देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। राहत की बात यह है कि इस बार घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे समय में जब दूध, सब्जी और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, रसोई गैस के दाम स्थिर रहने से आम लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
हाल ही में अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की है, जिससे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है। दूसरी ओर पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक महंगाई की चिंता के बीच LPG कीमतों में स्थिरता को सरकार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है।
तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा रेट के मुताबिक राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 3,071.50 रुपये का है।
देश के बड़े शहरों में LPG सिलेंडर के ताजा रेट
नई दिल्ली में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 KG) | ₹913 |
| कमर्शियल सिलेंडर (19 KG) | ₹3,071.50 |
| 5 किलो सिलेंडर | ₹339 |
मुंबई में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹912.50 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,024 |
चेन्नई में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹928.50 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,237 |
कोलकाता में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹939 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,202 |
पटना में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹1,002.50 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,346.50 |
नोएडा में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹910.50 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,071.50 |
लखनऊ में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹950.50 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,194 |
जयपुर में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹916.50 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,099 |
गुरुग्राम में LPG की कीमत
| सिलेंडर प्रकार | कीमत |
|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | ₹921.50 |
| कमर्शियल सिलेंडर | ₹3,088 |
आखिर हर शहर में LPG सिलेंडर की कीमत अलग क्यों होती है?
बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि दिल्ली, मुंबई, पटना और चेन्नई में गैस सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग क्यों होती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और स्थानीय सरकारी शुल्क होते हैं।
दरअसल भारत में LPG की बेस कीमत लगभग समान होती है, लेकिन अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT), लोकल टैक्स और ट्रांसपोर्ट खर्च अलग होता है। जिन शहरों में रिफाइनरी या गैस डिपो दूर होते हैं, वहां सिलेंडर की कीमत ज्यादा हो जाती है।
उदाहरण के तौर पर पटना और लखनऊ में घरेलू सिलेंडर की कीमत दिल्ली से काफी ज्यादा है। इसकी वजह परिवहन लागत और राज्य स्तर पर लगने वाले टैक्स हैं।
दुनिया के हर देश में LPG की कीमत अलग क्यों होती है?
एलपीजी की कीमत सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अलग-अलग होती है। इसके पीछे कई बड़े आर्थिक कारण हैं।
1. टैक्स और सब्सिडी
कई देश अपने नागरिकों को राहत देने के लिए LPG पर भारी सब्सिडी देते हैं। वहीं कुछ देश टैक्स बढ़ाकर सरकारी राजस्व बढ़ाते हैं। इसी वजह से कहीं गैस बेहद सस्ती होती है तो कहीं काफी महंगी।
2. आयात पर निर्भरता
भारत जैसे कई देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने पर उसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।
3. डॉलर के मुकाबले स्थानीय मुद्रा
अगर किसी देश की मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर होती है तो LPG आयात महंगा हो जाता है। हाल के दिनों में रुपये में कमजोरी भी भारत के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
4. कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमत
एलपीजी की कीमतें सीधे तौर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के बाजार से जुड़ी होती हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने पर तेल और गैस दोनों महंगे हो जाते हैं।
कमर्शियल सिलेंडर इतने महंगे क्यों होते हैं?
घरेलू सिलेंडर पर सरकार कुछ हद तक राहत देती है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर पूरी तरह बाजार आधारित कीमतों पर बिकते हैं। यही वजह है कि होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर बाहर खाने-पीने की चीजों पर भी देखने को मिलता है। रेस्टोरेंट और ढाबों की लागत बढ़ने से खाने की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
क्या आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर सस्ता होगा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में LPG की कीमतें अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेंगी। अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और पश्चिम एशिया तनाव कम होता है तो गैस सिलेंडर के दाम घट सकते हैं।
हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और बढ़ती वैश्विक महंगाई भारत के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में फिलहाल बड़ी राहत की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।
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