्य एथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर:
- कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना
- विदेशी मुद्रा की बचत करना
- कार्बन उत्सर्जन घटाना
- किसानों की आय बढ़ाना
है।
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा कि E20 पेट्रोल चींटियों को आकर्षित करता है, पूरी तरह भ्रामक साबित हुआ है। BPCL ने स्पष्ट किया है कि फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल में कोई शर्करा नहीं होती और इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो कीट-पतंगों को दूर रखने में मदद करते हैं। ऐसे में वाहन मालिकों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक और वैज्ञानिक जानकारी पर विश्वास करना चाहिए।
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