भारत, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में Domino’s Pizza का संचालन करने वाली कंपनी Jubilant FoodWorks के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के चौथी तिमाही (Q4 FY26) नतीजे आने के बाद निवेशकों ने स्टॉक में बिकवाली शुरू कर दी, जिसके चलते शेयर इंट्राडे में करीब 8% तक टूट गया।
दोपहर करीब 12 बजे कंपनी का शेयर 7% से ज्यादा की कमजोरी के साथ ₹438 के आसपास कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान यह ₹434.65 के निचले स्तर तक फिसल गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कमोडिटी कीमतों में तेजी और कमजोर मार्जिन आउटलुक ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
ब्रोकरेज फर्मों ने घटाई रेटिंग
कंपनी के नतीजों के बाद कई विदेशी ब्रोकरेज हाउस सतर्क नजर आए। HSBC ने पहले दी गई “Buy” रेटिंग को घटाकर “Hold” कर दिया है। साथ ही कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस ₹630 से घटाकर ₹530 कर दिया गया।
वहीं, Jefferies ने भी अपने टारगेट प्राइस में कटौती की है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि आने वाले समय में खाद्य सामग्री और अन्य कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार कंपनी की बिक्री में सुधार तो दिख रहा है, लेकिन ग्राहक मांग को बनाए रखने के लिए लगातार ऑफर्स और एक्टिवेशन कैंपेन चलाने पड़ रहे हैं। इससे कंपनी के सामने ग्रोथ और मार्जिन के बीच संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी हो सकती है।
महंगाई बढ़ा रही दबाव
HSBC की रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली तिमाही में Like-for-Like बिक्री में हल्का सुधार दिख रहा है, लेकिन यह स्थायी मांग की बजाय प्रमोशनल एक्टिविटी आधारित डिमांड लग रही है।
ब्रोकरेज का मानना है कि: चीज, आटा और अन्य फूड कमोडिटी की लागत बढ़ रही है, डिलीवरी और ऑपरेशन कॉस्ट ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, डिस्काउंटिंग बढ़ने से प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से HSBC ने कंपनी की भविष्य की कमाई (earnings estimates) में भी कटौती की है।
कैसे रहे कंपनी के Q4 नतीजे?
Jubilant FoodWorks ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में मिश्रित नतीजे पेश किए।
कंपनी के अनुसार:
- रेवेन्यू में सालाना आधार पर 6.4% की बढ़ोतरी हुई
- EBITDA में 11.5% की वृद्धि दर्ज की गई
- EBITDA मार्जिन में 90 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ
- डिलीवरी बिजनेस की ग्रोथ 10.3% रही
- कुल कारोबार में डिलीवरी चैनल की हिस्सेदारी 76.1% रही
हालांकि, बाजार की उम्मीदें इससे अधिक थीं। निवेशकों को डर है कि बढ़ती लागत के कारण आने वाली तिमाहियों में मार्जिन दबाव बढ़ सकता है।
Domino’s बिजनेस पर क्यों है फोकस?
भारत में क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में Domino’s सबसे बड़ा ब्रांड माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से: उपभोक्ता खर्च में सुस्ती, बढ़ती महंगाई, डिस्काउंट वॉर, फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की प्रतिस्पर्धा जैसे कारणों से QSR कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे माल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आने वाले समय में कंपनियों को कीमत बढ़ानी पड़ सकती है, जिससे ग्राहक मांग प्रभावित हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
फिलहाल अधिकांश विश्लेषक कंपनी को लेकर पूरी तरह नकारात्मक नहीं हैं। 30 में से: 20 विश्लेषकों ने “Buy”, 6 ने “Hold”, 4 ने “Sell” की रेटिंग दी हुई है।
हालांकि, हालिया गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार अब सिर्फ बिक्री वृद्धि नहीं बल्कि मजबूत मार्जिन और स्थिर कमाई पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
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