भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) कंपनी Ola Electric अब अपने बिजनेस मॉडल को सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक तक सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी अब लिथियम-आयन बैटरी और बैटरी पैक सप्लाई बिजनेस में बड़ा दांव लगाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाविश अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी घरेलू और वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है ताकि उन्हें अपने तमिलनाडु स्थित गीगाफैक्ट्री से बैटरियां सप्लाई की जा सकें।
हालांकि इस खबर के बावजूद कंपनी के शेयरों में गुरुवार को कोई बड़ी हलचल नहीं दिखी। NSE पर Ola Electric का शेयर मामूली 0.06% गिरकर ₹36 पर बंद हुआ।
EV मार्केट से आगे बढ़ने की तैयारी में Ola Electric
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में तेजी से पहचान बनाने के बाद अब Ola Electric अपने बैटरी बिजनेस को अलग revenue engine बनाना चाहती है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपने Krishnagiri gigafactory में तैयार हो रही lithium-ion cells और battery packs को दूसरे ऑटोमोबाइल निर्माताओं को बेचने की योजना पर काम कर रही है।
यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब दुनियाभर की EV कंपनियां बैटरी सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस कर रही हैं। EV इंडस्ट्री में बैटरी सबसे महंगा और रणनीतिक हिस्सा माना जाता है। ऐसे में अगर Ola Electric बड़े ऑटो कंपनियों को बैटरियां सप्लाई करने में सफल रहती है, तो यह कंपनी के लिए एक नया बड़ा बिजनेस सेगमेंट बन सकता है।
क्या है 4680 Bharat Cell?
कंपनी अपने इन-हाउस विकसित “4680 Bharat Cell” टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। यही सेल टेक्नोलॉजी Ola की भविष्य की बैटरी रणनीति का केंद्र मानी जा रही है। वर्तमान में कंपनी की Krishnagiri gigafactory की installed capacity करीब 6 GWh है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- जुलाई 2027 तक क्षमता 12 GWh तक पहुंच सकती है
- FY2028 के अंत तक 20 GWh क्षमता का लक्ष्य रखा गया है
- कुल क्षमता का लगभग एक-तिहाई हिस्सा third-party OEM sales के लिए रिजर्व किया जा सकता है
इसका मतलब है कि Ola Electric भविष्य में सिर्फ अपनी स्कूटर्स के लिए नहीं, बल्कि दूसरे EV निर्माताओं के लिए भी बैटरियां तैयार करना चाहती है।
ऑटो कंपनियां क्यों दिखा रही हैं दिलचस्पी?
भारत में EV adoption तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती अभी भी battery sourcing और localisation है। चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत सरकार लगातार घरेलू battery manufacturing को बढ़ावा दे रही है।
ऐसे में अगर Ola Electric competitive pricing और stable supply देने में सफल रहती है, तो:
- भारतीय EV कंपनियों को स्थानीय सप्लाई मिल सकती है
- import cost कम हो सकती है
- supply chain risks घट सकते हैं
- “Make in India” battery ecosystem को मजबूती मिल सकती है
सूत्रों के अनुसार, कई संभावित ग्राहक Ola की manufacturing capabilities और quality standards का मूल्यांकन कर रहे हैं। लंबी अवधि के commercial agreements से पहले कंपनियां plant operations और production stability पर फोकस कर रही हैं।
₹5300 करोड़ का बड़ा निवेश
फरवरी 2026 में Ola Electric ने battery technology, manufacturing और research & development पर बड़ा निवेश करने की घोषणा की थी। कंपनी इन क्षेत्रों में लगभग ₹5,300 करोड़ निवेश कर रही है।
यह निवेश सिर्फ EV scooters के लिए नहीं बल्कि lithium-ion cells, battery packs, energy storage systems, home energy products जैसे segments को भी मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। कंपनी का “Ola Shakti” home energy storage system भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार की EV Policy 2.0 से मिल सकता है फायदा
Ola Electric की expansion strategy को केंद्र सरकार की संभावित EV Policy 2.0 से भी समर्थन मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर नई नीति लागू होती है, तो FY2028-29 से दिल्ली में केवल electric two-wheelers के registration की अनुमति दी जा सकती है।
अगर ऐसा होता है, तो EV demand तेजी से बढ़ सकती है, battery demand में उछाल आ सकता है, घरेलू cell manufacturing कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है
यानी Ola Electric का battery manufacturing expansion आने वाले regulatory बदलावों को ध्यान में रखकर भी देखा जा रहा है।
अप्रैल में मजबूत रही Ola की बिक्री
हाल के महीनों में Ola Electric की sales performance में भी सुधार देखने को मिला है। Vahan data के अनुसार अप्रैल 2026 में registrations बढ़कर 12,116 units पहुंच गए, मार्च 2026 में यह आंकड़ा 10,133 units था, sequential basis पर करीब 20% growth दर्ज की गई हालांकि EV मार्केट में competition लगातार बढ़ रहा है, लेकिन Ola अभी भी भारत के सबसे चर्चित EV brands में बनी हुई है।
शेयर प्रदर्शन अभी भी दबाव में
भले ही कंपनी expansion plans पर काम कर रही हो, लेकिन stock performance अभी भी कमजोर बना हुआ है।
Ola Electric Share Performance
- 1 साल में लगभग 30% गिरावट
- 2026 में अब तक करीब 4% कमजोरी
- पिछले 1 महीने में 5.8% गिरावट
- पिछले 5 trading sessions में 2.6% की बढ़त
कंपनी का:
- 52-week high: ₹71.25
- 52-week low: ₹22.25
- Market Cap: करीब ₹15,887 करोड़
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि Ola Electric अपने battery business को कितनी तेजी से commercial scale पर ले जा पाती है।
सिर्फ EV कंपनी नहीं, Energy Company बनने की कोशिश?
Ola Electric की मौजूदा रणनीति को केवल electric scooter business के विस्तार के रूप में नहीं देखा जा रहा। कंपनी धीरे-धीरे खुद को एक broader energy technology company के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
वैश्विक स्तर पर Tesla जैसी कंपनियां भी vehicle manufacturing से आगे बढ़कर battery ecosystem, charging infrastructure, energy storage पर फोकस कर रही हैं। Ola Electric भी उसी मॉडल की भारतीय कहानी लिखने की कोशिश करती दिख रही है।
हालांकि इस रास्ते में कई चुनौतियां भी हैं:
- भारी capital expenditure
- technology reliability
- battery safety concerns
- global competition
- profitability pressure
लेकिन अगर कंपनी battery manufacturing में मजबूत execution दिखा पाती है, तो आने वाले वर्षों में यह उसका सबसे बड़ा growth driver बन सकता है।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
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