नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शामिल यस बैंक (Yes Bank) एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। पिछले तीन महीनों में बैंक के शेयरों ने करीब 34 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ कारोबार कर रहे यस बैंक के शेयरों ने हाल ही में ₹24 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
बैंक के शेयरों में आई इस तेजी के पीछे सिर्फ तकनीकी कारण नहीं हैं, बल्कि कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजे, बैलेंस शीट में सुधार और विस्तार की आक्रामक रणनीति भी अहम भूमिका निभा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो शेयर निकट अवधि में नए स्तर छू सकता है।
तीन महीने में 34% का रिटर्न, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
यस बैंक के शेयरों में पिछले कुछ समय से लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है। पिछले तीन महीनों में स्टॉक ने लगभग 34 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। हालिया कारोबारी सत्रों में भी शेयर मजबूत प्रदर्शन करता दिखाई दिया है और लगातार तीन दिनों से इसमें तेजी बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक की परिचालन क्षमता में सुधार और भविष्य की विकास योजनाओं ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। यही वजह है कि स्टॉक में खरीदारी का रुझान लगातार बना हुआ है।
बैंक तेजी से बढ़ा रहा अपना नेटवर्क
यस बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देशभर में 82 नई शाखाएं खोली हैं। यह बैंक की अगले 4 से 5 वर्षों में लगभग 400 नई शाखाएं खोलने की बड़ी योजना का हिस्सा है।
बैंक प्रबंधन का मानना है कि शाखाओं के विस्तार से रिटेल और एमएसएमई सेगमेंट में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे जमा आधार मजबूत होगा और लोन बुक का आकार भी बढ़ेगा, जिसका सकारात्मक असर भविष्य की कमाई पर पड़ सकता है।
मार्च तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन
31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में यस बैंक ने मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए।
बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 44.7 फीसदी बढ़कर ₹1,068.42 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹738.12 करोड़ था।
इसके अलावा बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 16 फीसदी बढ़कर ₹2,637.7 करोड़ रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹2,276.36 करोड़ थी।
कुल आय भी बढ़कर ₹9,381.07 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले वर्ष समान अवधि में ₹9,355.39 करोड़ थी। वहीं अन्य आय ₹1,730.17 करोड़ दर्ज की गई।
एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार
यस बैंक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक उसकी एसेट क्वालिटी में सुधार माना जा रहा है।
मार्च 2026 तिमाही के अंत तक बैंक का ग्रॉस एनपीए (NPA) अनुपात घटकर 1.3 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले 1.6 फीसदी था।
इसी तरह नेट एनपीए भी 0.3 फीसदी से घटकर 0.2 फीसदी पर आ गया। इससे स्पष्ट है कि बैंक खराब ऋणों को नियंत्रित करने में सफल रहा है और उसकी बैलेंस शीट पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह का कहना है कि 2020 के संकट के बाद यस बैंक ने धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से वापसी की है। बैंक ने अपनी बैलेंस शीट को बेहतर बनाया है और एनपीए पर नियंत्रण कायम रखा है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा फिर से लौट रहा है।
वहीं आनंद राठी के टेक्निकल रिसर्च विशेषज्ञ जिगर एस पटेल के अनुसार शेयर के लिए ₹22 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा सकता है जबकि ₹24.3 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है।
उनका कहना है कि यदि शेयर ₹24.3 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो इसमें ₹26 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निकट अवधि में शेयर ₹22 से ₹26 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
₹24 के बाद अगला टारगेट क्या?
तकनीकी संकेतकों और विशेषज्ञों की राय को देखें तो ₹24.3 का स्तर यस बैंक के लिए बेहद अहम है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर शेयर में ₹26 तक का लक्ष्य दिखाई दे सकता है।
हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बैंकिंग शेयरों पर बाजार की समग्र धारणा, ब्याज दरों की दिशा और तिमाही नतीजों का असर पड़ता है। इसलिए किसी भी निवेश निर्णय से पहले जोखिम और अवसर दोनों का मूल्यांकन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी बाजार विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


