JSW का विजयनगर प्लांट क्षेत्रफल और उत्पादन क्षमता दोनों में नंबर-1, लेकिन कमाई में अभी भी Tata Steel का दबदबा
नई दिल्ली। भारत आज दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक देशों में शामिल है। देश में तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, ऑटोमोबाइल, डिफेंस और रियल एस्टेट सेक्टर ने स्टील की मांग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। इसी वजह से देश की बड़ी स्टील कंपनियां लगातार अपने प्लांट्स का विस्तार कर रही हैं।
जब भी भारत के सबसे बड़े स्टील प्लांट की बात होती है, तो आमतौर पर लोगों के दिमाग में सबसे पहले 119 साल पुरानी Tata Steel का नाम आता है। लेकिन अगर बात किसी एक विशाल स्टील प्लांट के आकार और उत्पादन क्षमता की करें, तो बाजी सज्जन जिंदल की JSW Steel मार ले जाती है।
दरअसल, कर्नाटक के बल्लारी जिले में स्थित JSW Steel का विजयनगर वर्क्स प्लांट आज भारत का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट माना जाता है। यह प्लांट करीब 10 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। वहीं दूसरी तरफ Tata Steel का ऐतिहासिक जमशेदपुर प्लांट आकार और उत्पादन के मामले में इससे काफी पीछे है, हालांकि कुल कारोबार और वैश्विक मौजूदगी के मामले में Tata Steel अभी भी बड़ी कंपनी बनी हुई है।
1907 में हुई थी Tata Steel की शुरुआत
भारत में आधुनिक स्टील उद्योग की नींव Tata Steel ने रखी थी। कंपनी की स्थापना 26 अगस्त 1907 को जमशेदजी टाटा और सर दोराबजी टाटा ने TISCO (Tata Iron and Steel Company) के रूप में की थी। उस दौर में भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और भारी उद्योगों का विकास बेहद सीमित था। ऐसे समय में Tata Steel ने देश में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत की। बाद में जमशेदपुर शहर भी इसी स्टील प्लांट के आसपास विकसित हुआ, जिसे आज “भारत की स्टील सिटी” कहा जाता है।
वहीं JSW Steel अपेक्षाकृत नई कंपनी है। इसकी शुरुआत 1982 में हुई थी और आज इसे भारत के बड़े उद्योगपति सज्जन जिंदल लीड कर रहे हैं। पिछले दो दशकों में JSW ने आक्रामक विस्तार के जरिए खुद को देश की सबसे बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल कर लिया है।
जमीन के मामले में किसका प्लांट सबसे बड़ा?
अगर केवल क्षेत्रफल की बात करें, तो JSW Steel का विजयनगर वर्क्स प्लांट बाकी सभी भारतीय स्टील प्लांट्स से काफी आगे है। कर्नाटक के बल्लारी जिले के तोरणगल्लू में स्थित यह प्लांट करीब 10,000 एकड़ में फैला हुआ है। यह दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड स्टील कॉम्प्लेक्स में भी गिना जाता है। प्लांट के आसपास विशाल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, कैप्टिव पावर यूनिट्स और कच्चे माल की सप्लाई चेन विकसित की गई है।
इसके मुकाबले Tata Steel का सबसे प्रमुख जमशेदपुर प्लांट लगभग 2,000 से 2,200 एकड़ के कोर इंडस्ट्रियल एरिया में फैला हुआ है। हालांकि अगर आसपास के औद्योगिक क्षेत्र और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ दिया जाए तो इसका विस्तार करीब 6,000 एकड़ तक माना जाता है।
इसके अलावा Tata Steel का कलिंगानगर प्लांट भी तेजी से उभर रहा है। ओडिशा के जाजपुर जिले में स्थित यह प्लांट करीब 3,000 से 3,475 एकड़ क्षेत्र में फैला है।
लेकिन मौजूदा समय में क्षेत्रफल के आधार पर देखें तो JSW विजयनगर भारत का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है।
उत्पादन क्षमता में भी JSW सबसे आगे
