नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 इंडेक्स 23,900 अंक के अहम स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया।
सुबह करीब 9:20 बजे बीएसई सेंसेक्स 246.02 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 76,510.35 अंक पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी ओर, निफ्टी50 69.85 अंक यानी 0.29 फीसदी मजबूत होकर 23,923.75 अंक पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को भी बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, जब सेंसेक्स 736.38 अंक चढ़कर बंद हुआ था जबकि निफ्टी में 231 अंकों की मजबूती दर्ज की गई थी।
सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर हरे निशान में
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर बढ़त के साथ खुले। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक सबसे बड़े गेनर के रूप में उभरी और इसके शेयर में करीब 2.75 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
इसके अलावा टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
हालांकि सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली।
इन सेक्टरों में दिखी सबसे ज्यादा मजबूती
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
निफ्टी पर हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.23 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.29 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
वहीं, निफ्टी मेटल इंडेक्स पर दबाव बना रहा और इसमें एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल में नरमी से बाजार को मिला सहारा
वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर बनी हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ शांतिपूर्ण समझौते पर सहमति बन चुकी है। यदि यह समझौता सफल रहता है तो शुक्रवार तक होर्मुज स्ट्रेट खुल सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिलेगी।
इस खबर का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.30 फीसदी की गिरावट के साथ 82.92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.11 फीसदी फिसलकर 80.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आती है तो भारत जैसे आयातक देशों के लिए यह सकारात्मक संकेत होगा और इससे शेयर बाजार को भी समर्थन मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विश्लेषकों के अनुसार, लगातार तीसरे दिन बाजार में आई तेजी से निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद विदेशी निवेशकों की खरीदारी और तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक कारक बने हुए हैं।
हालांकि निवेशकों को आगामी वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि इनमें किसी भी तरह का बदलाव बाजार की दिशा प्रभावित कर सकता है।
Disclaimer: बाजार संकेतक है। यह लिस्टिंग प्राइस या रिटर्न की कोई गारंटी नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


