नई दिल्ली। दुनिया में संपत्ति और निवेश का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। आने वाले पांच वर्षों में अरबपतियों (Billionaires) की संख्या में बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है। वैश्विक रियल एस्टेट और वेल्थ कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक (Knight Frank) की वेल्थ रिपोर्ट 2026 के अनुसार, 2031 तक दुनिया में अरबपतियों की कुल संख्या 3,915 तक पहुंच सकती है। यह 2026 के मुकाबले लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
रिपोर्ट बताती है कि केवल विकसित अर्थव्यवस्थाएं ही नहीं, बल्कि उभरते हुए बाजार और खाड़ी देशों की आर्थिक नीतियां भी नई संपत्ति सृजित करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी। खास बात यह है कि एक मुस्लिम देश अरबपतियों की संख्या बढ़ने के मामले में पूरी दुनिया में सबसे आगे रहने वाला है।
2031 तक कितनी बढ़ जाएगी अरबपतियों की संख्या?
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2021 में दुनिया भर में कुल 2,723 अरबपति थे। 2026 तक यह संख्या बढ़कर 3,110 हो गई है। यानी पांच वर्षों में करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि अगले पांच साल और भी ज्यादा तेज रहने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2031 तक वैश्विक अरबपतियों की संख्या 3,915 तक पहुंच सकती है। इसका मतलब है कि 2026 से 2031 के बीच लगभग 805 नए अरबपति जुड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, हेल्थकेयर और डिजिटल फाइनेंस जैसे सेक्टर नई संपत्ति बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे।
यूरोप का रहेगा बड़ा योगदान
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यूरोप अरबपतियों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2026 में यूरोप में करीब 780 अरबपति हैं, जिनकी संख्या 2031 तक बढ़कर 994 हो सकती है।
यानी यूरोप में अरबपतियों की आबादी लगभग 27 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। यूरोप की मजबूत वित्तीय व्यवस्था, तकनीकी नवाचार और वैश्विक निवेश प्रवाह इस वृद्धि के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
सऊदी अरब रहेगा दुनिया में नंबर-1
अरबपतियों की संख्या में संभावित वृद्धि के मामले में सऊदी अरब सबसे आगे दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां अरबपतियों की संख्या 2026 के 23 से बढ़कर 2031 तक 65 हो सकती है।
इस तरह सऊदी अरब में अरबपतियों की संख्या में लगभग 183 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा होगी।
इस असाधारण वृद्धि के पीछे सऊदी अरब की महत्वाकांक्षी “विजन 2030” योजना को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस योजना के तहत देश तेल आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर पर्यटन, टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट, मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहा है।
रियाद, जेद्दा और भविष्य के मेगासिटी प्रोजेक्ट “NEOM” जैसे प्रोजेक्ट्स भी नए अरबपतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ये देश भी बनाएंगे नए अरबपति
रिपोर्ट के अनुसार कई अन्य देशों में भी अरबपतियों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। खासकर यूरोप, एशिया और लैटिन अमेरिका के कुछ देश इस सूची में प्रमुखता से शामिल हैं।
| रैंक | देश | अनुमानित वृद्धि |
|---|---|---|
| 1 | सऊदी अरब | 183% |
| 2 | पोलैंड | 123% |
| 3 | स्वीडन | 81% |
| 4 | ऑस्ट्रेलिया | 77% |
| 5 | डेनमार्क | 75% |
| 6 | जापान | 65% |
| 7 | मेक्सिको | 63% |
| 8 | फिलीपींस | 63% |
| 9 | नॉर्वे | 53% |
| 10 | भारत | 51% |
भारत भी टॉप-10 में शामिल
भारत इस सूची में 10वें स्थान पर है, लेकिन देश की स्थिति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार अगले पांच वर्षों में भारत में अरबपतियों की संख्या लगभग 51 प्रतिशत बढ़ सकती है।
भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी, विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार और बढ़ते विदेशी निवेश इस वृद्धि के प्रमुख कारक होंगे।
देश में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा एआई, फिनटेक, ई-कॉमर्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टरों में बड़े अवसर दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले कुछ वर्षों तक मजबूत विकास दर बनाए रखती है, तो भारत अरबपतियों की संख्या के मामले में और ऊपर भी जा सकता है।
क्यों बढ़ रही है दुनिया में दौलत?
वैश्विक स्तर पर संपत्ति निर्माण की गति बढ़ने के पीछे कई कारण हैं।
- टेक्नोलॉजी कंपनियों का तेजी से विस्तार
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश
- शेयर बाजारों में रिकॉर्ड वैल्यूएशन
- स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न कंपनियों की बढ़ती संख्या
- खाड़ी देशों में आर्थिक विविधीकरण
- उभरते बाजारों में बढ़ता उपभोक्ता खर्च
इन सभी कारकों ने नई पीढ़ी के उद्यमियों और निवेशकों के लिए अरबपति बनने के अवसर बढ़ाए हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
नाइट फ्रैंक की वेल्थ रिपोर्ट 2026 यह संकेत देती है कि आने वाला दशक वैश्विक संपत्ति निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। जहां सऊदी अरब अरबपतियों की संख्या में सबसे तेज वृद्धि दर्ज कर सकता है, वहीं भारत भी दुनिया के सबसे तेजी से संपत्ति सृजित करने वाले देशों में शामिल रहेगा।
अगर अनुमान सही साबित होते हैं तो 2031 तक दुनिया में लगभग 4,000 अरबपति हो सकते हैं, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और निवेश के बदलते स्वरूप को दर्शाएगा।


