Highlights
- Meesho ने ₹202 करोड़ में Kirana Club का अधिग्रहण किया
- 1.3 करोड़ से ज्यादा किराना दुकानदारों तक पहुंच बनाने की तैयारी
- Kirana Club के पास 41 लाख से अधिक रजिस्टर्ड रिटेलर्स का नेटवर्क
- B2B सप्लाई चेन और ग्रामीण बाजार में Meesho की पकड़ होगी मजबूत
- IPO से पहले कंपनी का बड़ा रणनीतिक कदम
नई दिल्ली। जब भी किसी बड़ी कंपनी के अधिग्रहण (Acquisition) की खबर आती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले मुकेश अंबानी या गौतम अडाणी का नाम आता है। लेकिन भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब उस दौर में पहुंच चुका है जहां नई उम्र की टेक कंपनियां भी बड़े और रणनीतिक अधिग्रहण करने लगी हैं।
इसी कड़ी में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho ने एक बड़ा दांव खेलते हुए कम्युनिटी आधारित B2B प्लेटफॉर्म Kirana Club का अधिग्रहण कर लिया है। यह सौदा करीब ₹202 करोड़ में हुआ है। इस डील के जरिए Meesho अब केवल ऑनलाइन खरीदारी प्लेटफॉर्म नहीं रहेगा, बल्कि देश के विशाल किराना नेटवर्क तक भी अपनी पहुंच बना सकेगा।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब Meesho अपने बिजनेस का विस्तार करने के साथ-साथ भविष्य के IPO की तैयारियों में भी जुटा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
Meesho ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि उसने Kirana Club का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। Kirana Club एक कम्युनिटी-आधारित B2B प्लेटफॉर्म है जो छोटे किराना दुकानदारों को ब्रांड्स और सप्लायर्स से जोड़ने का काम करता है।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए दुकानदार थोक कीमतों की तुलना कर सकते हैं, सीधे ऑर्डर दे सकते हैं और FMCG उत्पादों की बेहतर उपलब्धता हासिल कर सकते हैं।
Meesho का मानना है कि यह अधिग्रहण भारत के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में उसकी मौजूदगी को नई मजबूती देगा।
1.3 करोड़ किराना दुकानदारों तक पहुंच बनाने की तैयारी
भारत में आज भी किराना स्टोर रिटेल सेक्टर की रीढ़ माने जाते हैं। देशभर में करीब 1.3 करोड़ किराना और जनरल स्टोर संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद हैं।
Meesho के चेयरमैन और CEO Vidit Aatrey के अनुसार Kirana Club ने अपने कम्युनिटी-फर्स्ट और एसेट-लाइट मॉडल के जरिए छोटे व्यापारियों के बीच मजबूत भरोसा बनाया है। दोनों कंपनियों की साझेदारी डिजिटल कॉमर्स को उन इलाकों तक पहुंचाएगी जहां अभी भी आधुनिक सप्लाई चेन की पहुंच सीमित है।
Kirana Club क्यों है खास?
साल 2020 में अंशुल गुप्ता और ऐश्वर्या जैन द्वारा स्थापित Kirana Club तेजी से देश के सबसे बड़े डिजिटल किराना नेटवर्क में शामिल हुआ है।
कंपनी के पास 41 लाख से अधिक रजिस्टर्ड रिटेलर्स का नेटवर्क है।
प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि यह छोटे दुकानदारों को बड़ी कंपनियों और ब्रांड्स से सीधे जोड़ता है। इससे उन्हें बेहतर कीमत, अधिक विकल्प और तेज सप्लाई का फायदा मिलता है।
Kirana Club के सह-संस्थापक अंशुल गुप्ता का कहना है कि भारत के छोटे दुकानदार भी उसी दक्षता और पारदर्शिता के हकदार हैं जो बड़े आधुनिक रिटेल चेन को मिलती है।
भारत का किराना बाजार कितना बड़ा है?
भारत का ग्रोसरी और किराना बाजार दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में शामिल है।
विभिन्न उद्योग रिपोर्टों के अनुसार भारतीय ग्रोसरी मार्केट का आकार करीब 658 अरब डॉलर है। इसमें लगभग 91 प्रतिशत हिस्सा असंगठित किराना दुकानों और जनरल ट्रेड का है।
यानी आज भी देश का अधिकांश रिटेल कारोबार लाखों छोटे दुकानदारों के जरिए संचालित होता है।
यही वजह है कि Amazon, Flipkart, JioMart, Udaan और अब Meesho जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही हैं।
Meesho को क्या फायदा होगा?
इस अधिग्रहण से Meesho को कई रणनीतिक लाभ मिल सकते हैं।
सबसे पहला फायदा ग्रामीण और टियर-3 तथा टियर-4 शहरों में मजबूत नेटवर्क का होगा।
दूसरा, कंपनी B2C मॉडल से आगे बढ़कर B2B सप्लाई चेन में भी मजबूत खिलाड़ी बन सकेगी।
तीसरा, लाखों दुकानदारों के खरीदारी डेटा और व्यवहार को समझकर कंपनी नए बिजनेस मॉडल विकसित कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे Meesho की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ रणनीति को बड़ा समर्थन मिलेगा।
IPO से पहले बड़ा दांव
पिछले कुछ समय से Meesho के IPO को लेकर चर्चा तेज है। कंपनी खुद को अधिक लाभदायक और मजबूत बिजनेस मॉडल वाली संस्था के रूप में पेश करना चाहती है।
ऐसे में Kirana Club का अधिग्रहण केवल एक कारोबारी सौदा नहीं बल्कि कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अगर यह एकीकरण सफल रहता है तो Meesho भारत के डिजिटल कॉमर्स और किराना नेटवर्क दोनों में एक बड़ी ताकत बनकर उभर सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
हालांकि Meesho अभी सूचीबद्ध कंपनी नहीं है, लेकिन इस अधिग्रहण को स्टार्टअप सेक्टर और डिजिटल कॉमर्स उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह डील दिखाती है कि भारत में अब केवल बड़े उद्योग समूह ही नहीं बल्कि नई पीढ़ी की टेक कंपनियां भी अधिग्रहण के जरिए अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं।
आने वाले वर्षों में B2B और किराना टेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


