नई दिल्ली। अगर आप लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का सपना देख रहे हैं, तो म्यूचुअल फंड आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। खासकर SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करने वाले निवेशकों को समय के साथ कंपाउंडिंग का बड़ा फायदा मिलता है। पिछले 10 वर्षों में कुछ म्यूचुअल फंड्स ने 20 फीसदी से ज्यादा का सालाना रिटर्न (CAGR) देकर निवेशकों को शानदार मुनाफा दिया है।
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि किसी निवेशक ने इन फंड्स में हर महीने ₹10,000 की SIP की होती, तो आज उसके पास कितना बड़ा फंड जमा हो चुका होता? आइए जानते हैं उन टॉप फंड्स के बारे में जिन्होंने 10 साल में निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया।
10 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले म्यूचुअल फंड
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, कुछ फंड्स ने पिछले दशक में 20% से अधिक CAGR रिटर्न दर्ज किया है। इनमें सबसे आगे निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड रहा है।
| फंड का नाम | AUM (करोड़ रुपये) | एक्सपेंस रेशियो (%) | 10 वर्ष CAGR (%) | NAV |
|---|---|---|---|---|
| निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड | 74,604.07 | 0.63 | 22.08 | ₹200.59 |
| क्वांट इंफ्रास्ट्रक्चर फंड | 3,193.89 | 0.76 | 21.40 | ₹45.72 |
| क्वांट ELSS टैक्स सेवर फंड | 13,070.35 | 0.72 | 20.79 | ₹448.42 |
| क्वांट फ्लेक्सी कैप फंड | 6,993.58 | 0.67 | 20.61 | ₹119.97 |
| क्वांट स्मॉल कैप फंड | 30,373.69 | 0.69 | 20.61 | ₹300.05 |
इन आंकड़ों से साफ है कि स्मॉल कैप और इंफ्रास्ट्रक्चर थीम वाले फंड्स ने लंबी अवधि में निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है।
₹10,000 की SIP से कितना बन सकता था फंड?
मान लीजिए किसी निवेशक ने 10 साल पहले हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की होती। ऐसे में कुल निवेश राशि 10 वर्षों में ₹12 लाख होती।
अगर उसे औसतन 22% सालाना रिटर्न मिलता, तो कंपाउंडिंग के प्रभाव से उसका कुल फंड लगभग ₹34.61 लाख तक पहुंच सकता था।
कैलकुलेशन इस प्रकार है:
- कुल निवेश: ₹12,00,000
- अनुमानित निवेश मूल्य: ₹34,61,762
- कुल लाभ: ₹22,61,762
यानी निवेशक का पैसा लगभग तीन गुना हो जाता।
SIP निवेशकों के लिए क्यों फायदेमंद है?
SIP निवेश का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का असर औसत हो जाता है। निवेशक हर महीने निश्चित राशि निवेश करता है, जिससे रुपये लागत औसत (Rupee Cost Averaging) का लाभ मिलता है।
इसके अलावा लंबी अवधि में कंपाउंडिंग निवेश को तेजी से बढ़ाने का काम करती है। यही कारण है कि वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर कम उम्र में SIP शुरू करने की सलाह देते हैं।
सिर्फ रिटर्न देखकर निवेश करना सही नहीं
हालांकि किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले केवल पिछले रिटर्न को आधार नहीं बनाना चाहिए। निवेशकों को फंड के जोखिम, पोर्टफोलियो, फंड मैनेजर की रणनीति और एक्सपेंस रेशियो पर भी ध्यान देना चाहिए।
स्मॉल कैप और सेक्टोरल फंड्स आमतौर पर ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी अधिक होता है। बाजार में गिरावट आने पर ऐसे फंड्स में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि फंड का एक्सपेंस रेशियो कितना है। ज्यादा खर्च वाला फंड लंबे समय में आपके वास्तविक रिटर्न को कम कर सकता है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
लंबी अवधि के निवेश के लिए हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें। निवेश की अवधि, जोखिम लेने की क्षमता और जरूरतों के आधार पर फंड चुनें। यदि आप नए निवेशक हैं तो डायवर्सिफाइड फ्लेक्सी कैप या इंडेक्स फंड से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है।
वहीं, ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशक स्मॉल कैप और थीमैटिक फंड्स में सीमित हिस्सेदारी रख सकते हैं। नियमित निवेश और धैर्य लंबे समय में बेहतर रिटर्न दिलाने में मदद करते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।


