देशभर में डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार 23 मई 2026 को मुंबई में डीजल का भाव बढ़कर ₹95.02 प्रति लीटर पहुंच गया, जो पिछले दिन ₹94.08 था। यानी एक दिन में 94 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और कई शहरों में रेट ₹1 प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
तेल कंपनियों की ओर से की जा रही लगातार कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब ट्रांसपोर्ट, खेती, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ने लगा है। खास बात यह है कि भारत में पेट्रोल की तुलना में डीजल का इस्तेमाल माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन में ज्यादा होता है, इसलिए डीजल महंगा होने का असर सीधे महंगाई पर दिखाई देता है।
क्यों बढ़ रहे हैं डीजल के दाम?
भारत में डीजल की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। इनमें सबसे अहम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स शामिल हैं।
पिछले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से भारत में भी ईंधन महंगा हुआ है। इसके अलावा रुपये में कमजोरी आने से तेल कंपनियों की लागत बढ़ गई है, जिसका असर अब खुदरा कीमतों में दिख रहा है।
2017 के बाद हर दिन बदलते हैं डीजल के रेट
भारत में 15 जून 2017 से डीजल और पेट्रोल की कीमतों को रोजाना संशोधित करने की व्यवस्था लागू की गई थी। इससे पहले हर 15 दिन में कीमतें तय होती थीं। सरकार का मानना था कि रोजाना कीमत बदलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का असर धीरे-धीरे ग्राहकों तक पहुंचेगा और अचानक बड़ा झटका नहीं लगेगा।
हालांकि लगातार कई दिनों तक कीमतें बढ़ने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। ट्रक ऑपरेटर्स और परिवहन कंपनियों का कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा और इसका असर खाद्य पदार्थों से लेकर निर्माण सामग्री तक पर पड़ सकता है।
देश के बड़े शहरों में डीजल के ताजा रेट
| शहर | डीजल कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹92.49 | +0.91 |
| मुंबई | ₹95.02 | +0.94 |
| कोलकाता | ₹97.02 | +0.95 |
| चेन्नई | ₹97.00 | +0.87 |
| गुरुग्राम | ₹92.93 | +1.12 |
| नोएडा | ₹93.03 | +0.92 |
| बेंगलुरु | ₹95.99 | +0.95 |
| भुवनेश्वर | ₹97.80 | +1.04 |
| चंडीगढ़ | ₹86.94 | +0.85 |
| हैदराबाद | ₹100.94 | +0.99 |
| जयपुर | ₹95.05 | +1.00 |
| लखनऊ | ₹92.70 | +0.92 |
| पटना | ₹97.03 | +1.45 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹101.55 | +0.95 |
डीजल महंगा होने से किन चीजों पर पड़ेगा असर?
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर इन सेक्टर्स पर पड़ता है: ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स, बस और ट्रक किराया, सब्जियां और खाद्य पदार्थ, खेती और सिंचाई लागत, ई-कॉमर्स डिलीवरी, निर्माण कार्य
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले कुछ हफ्तों तक तेल की कीमतों में तेजी बनी रही तो आने वाले समय में महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ सकता है।
मुंबई में सबसे ज्यादा दबाव क्यों?
मुंबई में डीजल पर राज्य टैक्स और वैट की दर अन्य कई राज्यों की तुलना में अधिक है। इसी वजह से यहां ईंधन की कीमतें दिल्ली जैसे शहरों से ज्यादा रहती हैं। महाराष्ट्र सरकार के टैक्स स्ट्रक्चर और लोकल लेवी भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।
आगे क्या हो सकता है?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं हुईं और रुपये में कमजोरी जारी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम और बढ़ सकते हैं। तेल कंपनियां फिलहाल वैश्विक बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
GoodReturns पर जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में डीजल की कीमत 23 मई 2026 को ₹95.02 प्रति लीटर दर्ज की गई है।
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