भारत में चांदी की कीमतों में बुधवार, 20 मई 2026 को हलचल देखने को मिली। घरेलू बाजार में सिल्वर की कीमत ₹280 प्रति ग्राम और ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव, डॉलर इंडेक्स की चाल और रुपये की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
बीते कुछ महीनों में सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड, सोलर सेक्टर में बढ़ती खपत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की खरीदारी चांदी को सपोर्ट दे रही है। वहीं, रुपये में कमजोरी आने पर भारत में आयातित धातुएं और महंगी हो जाती हैं।
भारत में आज का चांदी का भाव (20 मई 2026)
| यूनिट | आज का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| 1 ग्राम चांदी | ₹280 | ₹5 |
| 10 ग्राम चांदी | ₹2,800 | ₹50 |
| 100 ग्राम चांदी | ₹28,000 | ₹500 |
| 1 किलो चांदी | ₹2,80,000 | ₹5,000 |
हिंदी भाषी प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलो |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| जयपुर | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| लखनऊ | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| पटना | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| चंडीगढ़ | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| अयोध्या | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| गुरुग्राम | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| गाजियाबाद | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
| नोएडा | ₹2,800 | ₹28,000 | ₹2,80,000 |
क्यों बढ़ रही है चांदी की कीमत?
चांदी की कीमत सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होती। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला बदलाव सीधे भारतीय कीमतों पर असर डालता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस समय तीन बड़े फैक्टर सिल्वर मार्केट को प्रभावित कर रहे हैं:
1. डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है तो भारत में चांदी आयात करना महंगा पड़ता है। इसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर दिखाई देता है।
2. ग्लोबल मार्केट में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोना और चांदी खरीद रहे हैं। इससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
3. इंडस्ट्रियल डिमांड में उछाल
चांदी का उपयोग सिर्फ ज्वेलरी में नहीं बल्कि: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण जैसे सेक्टर्स में तेजी से बढ़ रहा है। भारत समेत दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स बढ़ने से सिल्वर की मांग मजबूत बनी हुई है।
क्या आगे और महंगी होगी चांदी?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अगर: डॉलर मजबूत रहता है, रुपया दबाव में रहता है, और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, अमेरिका के ब्याज दर फैसले, चीन की इंडस्ट्रियल डिमांड और कच्चे तेल की कीमतें भी सिल्वर मार्केट की दिशा तय करेंगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि में चांदी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण धातु बनी रह सकती है। खासकर: डिजिटल सिल्वर, सिल्वर ETF, और फिजिकल सिल्वर में निवेश करने वालों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार जोखिम और कीमतों में उतार-चढ़ाव को समझना जरूरी है।
चांदी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
अगर आप सिल्वर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो: BIS हॉलमार्क जरूर जांचें, अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट तुलना करें, मेकिंग चार्ज अलग से जोड़ें, GST और अन्य शुल्क का ध्यान रखें.
FAQs
भारत में आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?
आज भारत में 1 किलो चांदी की कीमत ₹2,80,000 है।
क्या चांदी की कीमत डॉलर से प्रभावित होती है?
हाँ, डॉलर-रुपया विनिमय दर का चांदी की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है।
चांदी में निवेश करना सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि में चांदी diversification के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है, लेकिन बाजार जोखिम को समझना जरूरी है।
चांदी सबसे ज्यादा किन सेक्टर्स में इस्तेमाल होती है?
सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण और ज्वेलरी सेक्टर में चांदी का उपयोग सबसे ज्यादा होता है।
स्रोत: अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट ट्रेंड, करेंसी मूवमेंट और Goodreturns Silver Rates के आंकड़ों पर आधारित।
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