पिछला कारोबारी हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मुनाफावसूली के दबाव के कारण घरेलू बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स जहां पूरे हफ्ते में 2,090 अंक से ज्यादा टूट गया, वहीं एनएसई निफ्टी में भी 500 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि इस गिरते बाजार के बीच भी कुछ छोटे और माइक्रोकैप शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर चौंका दिया। इन शेयरों में सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में 28 फीसदी से लेकर 55 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। खास बात यह रही कि जिन निवेशकों ने इन शेयरों में एक लाख रुपये लगाए होंगे, उनकी रकम कुछ ही दिनों में डेढ़ लाख रुपये के करीब पहुंच गई होगी।
ऐसे समय में जब बड़े-बड़े ब्लूचिप शेयर दबाव में थे, इन छोटे शेयरों में आई तेजी ने बाजार के कई निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि विशेषज्ञ ऐसे शेयरों में निवेश करते समय सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं, क्योंकि इनमें उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा होता है।
बाजार में क्यों रही कमजोरी?
पिछले हफ्ते बाजार पर कई वैश्विक और घरेलू कारणों का असर देखने को मिला।
- अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
इन वजहों से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ और बाजार में बिकवाली हावी रही। इसके बावजूद कुछ शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
Camex Share Price: 5 दिन में 55% से ज्यादा रिटर्न
सबसे ज्यादा चर्चा कैमेक्स (Camex) के शेयर की रही। कंपनी का शेयर सिर्फ एक हफ्ते में 30.01 रुपये से बढ़कर 46.72 रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान निवेशकों को 55.68 फीसदी का शानदार रिटर्न मिला। अगर किसी निवेशक ने इस शेयर में एक लाख रुपये लगाए होते, तो उसकी वैल्यू करीब 1.55 लाख रुपये से ज्यादा हो गई होती।
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भी इस शेयर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और यह करीब 10 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 47 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है।
बाजार जानकारों का कहना है कि लो मार्केट कैप वाले शेयरों में थोड़ी खरीदारी भी तेजी से बड़ी उछाल में बदल जाती है। यही वजह है कि माइक्रोकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव काफी तेज रहता है।
Aspira Pathlab & Diagnostics Share Price: डायग्नोस्टिक शेयर में बड़ी तेजी
हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक सेक्टर की कंपनी एस्पिरा पैथलैब एंड डायग्नोस्टिक्स के शेयर में भी पिछले हफ्ते जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 63.90 रुपये से बढ़कर 90.99 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान निवेशकों को 42.39 फीसदी का रिटर्न मिला।
शुक्रवार को शेयर 10 फीसदी अपर सर्किट के साथ बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप करीब 94 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक छोटे हेल्थकेयर शेयरों में हाल के दिनों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा कम फ्लोट वाले शेयरों में तेजी ज्यादा देखने को मिलती है।
Hemant Surgical Industries Share Price: मेडिकल सेक्टर का यह शेयर भी दौड़ा
हेमंत सर्जिकल इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया। कंपनी का शेयर एक हफ्ते में 301.50 रुपये से बढ़कर 407.70 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान शेयर में 35.22 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार को भी शेयर 4 फीसदी से ज्यादा मजबूत होकर बंद हुआ।
इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप 531 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
मेडिकल और हेल्थकेयर सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग के कारण निवेशकों का रुझान इस तरह की कंपनियों की ओर बढ़ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तेजी के पीछे कंपनी के फंडामेंटल और कारोबार की स्थिति को जरूर देखना चाहिए।
Aadi Industries Share Price: पेनी स्टॉक ने दिया बड़ा रिटर्न
आदि इंडस्ट्रीज का शेयर भी पिछले हफ्ते बाजार के टॉप गेनर्स में शामिल रहा। कंपनी का शेयर 8.65 रुपये से बढ़कर 11.23 रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान निवेशकों को करीब 29.83 फीसदी का मुनाफा हुआ।
शुक्रवार को शेयर में 10 फीसदी की जोरदार तेजी दर्ज की गई। हालांकि कंपनी का मार्केट कैप अभी भी बेहद छोटा है और यह करीब 11 करोड़ रुपये के आसपास है। ऐसे शेयरों में तेजी जितनी तेज होती है, गिरावट भी उतनी ही तेज हो सकती है। इसलिए निवेशकों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
Naksh Precious Metals Share Price: गिरावट के बावजूद साप्ताहिक रिटर्न शानदार
नक्श प्रीशियस मेटल्स के शेयर में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली, लेकिन पूरे हफ्ते के दौरान इस शेयर ने निवेशकों को करीब 28.89 फीसदी का रिटर्न दिया। कंपनी का शेयर 4.50 रुपये से बढ़कर 5.80 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि आखिरी कारोबारी दिन इसमें करीब 10 फीसदी की गिरावट भी आई।
इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप करीब 6 करोड़ रुपये है। इतनी छोटी कंपनियों में अक्सर वोलैटिलिटी काफी ज्यादा होती है और थोड़ी खरीद-बिक्री से ही शेयर तेजी से ऊपर या नीचे जा सकता है।
माइक्रोकैप और पेनी स्टॉक्स में निवेश कितना जोखिमभरा?
बाजार विशेषज्ञ लगातार निवेशकों को सावधान रहने की सलाह देते हैं। इन शेयरों में कई बार अचानक बड़ी तेजी देखने को मिलती है, लेकिन उतनी ही तेजी से गिरावट भी आ सकती है। छोटे मार्केट कैप वाले शेयरों में लिक्विडिटी कम होती है और इनमें ऑपरेटर एक्टिविटी का जोखिम भी ज्यादा रहता है।
निवेश करने से पहले इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है कंपनी का बिजनेस मॉडल, प्रमोटर होल्डिंग, कर्ज की स्थिति, पिछले वित्तीय नतीजे, शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम, अचानक आई तेजी का कारण अगर बिना रिसर्च के सिर्फ तेजी देखकर निवेश किया जाए, तो भारी नुकसान भी हो सकता है।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच छोटे शेयरों में तेजी आगे भी देखने को मिल सकती है। हालांकि इनमें निवेश केवल हाई रिस्क लेने वाले निवेशकों के लिए ही सही माना जाता है।
लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जबकि ट्रेडर्स को स्टॉप लॉस के साथ ही ऐसे शेयरों में एंट्री करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए शेयर बाजार संबंधी विवरण निवेश की सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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