Gold Import News: अप्रैल के मुकाबले मई में सोने का आयात 39% घटा, चांदी के आयात में 81% की बड़ी गिरावट
नई दिल्ली। देश में सोने और चांदी के आयात में मई 2026 के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सरकार द्वारा आयात शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद को लेकर की गई अपील दोनों का असर देखने को मिल रहा है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल की तुलना में मई में गोल्ड और सिल्वर इंपोर्ट में तेज गिरावट दर्ज की गई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में सोने का आयात घटकर 3.42 अरब डॉलर रह गया। अप्रैल में यह आंकड़ा 5.63 अरब डॉलर था। यानी एक महीने में सोने के आयात में 39.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि सालाना आधार पर देखें तो मई 2025 के मुकाबले सोने का आयात अभी भी 34 प्रतिशत अधिक रहा है। पिछले साल मई में देश ने 2.55 अरब डॉलर मूल्य का सोना आयात किया था।
आयात शुल्क बढ़ने के बाद दिखा असर
सरकार ने 12 मई 2026 को सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। इसका उद्देश्य गैर-जरूरी आयात को नियंत्रित करना और व्यापार घाटे पर दबाव कम करना था।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से एक वर्ष तक सोने की खरीद से परहेज करने की अपील की थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों फैसलों का असर अब आयात के आंकड़ों में दिखाई देने लगा है।
अप्रैल-मई में गोल्ड इंपोर्ट 60% बढ़ा
हालांकि पूरे वित्त वर्ष की शुरुआत के आंकड़े अभी भी मजबूत बने हुए हैं। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-मई 2026 के दौरान कुल गोल्ड इंपोर्ट 9.04 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 5.65 अरब डॉलर की तुलना में 60.1 प्रतिशत अधिक है।
इससे संकेत मिलता है कि वर्ष की शुरुआत में सोने की मांग मजबूत रही, लेकिन मई में शुल्क वृद्धि के बाद खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ गई।
चांदी के आयात में सबसे बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी के आयात में भी भारी कमी दर्ज की गई है। अप्रैल में जहां चांदी का आयात 41.1 करोड़ डॉलर था, वहीं मई में यह घटकर केवल 7.6 करोड़ डॉलर रह गया।
यह एक महीने में 81.6 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। वहीं पिछले वर्ष मई की तुलना में भी चांदी का आयात 86.7 प्रतिशत कम रहा।
मई 2026 में देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 6.2 प्रतिशत रही, जबकि चांदी की हिस्सेदारी केवल 0.3 प्रतिशत दर्ज की गई।
छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा निर्यात
दूसरी ओर भारत का निर्यात प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। मई 2026 में देश से वस्तुओं का कुल निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 45.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले छह महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
हालांकि आयात में भी 20.62 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 73.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसके चलते व्यापार घाटा बढ़कर 28.21 अरब डॉलर हो गया। फिर भी यह अप्रैल के 28.38 अरब डॉलर के मुकाबले थोड़ा कम रहा।
अगले सप्ताह होगी भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जानकारी दी है कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर अगले सप्ताह भारत दौरे पर आएंगे। इस दौरान 23 और 24 जून को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाली यह वार्ता आने वाले महीनों में व्यापार और आयात-निर्यात के आंकड़ों को प्रभावित कर सकती है।
क्या आगे भी घटेगा सोने का आयात?
बाजार जानकारों का कहना है कि यदि सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और आयात शुल्क में कोई राहत नहीं मिलती है तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी के आयात में और कमी देखने को मिल सकती है। इससे व्यापार घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, लेकिन ज्वेलरी उद्योग और बुलियन कारोबार पर इसका असर पड़ सकता है।


