काठमांडू: हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना एयरलाइंस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है। लेकिन एक छोटी सी लापरवाही भी कभी-कभी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ऐसा ही एक मामला कतर एयरवेज की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सामने आया, जहां एक यात्री के ऊपर गर्म कॉफी गिर जाने से उसे गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई में अब उपभोक्ता अदालत ने एयरलाइन को करोड़ों रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
नेपाल के ललितपुर की रहने वाली प्रीति थापा को उपभोक्ता अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कतर एयरवेज को 19 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 2.61 करोड़ नेपाली रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह फैसला विमानन उद्योग और उपभोक्ता अधिकारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या था पूरा मामला?
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रीति थापा ने मई 2023 में काठमांडू से अमेरिका के बोस्टन शहर तक की रिटर्न यात्रा के लिए कतर एयरवेज का टिकट खरीदा था। उनकी यात्रा का रूट काठमांडू-दोहा-बोस्टन और वापसी में बोस्टन-दोहा-काठमांडू था।
10 जुलाई 2023 को बोस्टन से दोहा के लिए उड़ान के दौरान यात्रियों को गर्म कॉफी परोसी जा रही थी। इसी दौरान गर्म कॉफी उनके शरीर पर गिर गई। हादसा इतना गंभीर था कि उनके पेट, जांघों और शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर गंभीर जलन हो गई।
घटना के तुरंत बाद विमान के चालक दल ने प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन चोटें काफी गंभीर थीं। जब विमान दोहा एयरपोर्ट पर उतरा तो वहां चिकित्सकीय जांच की गई। डॉक्टरों ने प्रीति थापा को सेकेंड डिग्री बर्न्स से पीड़ित बताया।
नेपाल लौटने के बाद भी जारी रहा इलाज
दोहा में प्रारंभिक उपचार के बाद प्रीति थापा नेपाल लौटीं, जहां काठमांडू स्थित कीर्तिपुर अस्पताल में उनका आगे इलाज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार जलने की वजह से उन्हें लंबे समय तक चिकित्सकीय देखभाल और दवाओं की जरूरत पड़ी।
पीड़िता का कहना था कि हादसे के कारण उन्हें न केवल शारीरिक कष्ट झेलना पड़ा बल्कि मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान भी हुआ। इलाज पर हुए खर्च और अन्य परेशानियों को देखते हुए उन्होंने एयरलाइन से सहायता और मुआवजे की मांग की।
एयरलाइन से नहीं मिली मदद
प्रीति थापा ने दावा किया कि उन्होंने कतर एयरवेज से संपर्क कर इलाज में मदद और उचित मुआवजे की मांग की थी। हालांकि उनकी शिकायत पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान कतर एयरवेज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि घटना एयरलाइन की लापरवाही के कारण नहीं हुई थी। एयरलाइन के अनुसार यात्री की असावधानी के कारण कॉफी गिर गई थी और कंपनी को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
अदालत ने क्यों नहीं मानी एयरलाइन की दलील?
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट, यात्रा दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की। अदालत ने माना कि उड़ान के दौरान यात्रियों को भोजन और पेय पदार्थ सुरक्षित तरीके से उपलब्ध कराना एयरलाइन की जिम्मेदारी होती है।
उपभोक्ता अदालत ने कहा कि यदि किसी यात्री को सेवा प्रदान करने की प्रक्रिया में गंभीर चोट पहुंचती है तो सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। अदालत ने एयरलाइन की दलीलों को पर्याप्त नहीं माना और पीड़िता के पक्ष में फैसला सुनाया।
2.61 करोड़ नेपाली रुपये का मुआवजा
प्रीति थापा ने अदालत से लगभग 20 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.74 करोड़ नेपाली रुपये के मुआवजे की मांग की थी। हालांकि अदालत ने 19 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.61 करोड़ नेपाली रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
यह फैसला उपभोक्ता अदालत के अध्यक्ष दिवाकर भट्ट तथा सदस्य गहेंद्र राज रेगमी और आनंद राज पोखरेल की पीठ ने सुनाया।
अभी खत्म नहीं हुई कानूनी लड़ाई
हालांकि यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कतर एयरवेज के पास उच्च अदालत में इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार मौजूद है। यदि एयरलाइन अपील करती है तो मामले की आगे भी सुनवाई हो सकती है।
फिलहाल उपभोक्ता अदालत का यह आदेश यात्रियों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला एयरलाइंस को सुरक्षा मानकों और ग्राहक सेवा को लेकर अधिक सतर्क रहने का संदेश देता है।
यात्रियों के लिए क्या है सीख?
यह मामला बताता है कि यात्रा के दौरान हुई किसी भी लापरवाही या सेवा में कमी के खिलाफ यात्री कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। यदि किसी एयरलाइन की सेवा से शारीरिक, मानसिक या आर्थिक नुकसान होता है तो उपभोक्ता कानून के तहत मुआवजा मांगने का अधिकार मौजूद है।
एयरलाइंस के लिए भी यह फैसला एक चेतावनी है कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी छोटी से छोटी चूक भी भारी आर्थिक और कानूनी परिणाम ला सकती है।