सिर्फ जमीन ही नहीं, उत्पादन क्षमता के मामले में भी JSW का विजयनगर प्लांट नंबर-1 बन चुका है। इस प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता करीब 17.5 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) तक पहुंच चुकी है। कंपनी यहां लगातार नई सुविधाएं जोड़ रही है, जिससे भविष्य में यह क्षमता और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक विजयनगर प्लांट को रणनीतिक रूप से ऐसे इलाके में बनाया गया है जहां लौह अयस्क की भरपूर उपलब्धता है। इससे कच्चे माल की लागत कम होती है और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में आसानी मिलती है।
दूसरी ओर Tata Steel का ऐतिहासिक जमशेदपुर प्लांट फिलहाल करीब 11 MTPA क्षमता रखता है। यह भारत के सबसे पुराने और सबसे आधुनिकीकृत स्टील प्लांट्स में शामिल है।
हालांकि Tata Steel अब अपना फोकस कलिंगानगर प्लांट पर बढ़ा रही है। हाल के विस्तार के बाद इसकी क्षमता 8 MTPA तक पहुंच गई है और कंपनी भविष्य में इसे 16 MTPA तक ले जाने की योजना बना रही है। अगर ऐसा होता है, तो कलिंगानगर टाटा का सबसे बड़ा प्लांट बन जाएगा।
फिलहाल सिंगल-लोकेशन उत्पादन क्षमता के मामले में JSW विजयनगर सबसे बड़ा प्लांट बना हुआ है।
आखिर क्यों खास है विजयनगर प्लांट?
JSW का विजयनगर प्लांट सिर्फ आकार में बड़ा नहीं है, बल्कि इसे भारत के सबसे आधुनिक स्टील हब में भी गिना जाता है।
यह प्लांट:
- लौह अयस्क बेल्ट के बेहद करीब है
- रेलवे और पोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़ा है
- यहां कैप्टिव पावर सुविधाएं मौजूद हैं
- ऑटोमोबाइल ग्रेड स्टील से लेकर फ्लैट स्टील तक का उत्पादन होता है
विशेषज्ञ मानते हैं कि JSW ने पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी और स्केल दोनों पर भारी निवेश किया है। इसी वजह से कंपनी तेजी से Tata Steel और अन्य दिग्गज कंपनियों को चुनौती दे रही है।
कमाई में अभी भी Tata Steel बड़ी कंपनी
हालांकि किसी एक प्लांट के आकार और उत्पादन क्षमता में JSW आगे दिखाई देती है, लेकिन पूरी कंपनी के स्तर पर Tata Steel अभी भी बड़ी खिलाड़ी बनी हुई है। Tata Steel का FY24 में कुल टर्नओवर लगभग ₹2.29 लाख करोड़ रहा। इसमें भारत के ऑपरेशंस का योगदान करीब ₹1.41 लाख करोड़ था। कंपनी की मौजूदगी यूरोप सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी है।
वहीं JSW Steel की FY25 में कुल संचालन आय लगभग ₹1.68 लाख करोड़ रही। पिछले कुछ वर्षों में JSW ने तेजी से ग्रोथ दिखाई है, लेकिन कुल कारोबार के मामले में Tata Steel अभी भी उससे आगे है।
वर्कफोर्स, वैश्विक नेटवर्क और ऐतिहासिक ब्रांड वैल्यू के मामले में भी Tata Steel की स्थिति मजबूत मानी जाती है।
भारत के स्टील सेक्टर में क्यों बढ़ रही प्रतिस्पर्धा?
भारत सरकार ने 2030 तक देश की स्टील उत्पादन क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, डिफेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और निर्माण क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण स्टील कंपनियां लगातार विस्तार कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में:
- JSW Steel उत्पादन क्षमता में और आक्रामक विस्तार कर सकती है
- Tata Steel हाई-वैल्यू स्टील और ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर ज्यादा फोकस करेगी
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है
कौन है असली नंबर-1?
अगर सवाल किसी एक विशाल स्टील प्लांट का है, तो जवाब है — JSW Steel का विजयनगर वर्क्स। लेकिन अगर बात पूरी कंपनी की ताकत, ब्रांड वैल्यू, वैश्विक नेटवर्क और टर्नओवर की हो, तो Tata Steel आज भी भारतीय स्टील उद्योग की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावशाली कंपनियों में गिनी जाती है।
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