नई दिल्ली। आज जब हम किसी बैंक में खाता खोलते हैं, ऑनलाइन भुगतान करते हैं या लोन लेते हैं, तो शायद ही कभी सोचते हैं कि बैंकिंग व्यवस्था की शुरुआत कब और कैसे हुई होगी। आधुनिक बैंकिंग प्रणाली का इतिहास कई सौ साल पुराना है और इसकी जड़ें मध्यकालीन यूरोप तक पहुंचती हैं। दुनिया में ऐसे कई बैंक हैं जिनका इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना है, लेकिन उनमें से एक बैंक ऐसा भी है जो 554 साल से लगातार अस्तित्व में है और आज भी कारोबार कर रहा है।
Highlights
- दुनिया का सबसे पुराना सक्रिय बैंक है बंका मोंटे देई पास्ची डि सिएना (BMPS)
- 1472 में हुई थी स्थापना, यानी मुगल साम्राज्य से भी पहले का इतिहास
- कई युद्ध, आर्थिक संकट और वित्तीय उथल-पुथल झेलने के बाद भी आज मौजूद
- 2025 में Mediobanca डील के बाद इटली का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बना
- वर्तमान में इसकी मार्केट वैल्यू करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये है
हम बात कर रहे हैं इटली के बैंक बंका मोंटे देई पास्ची डि सिएना (Banca Monte dei Paschi di Siena – BMPS) की, जिसे दुनिया का सबसे पुराना सक्रिय बैंक माना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1472 में हुई थी। यह वह समय था जब भारत में मुगल साम्राज्य का अस्तित्व तक नहीं था। बाबर का जन्म भी नहीं हुआ था और दिल्ली सल्तनत का दौर चल रहा था। करीब साढ़े पांच शताब्दियों का सफर तय करने वाला यह बैंक आज भी दुनिया की वित्तीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आइए जानते हैं इस बैंक की पूरी कहानी, इसकी स्थापना से लेकर आधुनिक दौर तक के सफर के बारे में।
कैसे हुई थी बैंकिंग की शुरुआत?
बैंकिंग का विचार नया नहीं है। इतिहासकारों के अनुसार, धन जमा करने और उधार देने की व्यवस्था प्राचीन मेसोपोटामिया, मिस्र और रोमन सभ्यता में भी मौजूद थी। हालांकि आधुनिक बैंकिंग प्रणाली का विकास मुख्य रूप से यूरोप में हुआ। मध्यकालीन यूरोप में व्यापार तेजी से बढ़ रहा था। व्यापारी एक शहर से दूसरे शहर और एक देश से दूसरे देश तक कारोबार कर रहे थे। ऐसे में धन को सुरक्षित रखना और भुगतान की विश्वसनीय व्यवस्था बनाना आवश्यक हो गया। इटली के फ्लोरेंस, वेनिस और सिएना जैसे शहर उस समय यूरोप के प्रमुख व्यापारिक और वित्तीय केंद्र बन चुके थे। यहीं से आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था की नींव पड़ी। व्यापारियों, राजाओं और चर्च को वित्तीय सेवाएं देने वाले संस्थानों का विकास हुआ, जो आगे चलकर आधुनिक बैंकों में बदल गए।
1472 में हुई थी स्थापना
दुनिया के सबसे पुराने बैंक BMPS की स्थापना वर्ष 1472 में इटली के सिएना शहर में हुई थी। उस समय इसे एक प्रकार के सामाजिक वित्तीय संस्थान के रूप में बनाया गया था। इसकी शुरुआत जनरल काउंसिल ऑफ द रिपब्लिक ऑफ सिएना ने की थी। इसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को उचित शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराना था। उस दौर में साहूकारों द्वारा अत्यधिक ब्याज दरें वसूली जाती थीं, जिससे आम लोग आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। इसी समस्या के समाधान के लिए इस संस्थान की स्थापना की गई। लोग अपनी कोई वस्तु गिरवी रखकर कम ब्याज पर ऋण प्राप्त कर सकते थे। इस व्यवस्था को उस समय “माउंट ऑफ पायटी” कहा जाता था। यही संस्थान आगे चलकर दुनिया के सबसे पुराने बैंक के रूप में विकसित हुआ।
