Highlights
- ‘Quantum AI’ नाम से फर्जी निवेश योजना वायरल
- ₹22,000 निवेश पर ₹3 लाख कमाने का दावा झूठा
- वित्त मंत्री और पीएम मोदी की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल
- PIB Fact Check ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी
नई दिल्ली। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में ऑनलाइन ठगी के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां साइबर ठग फर्जी कॉल या OTP के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे, वहीं अब निवेश के नाम पर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की जा रही है। खासकर ऐसे समय में जब लोग कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के तरीके खोज रहे हैं, तब स्कैमर्स इसी लालच का फायदा उठा रहे हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, व्हाट्सऐप मैसेज और कुछ वेबसाइट्स पर ‘Quantum AI’ नाम की एक कथित निवेश योजना तेजी से वायरल हो रही है। इस योजना में दावा किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ ₹22,000 का निवेश करके हर महीने ₹3 लाख तक की कमाई कर सकता है। इतना ही नहीं, इस कथित स्कीम को विश्वसनीय दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
लेकिन सरकार ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने लोगों को इस तरह के संदेशों और लिंक से दूर रहने की चेतावनी जारी की है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और विज्ञापनों में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने एक नई AI आधारित निवेश योजना लॉन्च की है। इसमें कहा जा रहा है कि “Quantum AI” प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से शेयर बाजार में ट्रेडिंग करता है और लोगों को बेहद कम समय में लाखों रुपये का मुनाफा दिलाता है।
कुछ विज्ञापनों में यह भी कहा गया कि इस योजना को सरकार और बड़े नेताओं का समर्थन प्राप्त है। वीडियो में एडिटेड क्लिप, फर्जी न्यूज ग्राफिक्स और सेलिब्रिटीज की तस्वीरों का इस्तेमाल करके लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की जा रही है। हालांकि PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार ऐसी किसी योजना का संचालन नहीं कर रही है और न ही किसी “Quantum AI” प्लेटफॉर्म का समर्थन करती है।
PIB ने क्या कहा?
PIB Fact Check ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट जारी कर बताया कि वित्त मंत्री के नाम पर वायरल हो रही निवेश योजना फर्जी है, सरकार द्वारा ऐसी कोई स्कीम लॉन्च नहीं की गई लोगों को संदिग्ध लिंक और वेबसाइट्स से बचना चाहिए किसी भी अनजान निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले जांच जरूरी है PIB ने लोगों से अपील की कि वे बिना सत्यापन किसी भी वायरल मैसेज पर भरोसा न करें।
SCAM ALERT!
Fraudsters are running a ‘Quantum AI’ investment scheme, in the name of Union Finance Minister @nsitharaman, promising citizens a monthly income of ₹3,00,000 against an initial investment of ₹22,000. #PIBFactCheck:
❌ This is #Fake.
✅ Neither the Union… pic.twitter.com/ywOzwnKebs
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 24, 2026 कैसे काम करता है ऐसा निवेश स्कैम?
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस तरह के स्कैम में पहले लोगों को “जल्दी अमीर बनने” का सपना दिखाया जाता है। इसके लिए सोशल मीडिया विज्ञापन, व्हाट्सऐप फॉरवर्ड और यूट्यूब वीडियो का सहारा लिया जाता है।
जब कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है तो उसे एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जहां नाम, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं। शुरुआत में कुछ लोगों को नकली प्रॉफिट दिखाया जाता है ताकि वे ज्यादा पैसा निवेश करें। इसके बाद अचानक वेबसाइट गायब हो जाती है या अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार AI, क्रिप्टो और ऑनलाइन ट्रेडिंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके लोगों को तकनीकी भ्रम में डालना इन स्कैम्स की आम रणनीति बन चुकी है।
क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड?
भारत में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन निवेश का दायरा तेजी से बढ़ा है। SEBI और RBI की रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में नए निवेशकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। लेकिन इसी के साथ साइबर फ्रॉड के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
साइबर अपराधी आमतौर पर इन चीजों का फायदा उठाते हैं कम समय में ज्यादा रिटर्न का लालच, फाइनेंशियल जानकारी की कमी, सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट पर भरोसा, सरकारी नाम और लोगो देखकर विश्वास करना. विशेषज्ञ मानते हैं कि “Guaranteed Return” या “100% Profit” जैसे दावे अक्सर फ्रॉड की पहचान होते हैं।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
अगर कोई योजना बहुत कम निवेश में असामान्य रिटर्न देने का दावा करे तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। निवेश करने से पहले इन बातों की जांच जरूरी है:
1. क्या प्लेटफॉर्म SEBI में रजिस्टर्ड है?
भारत में निवेश सेवाएं देने वाली कंपनियों का रेगुलेटेड होना जरूरी है।
2. क्या वेबसाइट आधिकारिक दिख रही है?
फर्जी वेबसाइट्स अक्सर सरकारी पोर्टल जैसी डिजाइन कॉपी करती हैं।
3. क्या रिटर्न “गारंटीड” बताया जा रहा है?
शेयर बाजार या ट्रेडिंग में निश्चित रिटर्न का दावा करना संदिग्ध माना जाता है।
4. क्या आपसे जल्दी निवेश करने का दबाव बनाया जा रहा है?
“Limited Offer”, “आज ही मौका” जैसे शब्द ठगी का हिस्सा हो सकते हैं।
5. क्या बड़े नेताओं या सेलिब्रिटीज की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है?
कई बार फोटो और वीडियो AI या एडिटिंग के जरिए फर्जी बनाए जाते हैं।
अगर ऐसा मैसेज मिले तो क्या करें?
PIB ने कहा है कि अगर किसी को इस तरह का फर्जी मैसेज या लिंक मिलता है तो उसकी शिकायत तुरंत की जा सकती है।
शिकायत कहां करें?
- WhatsApp: +91 8799711259
- Email: factcheck@pib.gov.in
इसके अलावा साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
तेजी से बढ़ रहा है AI आधारित फ्रॉड
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में AI आधारित फर्जी वीडियो, डीपफेक और नकली न्यूज क्लिप्स का इस्तेमाल और बढ़ सकता है। ऐसे में केवल वायरल वीडियो देखकर किसी योजना पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। यही वजह है कि सरकार और रेगुलेटरी एजेंसियां लगातार लोगों को डिजिटल सतर्कता अपनाने की सलाह दे रही हैं।
निष्कर्ष
‘Quantum AI’ जैसी योजनाएं लोगों के लालच और भरोसे का फायदा उठाकर ऑनलाइन ठगी करने का माध्यम बन रही हैं। ₹22,000 लगाकर हर महीने ₹3 लाख कमाने जैसे दावे वास्तविकता से बेहद दूर हैं। अगर कोई योजना बिना जोखिम बड़े मुनाफे का वादा करे तो समझ लेना चाहिए कि मामला संदिग्ध हो सकता है।
निवेश हमेशा भरोसेमंद और रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए ही करें। किसी भी वायरल मैसेज, लिंक या सोशल मीडिया विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
Also Read:


