भारत की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। कंपनी ने करीब ₹1,500 करोड़ के कैपेक्स (Capital Expenditure) का ऐलान किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूटर उत्पादन क्षमता को दोगुना करना है। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट और पार्ट्स बिजनेस में भी आक्रामक विस्तार की तैयारी कर रही है।
नई दिल्ली। भारतीय टू-व्हीलर बाजार में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Hero MotoCorp अब स्कूटर और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी के CEO हर्षवर्धन चिताले ने निवेशकों से बातचीत में बताया कि FY27 के दौरान कंपनी करीब ₹1,500 करोड़ का पूंजीगत निवेश करेगी। यह निवेश मुख्य रूप से स्कूटर उत्पादन क्षमता बढ़ाने, EV बिजनेस विस्तार और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।
स्कूटर सेगमेंट पर बड़ा दांव
भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ी है। खासकर शहरी क्षेत्रों में स्कूटर युवाओं, महिलाओं और डेली कम्यूटर्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। इसी ट्रेंड को देखते हुए Hero MotoCorp अब अपने लोकप्रिय स्कूटर मॉडल्स की उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ा रही है।
कंपनी फिलहाल हर महीने करीब 60,000 स्कूटर बेच रही है। CEO हर्षवर्धन चिताले ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर करीब 1 लाख यूनिट प्रति माह तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि कुछ मॉडलों की मांग उम्मीद से ज्यादा मजबूत बनी हुई है, इसलिए उत्पादन क्षमता बढ़ाना जरूरी हो गया है।
Destini और Xoom मॉडल पर फोकस
Hero MotoCorp ने अपने ICE (Internal Combustion Engine) स्कूटर्स में ‘Destini’ मॉडल की उत्पादन क्षमता पहले ही 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। इसके अलावा कंपनी ‘Xoom’ स्कूटर की क्षमता को दोगुना करने की प्रक्रिया में है।
विश्लेषकों का मानना है कि Hero MotoCorp अब स्कूटर बाजार में Honda Motorcycle and Scooter India, TVS Motor Company और Suzuki Motorcycle India जैसी कंपनियों को कड़ी चुनौती देना चाहती है। अब तक Hero की मजबूत पकड़ मोटरसाइकिल सेगमेंट में रही है, लेकिन स्कूटर मार्केट में कंपनी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
EV बिजनेस में भी आक्रामक विस्तार
Hero MotoCorp सिर्फ पेट्रोल स्कूटर्स तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में भी तेजी से विस्तार कर रही है। CEO चिताले ने बताया कि EV उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का काम लगभग पूरा होने वाला है, जिससे कंपनी की क्षमता पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी की EV उत्पादन क्षमता पहले 15,000 यूनिट थी, जिसे बढ़ाकर 25,000 यूनिट किया गया है। अब इसे साल खत्म होने से पहले फिर दोगुना करने की तैयारी चल रही है।
भारत में EV बाजार तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की सब्सिडी योजनाएं, पेट्रोल की ऊंची कीमतें और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता इस सेगमेंट की मांग को मजबूत बना रही हैं। ऐसे में Hero MotoCorp अपने EV ब्रांड पोर्टफोलियो को मजबूत करके आने वाले वर्षों में बड़ा मार्केट शेयर हासिल करना चाहती है।
दक्षिण भारत में बनेगा ग्लोबल पार्ट्स सेंटर
कंपनी ने सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन और आफ्टर-सेल्स बिजनेस को भी मजबूत करने का फैसला किया है। Hero MotoCorp दक्षिण भारत में एक नया ग्लोबल पार्ट्स सेंटर बना रही है, जिस पर ₹700 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया जाएगा।
यह सेंटर कंपनी के स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज बिजनेस को मजबूत करेगा। इसके जरिए डीलर नेटवर्क को तेजी से सप्लाई देने में मदद मिलेगी, जिससे ग्राहकों को बेहतर सर्विस अनुभव मिल सकता है।
ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत पार्ट्स नेटवर्क किसी भी वाहन कंपनी की लॉन्ग-टर्म सफलता में अहम भूमिका निभाता है। Hero MotoCorp अब इस क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
West Asia युद्ध का कितना असर?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन अनिश्चितता के बीच ऑटो सेक्टर भी सतर्क नजर आ रहा है।
हालांकि Hero MotoCorp का कहना है कि फिलहाल मांग में कोई कमजोरी दिखाई नहीं दे रही है। कंपनी के मुताबिक अप्रैल और मई के पहले सप्ताह तक टू-व्हीलर बाजार में मांग मजबूत बनी रही।
युद्ध शुरू होने से पहले उद्योग को FY27 में हाई सिंगल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद थी। लेकिन अब वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए आगे मांग पर क्या असर पड़ेगा, इस पर नजर रखना जरूरी होगा।
क्यों अहम है Hero MotoCorp का यह निवेश?
Hero MotoCorp का यह निवेश कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- स्कूटर बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश
- EV सेगमेंट में आक्रामक विस्तार
- सप्लाई चेन मजबूत करने की रणनीति
- बढ़ती घरेलू मांग का फायदा उठाने की तैयारी
- भविष्य के प्रतिस्पर्धी बाजार के लिए क्षमता निर्माण
भारत दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर बाजार है। ऐसे में जो कंपनियां अभी से क्षमता विस्तार और नई तकनीकों में निवेश करेंगी, वही आने वाले वर्षों में बाजार की अगुवाई कर सकती हैं।
उद्योग विशेषज्ञ क्या मानते हैं?
ऑटो सेक्टर के जानकारों के मुताबिक Hero MotoCorp का यह कदम संकेत देता है कि कंपनी अब सिर्फ मोटरसाइकिल लीडर बने रहने से संतुष्ट नहीं है। वह स्कूटर और EV दोनों बाजारों में लंबी रेस की तैयारी कर रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कंपनी अपने नए मॉडल्स, EV पोर्टफोलियो और सर्विस नेटवर्क को सही तरीके से मजबूत करती है, तो आने वाले 3-5 वर्षों में Hero MotoCorp भारतीय टू-व्हीलर बाजार में और ज्यादा मजबूत स्थिति हासिल कर सकती है।
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