मुगलों से भी पुराना है इसका इतिहास
भारतीय पाठकों के लिए इस बैंक की उम्र को समझने का सबसे आसान तरीका इसकी तुलना भारतीय इतिहास से करना है। जब BMPS की स्थापना हुई थी, तब भारत में:
- मुगल साम्राज्य की शुरुआत नहीं हुई थी
- बाबर का जन्म नहीं हुआ था
- दिल्ली सल्तनत का शासन था
- अमेरिका की खोज भी नहीं हुई थी
- यूरोप में पुनर्जागरण (Renaissance) का दौर चल रहा था
यदि समयरेखा देखें तो बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई जीतकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की थी। यानी BMPS की स्थापना उससे लगभग 54 वर्ष पहले हो चुकी थी। यही कारण है कि इस बैंक को दुनिया के सबसे लंबे समय से संचालित होने वाले वित्तीय संस्थानों में गिना जाता है।
1624 में मिला आधुनिक स्वरूप
हालांकि इसकी शुरुआत 1472 में हुई थी, लेकिन बैंक को उसका आधुनिक स्वरूप वर्ष 1624 में मिला। इसी दौरान बैंक का विस्तार हुआ और यह केवल गरीबों को ऋण देने वाली संस्था से आगे बढ़कर व्यापक बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने लगा। इसके बाद बैंक ने जमा स्वीकार करना, व्यापारिक ऋण देना और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना शुरू किया। आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।
सदियों तक झेले युद्ध और राजनीतिक बदलाव
554 वर्षों के इतिहास में इस बैंक ने कई बड़े बदलाव देखे हैं। इसने यूरोप के कई युद्ध देखे, राजशाही का दौर देखा, औद्योगिक क्रांति देखी, विश्व युद्धों का सामना किया, यूरोपीय संघ का गठन देखा, आधुनिक डिजिटल बैंकिंग का दौर देखा. इतनी लंबी अवधि तक किसी संस्थान का अस्तित्व बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। कई बैंक और कंपनियां कुछ दशकों में ही खत्म हो जाती हैं, लेकिन BMPS ने लगातार बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला और आगे बढ़ता रहा।
2012 में आया बड़ा संकट
इतिहास जितना गौरवशाली रहा, उतनी ही कठिन चुनौतियां भी इस बैंक के सामने आईं। साल 2008 की वैश्विक वित्तीय मंदी के बाद यूरोप में कर्ज संकट शुरू हुआ। विशेष रूप से इटली, ग्रीस और स्पेन जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर इसका गहरा असर पड़ा। इटली के सरकारी बॉन्ड्स की वैल्यू में गिरावट और वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के कारण BMPS को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 2012 की पहली छमाही में बैंक को 2 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बैंक के भविष्य पर सवाल उठने लगे। कई विश्लेषकों ने आशंका जताई कि बैंक दिवालिया भी हो सकता है।
सरकार को करनी पड़ी मदद
संकट लगातार बढ़ता गया और बैंक को नई पूंजी जुटाने की जरूरत पड़ी। इसके बाद इटली सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। 2017 में लगभग 8.3 अरब यूरो की पूंजी वृद्धि योजना लागू की गई। इस प्रक्रिया के बाद इटली के अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्रालय (MEF) ने बैंक में बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर ली। सरकारी समर्थन मिलने के बाद बैंक ने अपने संचालन में बड़े सुधार शुरू किए।इसके तहत खराब ऋणों को कम किया गया, डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया गया, लागत नियंत्रण पर जोर दिया गया, ग्राहक अनुभव सुधारने पर काम हुआ इन्हीं सुधारों के कारण बैंक धीरे-धीरे संकट से बाहर निकलने में सफल रहा।
कैसे हुई वापसी?
