पिछला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक तरफ वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ब्याज दरों को लेकर चिंता बनी रही, वहीं दूसरी तरफ घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई। हालांकि NIFTY 50 और BSE Sensex में बढ़त आधा फीसदी से भी कम रही, लेकिन कुछ छोटे और मिडकैप शेयरों ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया।
बीते पांच कारोबारी दिनों में ऐसे पांच शेयर रहे जिन्होंने 38% से लेकर 47% तक का रिटर्न दिया। खास बात यह रही कि इनमें एक शेयर की कीमत 5 रुपये से भी कम थी, जिसने निवेशकों का पैसा लगभग डेढ़ गुना कर दिया। इस तेजी ने एक बार फिर दिखाया कि कमजोर या फ्लैट बाजार में भी चुनिंदा शेयर शानदार कमाई करा सकते हैं।
शुक्रवार को NIFTY 50 इंडेक्स 0.27% की बढ़त के साथ 23,719.30 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 0.31% चढ़कर 75,415.35 के स्तर पर पहुंच गया। लेकिन इन पांच शेयरों की तेजी ने मुख्य इंडेक्स की बढ़त को काफी पीछे छोड़ दिया।
सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला शेयर बना Noida Toll Bridge
पिछले हफ्ते सबसे ज्यादा चर्चा नोएडा टोल ब्रिज कंपनी के शेयर की रही। यह शेयर 4.80 रुपये से बढ़कर 7.07 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान निवेशकों को करीब 47.29% का जोरदार रिटर्न मिला। शुक्रवार को भी शेयर में 5% का अपर सर्किट लगा और यह 7.14 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैपिटल करीब 132 करोड़ रुपये रहा। कम कीमत वाले शेयरों में अचानक आई इस तेजी ने रिटेल निवेशकों का ध्यान खींचा।
विश्लेषकों के मुताबिक, लो-प्राइस शेयरों में वॉल्यूम बढ़ने और स्मॉलकैप सेगमेंट में खरीदारी लौटने से ऐसे स्टॉक्स में तेज उछाल देखने को मिला है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ ऐसे शेयरों में निवेश करते समय सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि इनमें उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा होता है।
Nibe ने भी निवेशकों को किया खुश
रक्षा और इंजीनियरिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनी Nibe का शेयर भी पिछले सप्ताह जबरदस्त तेजी में रहा। कंपनी का शेयर 1,006.15 रुपये से बढ़कर 1,452.70 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान निवेशकों को लगभग 44.38% का रिटर्न मिला। शुक्रवार को शेयर 12.29% की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटल 2,170 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिफेंस सेक्टर में सरकार के बढ़ते फोकस और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से इस सेक्टर की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। यही वजह है कि Nibe जैसे शेयरों में भी खरीदारी तेज हुई।
National Fittings में भी दिखी जबरदस्त तेजी
तीसरे नंबर पर National Fittings का शेयर रहा। पिछले सप्ताह यह शेयर 136.85 रुपये से बढ़कर 195 रुपये तक पहुंच गया। यानी निवेशकों को करीब 42.5% का रिटर्न मिला। शुक्रवार को शेयर में 9.6% की तेजी दर्ज की गई। कंपनी का मार्केट कैपिटल लगभग 176 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
यह कंपनी पाइप फिटिंग्स और औद्योगिक उत्पादों के कारोबार से जुड़ी हुई है। इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी की उम्मीदों के चलते निवेशकों ने इस स्टॉक में जमकर खरीदारी की।
Exicom Tele-Systems ने भी कराया मोटा मुनाफा
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग और पावर मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी Exicom Tele-Systems का शेयर भी पिछले सप्ताह निवेशकों का पसंदीदा बना रहा। कंपनी का शेयर 113.95 रुपये से बढ़कर 157.75 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान करीब 38.44% का रिटर्न मिला। शुक्रवार को शेयर 14.3% की तेजी के साथ बंद हुआ।
भारत में EV सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को इसका फायदा मिल रहा है। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में और तेजी देखने को मिल सकती है।
जय भारत मारुति भी टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की कंपनी जय भारत मारुति का शेयर भी पिछले हफ्ते शानदार प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। कंपनी का शेयर 85.72 रुपये से बढ़कर 118.46 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि शुक्रवार को शेयर में मामूली 0.20% की तेजी रही, लेकिन पूरे सप्ताह में इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया।
कंपनी का मार्केट कैपिटल करीब 1,300 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है। ऑटो सेक्टर में मांग बढ़ने और सप्लाई चेन में सुधार से ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखी जा रही है।
आखिर छोटे शेयरों में अचानक क्यों आई तेजी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से निवेशक बड़े शेयरों की तुलना में स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके पीछे कई वजहें हैं घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी, सेक्टर आधारित तेजी, कम कीमत वाले शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ना, शॉर्ट कवरिंग, तेजी वाले बाजार में हाई रिस्क ट्रेडिंग हालांकि बाजार विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि तेजी से भागने वाले ऐसे शेयरों में जोखिम भी काफी अधिक होता है। कई बार अचानक आई तेजी उतनी ही तेजी से गिरावट में भी बदल सकती है।
निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
सिर्फ तेजी देखकर किसी भी शेयर में निवेश करना खतरनाक हो सकता है। निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस, फंडामेंटल, कर्ज, प्रमोटर होल्डिंग और वैल्यूएशन को समझना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लो-प्राइस शेयर हमेशा सस्ते नहीं होते, स्मॉलकैप शेयरों में वोलैटिलिटी ज्यादा रहती है, तेजी के दौरान FOMO में निवेश से बचना चाहिए, निवेश हमेशा रिसर्च के आधार पर करें अगर कोई शेयर कुछ ही दिनों में 40-50% चढ़ जाता है, तो उसमें प्रॉफिट बुकिंग का खतरा भी बढ़ जाता है।
आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है?
अगले कुछ हफ्तों में बाजार की दिशा कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, मानसून और घरेलू आर्थिक डेटा, कंपनियों के तिमाही नतीजे अगर वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं तो स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में तेजी जारी रह सकती है। हालांकि उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यहां बताए गए शेयरों में निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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