क्या आपके नाम भी कहीं पड़ा है बिना दावे वाला पैसा?
भारत में करोड़ों रुपये ऐसे हैं जिन पर वर्षों से किसी ने दावा नहीं किया है। कई बार लोग बैंक खाते भूल जाते हैं, पुरानी एफडी का रिकॉर्ड खो जाता है, नौकरी बदलने के बाद निवेश की जानकारी छूट जाती है या फिर परिवार को किसी बीमा पॉलिसी, शेयर या म्यूचुअल फंड निवेश की जानकारी नहीं होती। ऐसी स्थिति में पैसा संबंधित संस्थानों के पास पड़ा रह जाता है और उसे “अनक्लेम्ड एसेट” यानी बिना दावे वाली संपत्ति माना जाता है।
Highlights
- वित्त मंत्रालय ने बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों की खोज के लिए नया एकीकृत पोर्टल लॉन्च किया।
- बैंक जमा, बीमा दावे, शेयर, डिविडेंड और म्यूचुअल फंड की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी।
- आरबीआई, इरडा, एमएफ सेंट्रल और IEPF की सेवाओं को एक जगह जोड़ा गया।
- करोड़ों रुपये की अनक्लेम्ड राशि तक पहुंच आसान बनाने की कोशिश।
इसी समस्या को हल करने के लिए वित्त मंत्रालय ने एक नया एकीकृत पोर्टल लॉन्च किया है, जहां नागरिक अपनी विभिन्न वित्तीय संपत्तियों की खोज एक ही स्थान पर कर सकते हैं।
क्या है नया Unclaimed Assets Portal?
वित्त मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया यह पोर्टल नागरिकों को उनकी भूली हुई या बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों की जानकारी खोजने में मदद करेगा। पहले इसके लिए अलग-अलग वेबसाइटों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इस पोर्टल का उद्देश्य लोगों को उनकी वैध वित्तीय संपत्तियों से दोबारा जोड़ना और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना है।
किन-किन प्रकार की संपत्तियों की खोज कर सकते हैं?
नए पोर्टल पर निम्न प्रकार की संपत्तियों की खोज की जा सकती है:
- बैंक खातों में जमा बिना दावे की राशि
- परिपक्व एफडी (FD) की राशि
- बीमा पॉलिसी के अनक्लेम्ड दावे
- शेयर और डिविडेंड
- म्यूचुअल फंड निवेश
- निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष (IEPF) में ट्रांसफर की गई राशि
विशेषज्ञों का मानना है कि लाखों परिवार ऐसे हैं जिन्हें अपने पूर्वजों या परिवार के अन्य सदस्यों के निवेश की जानकारी नहीं होती। यह पोर्टल ऐसे मामलों में भी काफी मददगार साबित हो सकता है।
पोर्टल पर कैसे करें खोज?
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
होमपेज पर आपको विभिन्न वित्तीय संपत्तियों से जुड़े विकल्प दिखाई देंगे। अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित सेक्शन का चयन करें और आगे की प्रक्रिया शुरू करें।
म्यूचुअल फंड खोजने की प्रक्रिया
म्यूचुअल फंड निवेश की जानकारी खोजने के लिए उपयोगकर्ता को सबसे पहले अपना पैन नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी।
ओटीपी सत्यापन पूरा होने के बाद एक नया पेज खुलेगा जहां नाम, पैन नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल, जन्म तिथि, बैंक खाता विवरण, पता, शहर, पिन कोड और नामिनी से संबंधित जानकारी दर्ज की जा सकती है।
आवश्यक जानकारी भरने के बाद खोज अनुरोध सबमिट किया जा सकता है। इसके बाद उपयोगकर्ता अपने आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर सकता है।
यदि किसी व्यक्ति के नाम कोई बिना दावे वाला म्यूचुअल फंड निवेश मौजूद होगा तो उसकी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध करा दी जाएगी।
बैंक जमा और बीमा दावों की खोज कैसे होगी?
बैंक जमा की खोज के लिए आरबीआई के उद्गम प्लेटफॉर्म की सेवाओं को इस पोर्टल से जोड़ा गया है। वहीं बीमा दावों की जानकारी के लिए इरडा के बीमा भरोसा प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
उपयोगकर्ता को संबंधित सेक्शन चुनकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद सिस्टम उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संभावित अनक्लेम्ड राशि की जानकारी उपलब्ध कराएगा।
चार बड़े प्लेटफॉर्म को एक जगह लाया गया
इस नए पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह चार प्रमुख सरकारी और वित्तीय प्लेटफॉर्म को एकीकृत करता है।
| सेवा | संबंधित प्लेटफॉर्म |
|---|---|
| बैंक जमा | RBI UDGAM |
| बीमा दावे | Bima Bharosa |
| म्यूचुअल फंड | MF Central |
| शेयर और डिविडेंड | IEPF Authority |
पहले लोगों को इन सभी प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग जाकर खोज करनी पड़ती थी, लेकिन अब एक ही पोर्टल से शुरुआत की जा सकती है।
भारत में कितना अनक्लेम्ड पैसा पड़ा है?
विभिन्न सरकारी और नियामक संस्थाओं के आंकड़ों के अनुसार बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड हाउस और IEPF के पास हजारों करोड़ रुपये की बिना दावे वाली राशि पड़ी हुई है।
कई बार खाताधारक की मृत्यु, पता बदलने, मोबाइल नंबर बंद होने या दस्तावेज खो जाने के कारण निवेश की जानकारी परिवार तक नहीं पहुंच पाती। परिणामस्वरूप यह धन वर्षों तक निष्क्रिय रहता है।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस पोर्टल से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नागरिकों को अलग-अलग वेबसाइटों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
इसके अलावा:
- समय की बचत होगी
- खोज प्रक्रिया आसान होगी
- पारदर्शिता बढ़ेगी
- परिवारों को भूले हुए निवेश का पता चल सकेगा
- डिजिटल माध्यम से दावे की प्रक्रिया तेज होगी
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
वित्तीय सलाहकारों के अनुसार हर व्यक्ति को समय-समय पर अपने पुराने बैंक खाते, बीमा पॉलिसी, डीमैट खाते और म्यूचुअल फंड निवेश की समीक्षा करनी चाहिए। कई बार छोटी राशि भी वर्षों में बड़ी रकम में बदल जाती है।
नया पोर्टल निवेशकों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
वित्त मंत्रालय का नया Unclaimed Assets Portal उन लाखों लोगों के लिए राहत भरी पहल है जिनका पैसा किसी बैंक खाते, बीमा पॉलिसी, शेयर, डिविडेंड या म्यूचुअल फंड में बिना दावे के पड़ा हो सकता है। एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सेवाओं की उपलब्धता न केवल प्रक्रिया को आसान बनाएगी बल्कि नागरिकों को उनकी वैध वित्तीय संपत्तियों से दोबारा जोड़ने में भी मदद करेगी।
यदि आपने वर्षों से अपने पुराने निवेशों की जांच नहीं की है, तो इस पोर्टल पर जाकर एक बार जरूर खोज करें। संभव है कि आपके नाम भी कोई भूली हुई राशि आपका इंतजार कर रही हो।
FAQs
Unclaimed Assets Portal क्या है?
यह वित्त मंत्रालय का नया एकीकृत प्लेटफॉर्म है जहां नागरिक अपनी बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों की खोज कर सकते हैं।
किन संपत्तियों की खोज की जा सकती है?
बैंक जमा, बीमा दावे, शेयर, डिविडेंड और म्यूचुअल फंड निवेश।
क्या पैन नंबर जरूरी है?
म्यूचुअल फंड और कई अन्य खोज प्रक्रियाओं में पैन नंबर उपयोगी और कई मामलों में आवश्यक हो सकता है।
क्या पोर्टल पर आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
हां, उपयोगकर्ता अपने खोज अनुरोध की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।