2017 के बाद बैंक ने अपने कारोबार को पुनर्गठित किया। नई रणनीतियों और बेहतर जोखिम प्रबंधन के जरिए उसने वित्तीय स्थिति मजबूत की। बैंक ने बैलेंस शीट सुधारी, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) को घटाया, डिजिटल बैंकिंग में निवेश बढ़ाया, ग्राहकों का भरोसा दोबारा हासिल किया. इन प्रयासों का असर दिखा और बैंक ने फिर से लाभ कमाना शुरू कर दिया। आज BMPS को यूरोप की बैंकिंग प्रणाली में स्थिर और महत्वपूर्ण संस्थान माना जाता है।
2025 में बना इटली का तीसरा सबसे बड़ा बैंक
2025 बैंक के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। Mediobanca के अधिग्रहण के बाद BMPS इटली का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया। इस सौदे ने बैंक की स्थिति को और मजबूत किया। विश्लेषकों का मानना है कि यह डील इटली के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव साबित हुई है। इससे बैंक की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी और उसकी प्रतिस्पर्धी क्षमता मजबूत हुई।
वर्तमान में किसके पास है बैंक की हिस्सेदारी?
आज BMPS एक सूचीबद्ध (Listed) कंपनी है और इसके शेयर सार्वजनिक रूप से कारोबार करते हैं। मुख्य शेयरधारकों में शामिल हैं:
| शेयरधारक | हिस्सेदारी |
|---|---|
| अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्रालय, इटली (MEF) | 11.731% |
| Gruppo Francesco Gaetano Caltagirone | 9.963% |
| DELFIN S.A.R.L. | 9.866% |
| BANCO BPM S.p.A. | 8.996% |
| अन्य निवेशक | 59.444% |
इससे स्पष्ट है कि बैंक में सरकारी और निजी दोनों प्रकार की हिस्सेदारी मौजूद है।
कितनी है बैंक की वैल्यू?
वर्तमान समय में BMPS की मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 2844 करोड़ यूरो बताई जाती है। यदि इसे भारतीय मुद्रा में परिवर्तित करें तो इसका मूल्य करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये बैठता है। यह आंकड़ा कई भारतीय सूचीबद्ध कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के बराबर या उनसे अधिक है।
भारत के सबसे पुराने बैंकों से कितना पुराना है BMPS?
भारत के कुछ प्रमुख पुराने बैंकों की तुलना करें तो BMPS की उम्र का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
| बैंक | स्थापना वर्ष |
|---|---|
| BMPS (इटली) | 1472 |
| SBI की पूर्ववर्ती संस्था | 1806 |
| Allahabad Bank | 1865 |
| Punjab National Bank | 1894 |
जब भारत में आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था की शुरुआत हो रही थी, तब तक BMPS को अस्तित्व में आए सैकड़ों वर्ष बीत चुके थे।
भविष्य में क्या है बैंक की रणनीति?
आज बैंकिंग क्षेत्र तेजी से डिजिटल हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट्स का महत्व लगातार बढ़ रहा है। BMPS भी अपनी रणनीति को आधुनिक तकनीक के अनुरूप ढाल रहा है। बैंक डिजिटल सेवाओं के विस्तार, ग्राहक अनुभव सुधारने और संचालन को अधिक कुशल बनाने पर ध्यान दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैंक इसी तरह नवाचार और वित्तीय अनुशासन बनाए रखता है, तो आने वाले वर्षों में भी इसकी स्थिति मजबूत बनी रह सकती है।
निष्कर्ष
बंका मोंटे देई पास्ची डि सिएना की कहानी सिर्फ एक बैंक की कहानी नहीं है, बल्कि यह मानव इतिहास, आर्थिक विकास और संस्थागत स्थिरता का अनोखा उदाहरण भी है। 1472 में शुरू हुआ यह बैंक राजाओं के दौर से लेकर आधुनिक डिजिटल युग तक का सफर तय कर चुका है। मुगल साम्राज्य के उदय से पहले स्थापित यह संस्थान आज भी सक्रिय है और अरबों यूरो का कारोबार कर रहा है। कई वित्तीय संकटों, युद्धों और राजनीतिक बदलावों के बावजूद इसका अस्तित्व बना रहना इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। दुनिया के सबसे पुराने बैंक के रूप में BMPS यह साबित करता है कि समय चाहे कितना भी बदल जाए, मजबूत संस्थागत ढांचा, भरोसा और लगातार सुधार किसी भी संगठन को सदियों तक जीवित रख सकते हैं।
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