Vedanta Aluminium Share Price Target: वेदांता समूह की कंपनी वेदांता एल्युमिनियम (VAML) को लेकर विदेशी और घरेलू ब्रोकरेज फर्में काफी बुलिश नजर आ रही हैं। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और CITI दोनों ने कंपनी के शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹560 से ₹600 तक का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में बढ़ती उत्पादन क्षमता, लागत में कमी और एल्युमिनियम की मजबूत कीमतें कंपनी की कमाई को नई ऊंचाई पर ले जा सकती हैं।
HighLights
- कोटक और CITI ने वेदांता एल्युमिनियम पर BUY रेटिंग दी।
- शेयर के लिए ₹560 से ₹600 तक का टारगेट प्राइस तय।
- एल्युमिनियम बाजार में सप्लाई की कमी से कीमतों को सपोर्ट।
- लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर भरोसा।
- मजबूत कैश फ्लो से कर्ज घटाने और शेयरधारकों को फायदा मिलने की उम्मीद।
नई दिल्ली। वेदांता समूह की चार कंपनियों की हालिया लिस्टिंग के बाद बाजार की नजर अब इनके भविष्य के प्रदर्शन पर टिकी हुई है। इसी क्रम में वेदांता एल्युमिनियम लिमिटेड (VAML) को लेकर प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है। गुरुवार, 18 जून को शेयर में मामूली कमजोरी देखने को मिली, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में कंपनी के बिजनेस मॉडल और सेक्टर की संभावनाएं निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकती हैं।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने दिया ₹600 का टारगेट
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार वेदांता एल्युमिनियम भारतीय एल्युमिनियम उद्योग में सबसे मजबूत स्थिति वाली कंपनियों में से एक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी आने वाले वर्षों में सबसे अधिक वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज कर सकती है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का वॉल्यूम CAGR लगभग 6% रह सकता है। इसके अलावा बॉक्साइट और कोयला खदानों के साथ बैकवर्ड इंटीग्रेशन बढ़ने से उत्पादन लागत में करीब 150 डॉलर प्रति टन तक की कमी आ सकती है।
कोटक का मानना है कि वैश्विक एल्युमिनियम बाजार में सप्लाई की कमी बनी रह सकती है, जिससे कीमतों को समर्थन मिलेगा और कंपनी की कमाई मजबूत होगी। मजबूत फ्री कैश फ्लो (FCF) के कारण कंपनी तेजी से कर्ज घटाने और शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने की स्थिति में होगी। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने शेयर पर BUY रेटिंग के साथ ₹600 का टारगेट प्राइस दिया है।
CITI भी बुलिश, ₹560 का लक्ष्य
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CITI ने भी वेदांता एल्युमिनियम पर सकारात्मक रुख अपनाया है। फर्म ने शेयर के लिए ₹560 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है।
CITI की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2027 और 2028 में एल्युमिनियम की औसत कीमत क्रमशः $3,700 और $3,800 प्रति टन तक पहुंच सकती है। हाल ही में US-Iran समझौते (MoU) की खबर के बाद एल्युमिनियम की कीमतों में कुछ नरमी आई है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि बाजार में अभी भी सप्लाई की कमी बनी हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 3 से 6 महीनों में वैश्विक इन्वेंट्री तेजी से घट सकती है, जिससे एल्युमिनियम की कीमतें मौजूदा स्तर से 15-20% तक बढ़कर $4,000 प्रति टन तक पहुंचने की संभावना है।
क्यों मजबूत दिख रहा है एल्युमिनियम सेक्टर?
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर एल्युमिनियम उत्पादन में व्यवधान और नई क्षमता जोड़ने में लगने वाला लंबा समय बाजार में सप्लाई दबाव पैदा कर रहा है। दूसरी ओर, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से मांग लगातार बढ़ रही है।
स्मेल्टर बंद होने के बाद उत्पादन दोबारा शुरू करने में 6 से 18 महीने तक का समय लग सकता है। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर कीमतों को ऊंचा बनाए रख सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
दो प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि वेदांता एल्युमिनियम आने वाले वर्षों में वॉल्यूम ग्रोथ, लागत नियंत्रण और बेहतर कमोडिटी कीमतों का लाभ उठा सकती है। हालांकि किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम कारकों और बाजार परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई राय और टारगेट प्राइस संबंधित ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट पर आधारित हैं। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


