नई दिल्ली। कई बार लोग बैंक खाते, बीमा पॉलिसी, म्यूचुअल फंड निवेश या शेयरों में निवेश तो कर देते हैं, लेकिन समय के साथ उनका रिकॉर्ड खो जाता है या परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं रहती। ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये वर्षों तक बिना क्लेम किए पड़े रहते हैं। अब केंद्र सरकार ने ऐसे लोगों के लिए बड़ी पहल की है।
वित्तीय सेवाएं विभाग (Department of Financial Services) ने “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान के तहत एक नया Unclaimed Assets Portal लॉन्च किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड्स और शेयरों में पड़े अनक्लेम्ड धन को उसके वास्तविक मालिकों या कानूनी वारिसों तक पहुंचाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लाखों परिवारों के लिए राहत साबित हो सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों को यह तक नहीं पता कि उनके नाम पर कोई पुरानी वित्तीय संपत्ति मौजूद है।
आखिर क्या होता है Unclaimed Money?
अनक्लेम्ड मनी वह धनराशि होती है जिस पर किसी व्यक्ति का अधिकार तो होता है, लेकिन लंबे समय तक उसका दावा नहीं किया जाता। इसमें शामिल हो सकते हैं: बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), बीमा पॉलिसी की राशि, म्यूचुअल फंड निवेश, शेयर और डिविडेंड, परिपक्व निवेश योजनाएं. अक्सर खातेधारक की मृत्यु, रिकॉर्ड खो जाने, पता बदलने या जानकारी के अभाव में यह रकम वर्षों तक पड़ी रहती है।
कितना पैसा पड़ा है अनक्लेम्ड?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, केवल बैंकों में ही 72,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनक्लेम्ड जमा राशि मौजूद है। इसके अलावा बीमा कंपनियों के पास हजारों करोड़ रुपये के अनक्लेम्ड क्लेम. म्यूचुअल फंड उद्योग में बड़ी मात्रा में बिना दावा किए निवेश, कंपनियों के पास वर्षों से लंबित डिविडेंड और शेयर. विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक राशि इससे भी अधिक हो सकती है क्योंकि विभिन्न वित्तीय संस्थानों में बिखरी हुई जानकारी को एक साथ देखना अब तक आसान नहीं था।
नया पोर्टल कैसे करेगा मदद?
सरकार द्वारा शुरू किया गया Unclaimed Assets Portal एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म है।
इस पोर्टल पर जाने के बाद उपयोगकर्ताओं को चार प्रमुख विकल्प दिखाई देंगे:
1. Bank Deposits
पुराने बैंक खाते, बचत खाते और एफडी से जुड़ी जानकारी खोजी जा सकती है।
2. Insurance Claims
बीमा पॉलिसियों से संबंधित लंबित क्लेम की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
3. Mutual Funds
पुराने म्यूचुअल फंड निवेश और उनसे जुड़े अनक्लेम्ड फंड्स का पता लगाया जा सकता है।
4. Shares and Dividends
शेयरों और वर्षों से लंबित डिविडेंड की जानकारी हासिल की जा सकती है।
कैसे चेक करें आपका पैसा फंसा है या नहीं?
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके नाम पर कोई अनक्लेम्ड राशि है या नहीं, तो यह प्रक्रिया अपनाई जा सकती है:
चरण 1
Unclaimed Assets Portal पर जाएं।
चरण 2
अपनी जरूरत के अनुसार बैंक, बीमा, म्यूचुअल फंड या शेयर वाले विकल्प का चयन करें।
चरण 3
संबंधित प्लेटफॉर्म पर अपना नाम, PAN, मोबाइल नंबर या अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें।
चरण 4
यदि आपके नाम पर कोई लंबित राशि मौजूद होगी तो उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई जाएगी।
चरण 5
दस्तावेज जमा कर क्लेम प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
बैंकों में पैसा कब बन जाता है Unclaimed Deposit?
आरबीआई के नियमों के अनुसार यदि किसी बैंक खाते में 10 वर्षों तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो उसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट की श्रेणी में डाल दिया जाता है। इसके बाद यह राशि Depositor Education and Awareness Fund (DEAF) में स्थानांतरित कर दी जाती है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि पैसा सरकार का नहीं हो जाता। खातेधारक या उसका कानूनी वारिस बाद में भी इसे क्लेम कर सकता है।
कानूनी वारिस कैसे कर सकते हैं दावा?
यदि खातेधारक की मृत्यु हो चुकी है तो उसके उत्तराधिकारी भी दावा कर सकते हैं। इसके लिए सामान्यतः इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है: मृत्यु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो), बैंक या निवेश से संबंधित रिकॉर्ड. संबंधित संस्था दस्तावेजों की जांच के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी करती है।
सरकार ने यह कदम क्यों उठाया?
वित्तीय क्षेत्र में डिजिटलीकरण बढ़ने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की वित्तीय संपत्तियां बिना दावा किए पड़ी रहती हैं। सरकार का मानना है कि लोगों को उनका वैध धन वापस मिले, वित्तीय जागरूकता बढ़े, परिवारों को पुराने निवेशों की जानकारी मिल सके, वित्तीय संस्थानों में पारदर्शिता बढ़े. यही वजह है कि विभिन्न संस्थाओं की जानकारी को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
किन लोगों को तुरंत चेक करना चाहिए?
यह पोर्टल खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्होंने कई बैंक खातों का उपयोग किया हो, पुराने म्यूचुअल फंड निवेश किए हों, शेयर बाजार में निवेश किया हो, जीवन बीमा पॉलिसी ली हो, परिवार के किसी सदस्य को खोया हो जिनके निवेशों की पूरी जानकारी उपलब्ध न हो.
निष्कर्ष
भारत में बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड्स और शेयर बाजार से जुड़ी हजारों करोड़ रुपये की राशि वर्षों से बिना दावा किए पड़ी हुई है। सरकार का नया Unclaimed Assets Portal इस समस्या का समाधान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि आपने कभी बैंक खाता, एफडी, बीमा पॉलिसी, म्यूचुअल फंड या शेयरों में निवेश किया है, तो एक बार इस पोर्टल पर जाकर जरूर जांच कर लें। संभव है कि आपके नाम पर भी कोई ऐसी राशि हो, जिसका आपको अब तक पता न हो।
Also Read:


