भारतीय शेयर बाजार में इस साल उतार-चढ़ाव और दबाव का माहौल देखने को मिला है। निफ्टी और सेंसेक्स ने कई बार कमजोरी दिखाई, विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और वैश्विक तनावों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। लेकिन इस गिरते बाजार में भी Adani Enterprises और Adani Ports and Special Economic Zone ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर सबको चौंका दिया है।
इन दोनों कंपनियों ने सिर्फ शेयर प्राइस में तेजी ही नहीं दिखाई, बल्कि निवेशकों की संपत्ति में कुल मिलाकर करीब ₹1.33 लाख करोड़ का इजाफा भी किया है। यही वजह है कि ये दोनों शेयर इस साल बाजार के सबसे बड़े “वेल्थ क्रिएटर” स्टॉक्स में शामिल हो गए हैं।
गिरते बाजार में भी अदाणी समूह के शेयरों ने दिखाया दम
जहां एक तरफ कई बड़े सेक्टर दबाव में रहे, वहीं अदाणी समूह की कंपनियों ने मजबूत कारोबारी प्रदर्शन और विदेशी निवेशकों के भरोसे के दम पर तेजी दिखाई। Ace Equity के आंकड़ों के मुताबिक अदाणी पोर्ट्स के मार्केट कैप में करीब ₹69,764 करोड़ की बढ़ोतरी हुई अदाणी एंटरप्राइजेज के मार्केट कैप में लगभग ₹62,560 करोड़ का इजाफा हुआ दोनों कंपनियों ने मिलकर निवेशकों की संपत्ति में ₹1.33 लाख करोड़ से ज्यादा जोड़ दिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दौरान भारतीय बाजार में कई ब्लूचिप शेयर कमजोर रहे।
कितना मिला रिटर्न?
Adani Enterprises
- 1 जनवरी को शेयर कीमत: ₹1481
- वर्तमान कीमत: करीब ₹1782
- 6 महीने का रिटर्न: लगभग 13%
Adani Ports and Special Economic Zone
- 1 जनवरी को शेयर कीमत: ₹2260
- वर्तमान कीमत: करीब ₹2714
- 6 महीने का रिटर्न: लगभग 20%
इस तेजी ने उन निवेशकों को बड़ा फायदा दिया जिन्होंने बाजार की कमजोरी के दौरान भी इन शेयरों पर भरोसा बनाए रखा।
आखिर क्यों भाग रहे हैं अदाणी ग्रुप के शेयर?
विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे तीन बड़े कारण हैं।
1. मजबूत बिजनेस और ऑपरेशनल ग्रोथ
Adani Ports and Special Economic Zone का लॉजिस्टिक्स और पोर्ट कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी के कार्गो वॉल्यूम में सालाना 13% की वृद्धि दर्ज की गई है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपोर्ट गतिविधियों के बढ़ने का फायदा कंपनी को मिल रहा है।
दूसरी तरफ Adani Enterprises एयरपोर्ट, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, कॉपर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे भविष्य के सेक्टरों में तेजी से विस्तार कर रही है। निवेशकों को लगता है कि आने वाले वर्षों में ये कारोबार कंपनी की कमाई को काफी बढ़ा सकते हैं।
2. कानूनी मामलों से राहत
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह लगातार कानूनी और रेगुलेटरी दबाव में था। इससे निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ था। हालांकि हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा गौतम अदाणी और सागर अदाणी पर लगे आपराधिक धोखाधड़ी के आरोप वापस लेने की खबर ने बाजार की धारणा को मजबूत किया। निवेशकों ने इसे समूह के लिए बड़ी राहत माना। इस फैसले के बाद अदाणी समूह के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी।
3. विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा भी अदाणी समूह के शेयरों में तेजी की बड़ी वजह बना है। Capital Group और GQG Partners जैसे बड़े विदेशी निवेशकों ने समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई है।
हाल ही में कैपिटल ग्रुप ने अदाणी समूह की तीन कंपनियों में करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग ₹16,600 करोड़ का निवेश किया। यह निवेश बाजार को मजबूत संकेत देता है कि बड़े ग्लोबल फंड्स अब अदाणी समूह पर फिर से भरोसा जता रहे हैं।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ता है, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर मजबूत रहता है, ग्रीन एनर्जी और डेटा सेंटर कारोबार में ग्रोथ जारी रहती है, तो अदाणी समूह की कंपनियों को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अदाणी समूह के शेयरों में उतार-चढ़ाव काफी तेज रहता है। इसलिए लंबी अवधि का नजरिया और जोखिम क्षमता बहुत महत्वपूर्ण है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इस साल का प्रदर्शन यह दिखाता है कि मजबूत बिजनेस मॉडल, विदेशी निवेशकों का भरोसा और सकारात्मक बाजार धारणा किसी भी कंपनी के शेयरों को गिरते बाजार में भी आगे बढ़ा सकती है। अदाणी समूह के इन दो शेयरों ने यही साबित किया है कि बाजार में सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि बिजनेस की मजबूती भी बड़ी भूमिका निभाती है।
डिस्क्लेमर
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह न मानें। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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